Sunday, September 11, 2016

गायक और संगीतकार संदीप बत्रा ,गीतकार तनवीर ग़ाज़ी ,मोंटी शर्मा ,निर्देशक योगेश पगारे की हिंदी फिल्म एक था हीरो के ऑडियो रिलीज़ पर आये





गायक संदीप बत्रा जो फेम गुरुकुल म्यूजिकल शो में टॉप फाइनलिस्ट रहे थे , इन्होंने एक था हीरो फिल्म के ऑडियो रिलीज़ फंक्शन में  लाइव परफॉर्म किया। संदीप ने फिल्म का प्रमोशनल सांग आतिश गाया जिसे जाने - माने गीतकार तनवीर ग़ाज़ी ने लिखा है और जिसका संगीत खुद संदीप बत्रा ने दिया है। संदीप ने इस फिल्म में दो गाने गाये हैं मोंटी शर्मा के लिए। गीतकार तनवीर ग़ाज़ी ने आने वाली अमिताभ बच्चन की फिल्म पिंक के लिए भी गीत लिखे हैं। आयुष खेडेकर एक था हीरो में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

श्री राजपूत ,संचिति संकट ,एकता जैन और हर्षवर्धन जोशी गणपति बप्पा का आशिर्वाद लेने कई पंडाल गये



 मॉडल -एक्ट्रेस श्री राजपूत, गायिका संचिति संकट, एक्टर एकता जैन और हर्षवर्धन जोशी अलग - अलग गणपति पंडाल जाकर बप्पा का आशिर्वाद लिया। संचिति ने अपने नए एल्बम लव हुआ का गीत बप्पा का आशीर्वाद लेकर गाया। श्री राजपूत और हर्षवर्धन जोशी पहली बार मुम्बई में गणपति पंडाल में आये थे। बाद में ये सभी लोग आर जे दिलीप से मिलने बिग एफ एम स्टूडियो गए। परेल के गणेश गली , जी एस बी मंडल किंग सर्कल गये । 

Saturday, September 10, 2016

बड़े परदे पर चमकेगा अब विज्ञापन जगत का सितारा - हर्ष नागर

13 साल से 30 साल। फिल्म ‘लव डे’ की कहानी में 17 और असल ज़िंदगी में कॅरियर के सात साल की दिलचस्प यात्रा। दोस्ताना रिश्ते और रीयल से रील तक आते-आते अभिनेता हर्ष नागर के उतार-चढ़ाव और किस्मत के मिले-जुले रूप की अनोखी कहानी, जो किसी रोमांच से कम नहीं है। हर्ष का स्टारडम अपनी जगह कायम है। आखिर क्यों न हो! विज्ञापन की दुनिया में तो उन्होंने रणबीर कपूर, पुलकित सम्राट और सोनम कपूर जैसे स्टार्स के साथ काम करके स्टारडम की ऊंचाइयां देख ली हैं, पर रूपहले परदे की बुलंदी छूने का इंतज़ार है। फिल्म ‘लव डे’ रातों-रात उनकी तकदीर की तस्वीर बदल सकती है। सितारे बुलंद हों, तो अभिनय पर की गई मेहनत रंगत दिखा ही देती है। फिल्म ‘लव डे’ के तीन दोस्तों के बीच उनका किरदार हैरी अलग नज़र आता है। वह एक्शन नहीं, रिएक्शन देता है। नॉर्मल लाइफ जीने में ही उसे मज़ा आता है। वह मोंटी की तरह थोड़ा नेगेटिव नहीं है और न ही सैंडी की तरह कन्फ्यूज्ड रहता है। वह कुछ अलग हटकर है इसलिए ऐसे शख्स ही दुनिया को खास नज़र आते हैं। यह तो फिल्म देखकर ही तय होगा कि हर्ष दर्शकों के चेहरे पर कितना हर्ष या खुशी लाते हैं, पर फिल्म के प्रोमो में साफ दिखता है कि लड़के में दम है इसलिए तो सात साल के भीतर 50 से भी ज्यादा विज्ञापन फिल्में कर डालना चौंकाने वाली उपलब्धि से कम नही। 
     राजकुमार हिरानी से प्रेरित हैं निर्देशक हरीश कोटियान और संदीप चौधरी । इसलिए  रोते-रोते हंसाना और हंसते-हंसते रूला देना उनके ही निर्देशन का करिश्माई पहलू है, जिसे हर्ष अभिनय में भी आज़माना चाहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जब विज्ञापन जगत ने उनके दमखम को स्वीकार किया, तो फिल्म जगत भला क्यों बेरूखी दिखाएगा। टीनेजर्स लाइफ में ही उन्हें फिल्म ‘प्यार में कभी-कभी’ का स्टार्ट टू फिनिश कैरेक्टर मिल गया था, पर कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि अच्छा किरदार भी अच्छे दिन नहीं दिखा पाता। लेकिन हर बार तो ऐसा नहीं होगा। ‘लव डे’ में उनका किरदार इस बार दर्शकों का दिल जीतने आया है। उन्हें यह मैसेज या संदेश देने कि दोस्ती है तो उसे निभाना भी सीखो। झूठ की दोस्ती लंबे समय तक नहीं चलती। भले ही ‘लव डे’ के तीन दोस्त अलग-अलग विचारों के हैं, पर उन्हें प्यार ने एक सूत्र में बांध रखा है और यह फिल्म भी उसी तरह दर्शकों को बांधने का दम रख
ती है। बस, इंतज़ार खत्म होने वाला है।

मैंने बस "पीकू " देखी है --- एंड्रिया तारियांग

पहली हिंदी फिल्म वो भी अमिताभ बच्चन के साथ क्या किस्मत है पायी है शिलाँग की एंड्रिया तारियांग ने। एंड्रिया एक गायिका हैं साथ में गिटार भी बहुत अच्छा बजाती हैं।  एंड्रिया के पिता रूडी वल्लांग भी संगीत से जुड़े हुए हैं अपने पिता की तरह एंड्रिया भी अपने बैंड "लैवेंडर ग्रूव " के साथ परफॉर्म करती हैं अक्सर फिल्म "पिंक " में भी जब उन्हें थोड़ा भी समय मिलता था गिटार बजाती थी. एंड्रिया ने बताया कि "सभी मेरे संगीत को पसन्द करते थे और बच्चन सर भी आकर अपने फ़ोन से ड्रम बजाने लगते थे अपने फोन के ऍप से। "

एंड्रिया को  फिल्म "पिंक" कैसे मिली यह पूछने पर वो  बताती हैं ," कि मैंने और मेरी बहन दोनों ने ऑडिशन ने दिए थे इस फिल्म के , लेकिन मैं भूल गयी ऑडिशन देकर और अपने काम में बिजी हो गयी यह सोच कर कुछ होने तो वाला है नही क्योंकि यह हिंदी फिल्म है और मुझे हिंदी बिलकुल भी नही आती, बोलनी तो क्या समझ में भी बहुत कम आती है. लेकिन मैं चुन ली गयी। "

पहली ही हिंदी फिल्म और वो भी बिग बी के साथ क्या कभी सोचा था ? " नही कभी भी नही , मैं तो हिंदी फ़िल्में भी नही देखती और यहाँ काम वो भी बच्चन सर के साथ। " आप हिंदी फ़िल्में भी नही देखती तो क्या पिंक फिल्म करने से पहले पता था कि  बच्चन सर कौन हैं और हिंदी फिल्मों में उनका क्या मुकाम है ? "उन्हें कौन नही जानता वो लेजेंड हैं "

आपने कोई हिंदी देखी है बच्चन सर की ? "हाँ बस पीकू देखी है " . हिंदी भी नही आती तो कैसे फिल्म में काम किया ? मैं जो असली जिंदगी में हूँ वही मेरा किरदार है फिल्म में ,तो ज्यादा मुश्किलें नही आयी स्क्रिप्ट तो अंग्रेजी में ही होती है और फीलिंग्स की बात है तो महिलाओं की कहानी है इस फिल्म में , किसी भी जगह की महिला हो सब की फीलिंग एक सी ही होती है.

"पिंक " क्या है आप क्या सोचती हैं ? पिंक मतलब -- शक्ति , साहस , प्यार और शुद्धता। 

लव डे -- प्यार का दिन --- ३ दोस्तों के बीच प्यार और रिश्तों की कहानी

लव डे -- प्यार का दिन  - फिल्म के नाम से लगता है ऐसा लगता है कि हीरो - हीरोइन के बीच की कोई प्यारी सी रोमांटिक प्रेम कहानी होगी फिल्म में, लेकिन यह फिल्म रोमान्स की नही बल्कि ३ दोस्तों के बीच प्यार और रिश्तों की कहानी है जिसे आधुनिक भाषा में ब्रोमांस कहते हैं यानि पुरुषों के बीच अच्छे रिश्ते न - न गलत दिशा में मत भटकिये। साफ़ - सुथरी बचपन की दोस्ती जो बड़े होने पर भी नही बदलती और  हर सुख - दुःख में हमेशा एक दूसरे का साथ निभाती है । 

मुझे समझ नही आ रहा निर्माता - निर्देशक ने फिल्म का नाम लव डे -- प्यार का दिन  क्यों रखा होगा ? खैर क्यों अपना दिमाग ज्यादा चलाना।  निर्देशक है हरीश कोटियान और संदीप चौधरी , निर्माता हैं बलदेव सिंह बेदी।  तीन दोस्त हैं -- हर्ष नागर ,साहिल आनंद और एजाज खान। २३ सितंबर को
रिलीज़ हो रही है यह फिल्म। 

फिल्म "पिंक " का निर्देशक कौन ?


अगले सप्ताह रिलीज़ हो रही है बहुचर्चित फिल्म "पिंक " . महिलाओं को जिस तरह से अपने रोज़मर्रा के जीवन में छेड़ छाड़ की दुर्घटना से दो - चार होना पड़ता है उसी पर आधारित है यह फिल्म।  फिल्म चर्चित तो बहुत है क्योंकि एक तो इसका विषय ही ऐसा है उस पर फिल्म के निर्माता है शूजित सरकार , जी हाँ वही जिन्होंने यहाँ , विकी डोनर , मद्रास कैफे और पीकू जैसी फ़िल्में बनायीं हैं। 

बिग बी जैसे अभिनेता भी इस फिल्म में हैं तो चर्चा तो होनी ही चाहिये लेकिन बस फिल्म के निर्देशक का कहीं पता नही चल रहा कि कौन है और कहाँ है ? क्योंकि बस फिल्म के ट्रेलर रिलीज़ पर वो दिखाई दिये लेकिन वहाँ भी उन्हें कुछ भी बोलने का मौका नही दिया शूजित सरकार ने।  फिल्म के दूसरी निर्मात्री रश्मि शर्मा भी बोली फिल्म के सभी कलाकारों के साथ लेकिन बस निर्देशक अनिरुद्ध रॉय चौधरी कुछ भी नही बोले। फिल्म से जुडी किसी भी घटना के बारें में जब किसी ने कुछ पूछा भी तो उसका जवाब शूजित सरकार ने ही दिया। यही ख़ामियाजा भुगतना पड़ता है जब लोकप्रिय निर्देशक फिल्म का निर्माता बनता है वो खुद ही सब बोलता है और नये निर्देशक को बोलने का मौका नही देता। 

ऐसा ही कुछ हुआ था अमिताभ बच्चन की फिल्म "TE3N " में भी , क्योंकि इस फिल्म के निर्माता भी थे सुजॉय घोष , जिन्होंने "कहानी " जैसी फिल्म बनायी थी वो भी निर्देशक रिभुदास गुप्ता के साथ हर जगह नज़र आते थे लेकिन रिभुदास को बोलने का मौका तो मिलता था लेकिन यहाँ तो बेचारे निर्देशक अनिरुद्ध रॉय चौधरी कहीं भी नज़र नही आये।  हर जगह बिग बी के साथ शूजित ही शूजित हैं।  

समझ ही नही आ रहा की निर्देशक आखिर 


Thursday, September 1, 2016

ब्राईट के योगेश लखानी ने वरुण धवन की सेल्फ़ी


ब्राईट के योगेश लखानी जिन्होंने वरुण धवन के साथ फिल्म "दिलवाले" में एक छोटा सा किरदार किया था वो हाल में हुए एक इवेंट में वरुण से मिले जहाँ योगेश ने वरुण के साथ सेल्फी ली। 

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...