Thursday, April 8, 2021

"ऑफिस ऑफिस " के भाटिया जी यानि मनोज पाहवा

 अभिनेता मनोज पाहवा  ने यूँ तो सभी प्रकार की भूमिकायें अभिनीत की हैं लेकिन दर्शक उन्हें सबसे ज्यादा हास्य भूमिकाओं में पसंद करते हैं। आज भी दर्शक लोकप्रिय हास्य धारावाहिक   "ऑफिस ऑफिस " के भाटिया जी के नाम से उन्हें पहचानते हैं। थियेटर , टी वी और फिल्मों में सभी जगह काम कर चुके मनोज  का जन्म ८ दिसंबर १९६३ को दिल्ली में हुआ। पंजाबी परिवार में जन्में मनोज  की पढ़ाई नेशनल पब्लिक स्कूल ,दरयागंज दिल्ली  में हुई। इनके पिता पाकिस्तान से थे जबकि इनकी माताजी का सम्बन्ध उत्तर प्रदेश से था । जहाँ मनोज को कॉलेज के समय से ही अभिनय की ओर रुझान था वहीं इनके पिता को उनका अभिनय करना बिलकुल भी पसंद नहीं था। जब एक बार मनोज ने उनसे अभिनय को अपना पेशा का बनाने की बात की तो उन्होंने मनोज से कहा कि ,"क्या घर का धंधा छोड़कर भांड गिरी करोगे । " 


 ७० से भी अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके मनोज दिल्ली में अपने शुरुआती दौर में रामलीला किया करते थे।  बस यहीं से उनका अभिनय की ओर रुझान शुरू हुआ। यही रुझान उन्हें थियेटर की ओर ले गया। थियेटर में काम करने के दौरान ही उन्हें मौका मिला सबसे पहले और लोकप्रिय धारावाहिक हम लोग ( १९८४ -८५ ) में काम करने का। थियेटर में काम करने के दौरान ही उनकी मुलाक़ात "हम लोग " धारावाहिक की बड़की यानि सीमा भार्गव से हुई।  पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्रेम और फिर सन १९८८ में दोनों ने विवाह कर लिया। आज मनोज की पत्नी सीमा और बेटा मयंक और बेटी मनुकृति मिलकर "कोंपल " नामक थियेटर ग्रुप चला रहे हैं।  

२५० - ३०० के करीब एड फिल्मों में भी काम कर चुके मनोज पाहवा ने दिल्ली में तो अनेक नाटकों में काम किया और फिर अपने सपनों की उड़ान लिए अपने अभिनय के जूनून को पूरा करने के लिये माया नगरी मुंबई की तरफ उन्होंने अपने कदम बढ़ाये। मुंबई आते ही उन्हें सबसे पहले १९९५ में "शांति" धारावाहिक में काम मिला। इसके बाद मनोज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।  उन्होंने एक के बाद एक १९९६ में जस्ट मोहब्बत १९९७ में सब गोलमाल है और सी हॉक्स १९९८ में गुदगुदी २००१ में ऑफिस ऑफिस २००२ में इक्का बेगम बादशाह ,बोल बेबी बोल २००५ में एल ओ सी २००९ में ओह डॉलिंग ये है इंडिया २०१५ में दफा ४२० आदि धारावाहिकों में काम किया।  पिछले दिनों विक्रम सेठ के उपन्यास पर आधारित वेब सीरीज  "ए सूटेबल बॉय " में एक राजा का किरदार भी मनोज ने अभिनीत किया है जो कि दर्शकों को बेहद पसंद आ रहा है। 



टी वी के साथ ही उनका फ़िल्मी सफर भी शुरू हुआ।  १९९६ में उनकी पहली फिल्म आयी "तेरे मेरे सपने। " इसके बाद तो उन्होंने अनेको फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में हैं --  इस रात की सुबह नहीं , आर या पार, सत्या , ताल , जोश ,हे राम , तुम बिन , आपको पहले भी कहीं देखा है ,कुछ तो है , नाच , मुसाफिर ,साढ़े सात फेरे , बींग सायरस , तथास्तु , डरना जरूरी है , सलामे इश्क ,वन टू थ्री , टशन ,सिंह इज किंग , आलू चाट ,वांटेड , संकट सिटी ,डू नॉट डिस्टर्ब , लंदन ड्रीम्स ,हॉउस फुल ,चला मुसद्दी : ऑफिस ऑफिस ,मौसम , रेडी , खाप, दबंग - २ , जॉली एल एल बी ,वॉर छोड़ ना  यार , साहेब सिंह ग्रेट ,डेढ़ इश्किया ,जुड़वाँ - २ , शादी में आना जरूर , मुल्क, मैं तेरा हीरो , दिल धड़कने दो ,टोटल धमाल , स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर - २ , आर्टिकल -१५, हॉउस फुल - ४ , स्ट्रीट डांसर थ्री डी ,सूरज पर मंगल भारी , राम प्रसाद की तेरहवीं आदि ।  हिंदी फिल्मों के  साथ ही उन्होंने २ पंजाबी और १ तमिल फिल्म में भी काम किया है। 

जहां तक हम मनोज के हास्य अभिनय की बात करें तो उन्होंने टी वी और फिल्मों दोनों ही जगह दर्शकों को बहुत हँसाया है। अगर हम उनके हास्य धारावहिक "ऑफिस ऑफिस  " की बात करें तो आज भी जैसे ही दर्शक उन्हें परदे पर देखते हैं, हँसने लग जाते हैं  क्योंकि उनके बोलने का अंदाज़ ही कुछ ऐसा है। संवाद बोलने के साथ - साथ जिस तरह से उनके समोसे - कचौड़ी खाने का शौक दिखाया है वो भी दर्शकों को बहुत पसंद आता है। इसी तरह गुदगुदी और एल ओ सी दोनों में ही उन्होंने दर्शकों को हँसने पर मजबूर किया। फिल्मों में भी उन्होंने अपने हास्य अभिनय से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कुराहट लायी है। फिल्म "वांटेड" में उन्होंने सोनू के किरदार में दर्शकों को बहुत हँसाया। आज  भी जब इस फिल्म को देखते हैं तो सोनू के किरदार को देखकर बहुत हँसी आती है। फिल्म "साढ़े सात फेरे " में पुलिस वाले की  भूमिका में भी मनोज ने दर्शकों को बहुत हँसाया है।  इसी तरह उन्होंने धमाल , टोटल धमाल ,वन टू थ्री ,चालीस चौरासी ,वॉर छोड़ न यार ,ओ तेरी , हॉउस फुल , हॉउस फुल - ४  आदि फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन  किया है। 

अपने हास्य किरदारों के बारें में उनका कहना है , "जब मैं दिल्ली से मुंबई आया था तो मैं मुझे यह मालूम था कि मुझे फिल्मों  में हीरो की भूमिका नहीं मिलेगी तो मुझे मेरे  भारी को शरीर देखकर जो भूमिकायें मिली मैंने वो अभिनीत की और दर्शकों को हँसाया।  मैं इससे संतुष्ट हूँ लेकिन अब पिछली फिल्मों में मैंने हास्य के अलावा कुछ गंभीर और कुछ खलनायक की भूमिकायें भी की हैं दर्शकों को मेरी वो भूमिकायें भी पसंद आ रही है मैं उनसे भी खुश हूँ। " 



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लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो "लुट गये "

 इन दिनों अभिनेता इमरान हाशमी का एक म्यूजिक वीडियो " लुट गये " काफी लोकप्रिय हो रहा है। टी सीरीज द्वारा रिलीज़ किये गये इस वीडियो को निर्देशित किया है फिल्म निर्देशिका राधिका राव ने । जिन्होंने अनेकों लोकप्रिय  म्यूजिक वीडियो को निर्देशित किये हैं।  किन्ना सोना ,गुड़ नाल इश्क़ मिठा , याद पिया की आने लगी ,जानम समझा करो ,मैंने पायल है झंकाई ,डूबा डूबा , मेरी चुनर उड़ उड़ जाये ,वो चली वो चली , चाँदी जैसा रंग है तेरा जैसे अनेकों हिट वीडियो उन्होंने बनायें हैं। "लुट गये " गीत को लिखा है मनोज मुन्तशिर ने और गीत को अपनी आवाज़ दी है लोकप्रिय गायक जुबीन नौटियाल ने।   इमरान हाशमी के साथ इसमें काम किया है युक्ति थरेजा ने, जिन्होंने २०१९ में एम टी वी सुपर मॉडल ऑफ़ द ईयर में हिस्सा लिया और लोकप्रिय हुई।  इस वीडियो में इमरान हाशमी एक पुलिस वाले बने हैं जो गुंडों से बचते बचाते होटल के ऐसे कमरे में जा पंहुचते हैं जिसमें एक लड़की दुल्हन के कपड़ों में है। दर्शकों को बेहद आ रहा है यह म्यूजिक वीडियो और इमरान हाशमी।  इससे पहले भी २०१५ में  टी सीरीज ने एक म्यूजिक वीडियो  रिलीज़ किया था अरमान मलिक का "मैं रहूँ या न रहूँ " इसमें भी इमरान ने काम किया था। 


Monday, April 5, 2021

खूबसूरत खलनायिका शशिकला

 

१०० के करीब हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुकी अपने जमाने के बेहद खूबसूरत खलनायिका शशिकला का ४ अप्रैल को निधन हो गया है। मराठी परिवार से तालुकात रखने वाली शशिकला का पूरा नाम शशिकला जावलकर था। इनका जन्म ४ अगस्त १९३२ को हुआ था।  शशिकला की पहली फिल्म "जीनत" थी।  जिसे नूर जहां के पति शौकत रिजवी ने बनाया था।  इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्मों में काम किया। फिल्मों में कामयाबी मिलने के बाद शशिकला ने एक्टर के एल सहगल के रिलेटिव ओम प्रकाश सहगल से शादी कर ली। कुछ वक्त दोनों का काफी अच्छा गुजरा। इस दौरान शशिकला ने दो बेटियों को भी जन्म दिया। 

यूँ तो शशिकला ने अनेकों फिल्मों में काम किया लेकिन उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में हैं --  तीन बत्ती चार रास्ता, हमजोली, सरगम,  नीलकमल, अनुपमा , सुजाता , आरती , पत्थर के फूल ,गुमराह , देवर , आरजू ,संगम ,जंगली, हरियाली और रास्ता , अनपढ़ ,हिमालय की गोद में ,आई मिलन की बेला  ,वक्त ,तीन बहूरानियाँ , सास भी कभी बहू थी ,छोटे सरकार , अमानत , स्वामी , दुल्हन वही जो पिया मन भाये ,सरगम , रॉकी ,आहिस्ता आहिस्ता , सौतन , तवायफ , अर्जुन , दादागिरी ,लहू के दो रंग , महाराजा , बादशाह' चोरी चोरी, परदेस, कभी ख़ुशी कभी गम आदि।  
फिल्मों के अलावा उन्होंने कुछ टी वी धारावाहिकों में भी काम किया। लोकप्रिय धारावाहिक "सोनपरी " में फ्रूटी की दादी की भूमिका में उन्होंने बहुत लोकप्रियता हासिल की। हालाँकि शशिकला ने लगभग सभी फिल्मों में खलनायिका की भूमिका अभिनीत की लेकिन फिर भी  फिल्म की नायिका से भी खूबसूरत नज़र आती थी।  

Wednesday, March 31, 2021

सनी देओल के दूसरे बेटे राजवीर भी फिल्मों में

 अभिनेता सनी देओल के दूसरे बेटे राजवीर को भी दर्शक जल्दी ही परदे पर अभिनय करते हुए देख सकेेंगे क्योंकि वो राजश्री प्रोडक्शन की फ़िल्म में काम करेंगे। इस बार सनी ने वो गलती नहीं दोहरायी जो उन्होंने अपने बड़े बेटेे करन देेओल के समय की थी यानि फ़िल्म 'पल पल दिल के पास' का निर्देशन उन्होंने खुद किया था और अंजाम के बारे मे आप सभी को मालूम है। राजवीर की इस फ़िल्म को निर्देशित करेंगे सूरज बड़जात्या के बेटे अवनीश । अवनीश की भी यह पहली फिल्म है

Tuesday, March 30, 2021

अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी अभिनीत बहु-प्रतीक्षित मिस्ट्री-थ्रिलर ‘चेहरे’ कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच टली*

*आनंद पंडित की अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी अभिनीत बहु-प्रतीक्षित मिस्ट्री-थ्रिलर ‘चेहरे’ कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच टली*
 
 रूमी जाफरी द्वारा निर्देशित आनंद पंडित की फिल्म ‘चेहरे’ को न सिर्फ दर्शकों की बल्कि आलोचकों की तरफ से भी जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है। इस फिल्म को बनाने वालों ने जबसे फिल्म के पोस्टर, टीजर और ट्रेलर रिलीज किए हैं, तभी से पहली बार साथ आए इन प्रभावशाली कलाकारों का बड़े परदे पर कमाल देखने की उत्सुकता दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है।
 
पिछले साल लॉकडाउन होने के बाद से कई फिल्म-निर्माता 2021 में अपनी आगामी फिल्में रिलीज होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। हालांकि थिएटर और दूसरे प्रतिष्ठान अब पूरे देश में निर्बाध रूप से संचालित किए जा रहे हैं, इसके बावजूद कोविड-19 के मामलों में अचानक हुई वृद्धि चिंता का विषय बन गई है। देश के सामने पैदा हुए मौजूदा हालात और प्रशंसकों/दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आनंद पंडित मोशन पिक्चर्स ने अपनी बहु-प्रतीक्षित फिल्म ‘चेहरे’ की रिलीज को स्थगित करने का फैसला किया है।
 
अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी की मुख्य भूमिकाओं वाली यह मिस्ट्री-थ्रिलर 9 अप्रैल, 2021 को रिलीज होने वाली थी। मगर अब फिल्म को आगे टाल दिया गया है और इसके रिलीज होने की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।
 
इस फैसले के बारे में बात करते हुए निर्माता आनंद पंडित ने कहा, "मौजूदा हालात के मद्देनजर तथा अपने प्रशंसकों और दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जो हमारे लिए सर्वोपरि है, हमने अपनी फिल्म ‘चेहरे’ को पोस्टपोन करने का फैसला किया है। हमारी टीम ने इस सिनेमा को बेहद दर्शनीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और हम थिएटरों में अपने दर्शकों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।“
 
आनंद पंडित मोशन पिक्चर्स एवं सरस्वती इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित तथा रूमी जाफरी द्वारा निर्देशित ‘चेहरे’ में अन्नू कपूर, क्रिस्टल डिसूजा, धृतिमान चटर्जी, रघुवीर यादव, सिद्धांत कपूर और रिया चक्रवर्ती ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं।

Friday, March 26, 2021

हिंदी फिल्म -- सायना

हिंदी फिल्म -- सायना 
रिलीज़ --  २६ मार्च 
बैनर -- टी सीरीज फिल्म्स और फ्रंट फुट पिक्चर्स 
निर्माता -- भूषण कुमार, कृष्ण कुमार , सुजॉय जयराज , रशेष शाह 
लेखक और निर्देशक -- अमोल गुप्ते 
कलाकार -- परिणीति चोपड़ा, मानव कॉल , मेघना मलिक 
संगीत -- अमाल मलिक  
गीत -- मनोज मुन्तशिर , कुणाल वर्मा 
आवाज़ -- अमाल मलिक , अरमान मलिक , श्रेया घोषाल 

बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जिंदगी पर बनी इस फिल्म में अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने सायना की भूमिका अभिनीत की है। परिणीति से पहले अभिनेत्री श्रद्धा कपूर इस फिल्म को करने वाली थी।  श्रद्धा ने कुछ दिनों बैडमिंटन खेलने का अभ्यास भी किया था लेकिन फिर बाद व्यस्तताओं के चलते उन्होंने इस फिल्म को छोड़ दिया था बाद में इस फिल्म में परिणीति चोपड़ा ने मुख्य भूमिका अभिनीत की। इस साल परिणीति की रिलीज़ होने वाली यह तीसरी फिल्म है। सबसे पहले नेटफ्लिक्स पर द गर्ल ऑन द ट्रेन रिलीज़ हुई। थियेटर में १८ मार्च को रिलीज़ हुई  यशराज बैनर की फ़िल्म "संदीप और पिंकी फ़रार। "

एक अभिनेता , लेखक और निर्देशक अमोल गुप्ते सबसे पहले लोगो की निगाह में आये अभिनेता आमिर खान की फिल्म "तारे जमीन पर " को लेकर। इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था। कहा जाता है कि पहले वो ही फिल्म को  निर्देशित कर रहे थे लेकिन बाद में निर्देशन की कमान आमिर खान  ने खुद अपने हाथ में ले ली और उन्हें बाहर का रास्ता दिया। एक निर्देशक के रूप में अमोल ने  फिल्म -स्टेनले  का डिब्बा, हवा हवाई ,स्निफ्फ  फ़िल्में निर्देशित की हैं और एक अभिनेता के रूप में उन्होंने होली , जो जीता वही  सिकन्दर, कमीने  , फँस गया रे ओबामा ,उर्मि ,स्टेनले  का डिब्बा,  भेजा फ्राई , सिंघम रिटर्न्स ,एक तारा ,स्निफ्फ, मुंबई सागा आदि फिल्मों में काम किया है। 


यह फिल्म "सायना " स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जिंदगी की कहानी है। इस फिल्म में उनकी हार, जीत , हौंसला और बैडमिंटन सीखने की लगन सभी कुछ दिखाया है।  किस तरह एक छोटी से बच्ची बैडमिंटन सीखने के लिये  रोज अपने पिता के स्कूटर पर २५ किलोमीटर जाती है । माँ - बाप के मेहनत और सायना  की लगन  दोनों मिलकर एक साधारण से बच्ची को असाधारण बना देते हैं। फिल्म की शुरुआत होती है नन्ही सायना के बैडमिंटन अकेडमी में दाखिले से। माँ की यह नसीहत कि "रास्ता चुनना नहीं रास्ता बनाना है" नन्ही सायना की कामयाबी का सूत्र बन जाता है।  सायना की माँ की भूमिका में है अभिनेत्री मेघना मलिक और उनके कोच  पुलेले गोपीचंद की भूमिका में हैं अभिनेता मानव कौल।

Wednesday, March 24, 2021

कॉमेडी सुपर स्टार लक्ष्मीकांत बेर्डे


मराठी सिनेमा में कॉमेडी सुपर स्टार के नाम से लोकप्रिय अभिनेता लक्ष्मीकांत बेर्डे  ने अनेकों मराठी और हिंदी फिल्मों में अभिनय करके दर्शकों का मनोरंजन किया है। दर्शक उन्हें हमेशा उनकी कॉमिक टाइमिंग की वजह से जानते हैं। अभिनेता सलमान की दूसरी फिल्म "मैंने प्यार किया " (१९८९ ) में उन्होंने बहुत ही शानदार काम किया। हिंदी फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनय के लिए फिल्म फेयर अवार्ड में उनका ४ बार नामांकन भी हुआ।

बहुत ही बेहतरीन अभिनेता लक्ष्मीकांत बेर्डे का जन्म  २६ अक्टूबर १९५४ को रत्नागिरि , मुंबई में बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था। बचपन में अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए वो लॉटरी के टिकट भी बेचा करते थे। झुग्गी में रहने वाले लक्ष्मी को बचपन से ही अभिनय का बहुत ही शौक था। वो गणेश महोत्सव में होने वाले समारोह में डांस और अभिनय किया करते थे। इंटर स्कूल और इंटर कॉलेज में होने वाले नाटकों की प्रतियोगिताओं में वो हिस्सा लेते और पुरस्कार भी जीतते। बाद में वो  मुंबई मराठी सहित्य संघ में काम करने लगे। जिससे वो अपने अभिनय के जूनून को कायम रख  सकें । कुछ नाटकों में छोटी - मोटी भूमिकायें करने के बाद उनके हिस्से आया नाटक " टूर टूर। "  १९८३ -८४ में हुआ उनका यह नाटक बहुत ही सफल रहा। इस नाटक में उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब हँसाया। 

८० - ९० के दशक में जब अच्छे अभिनेताओं का  मराठी सिनेमा में एक अभाव सा था। उस समय लक्ष्मीकांत ने जैसे मराठी सिनेमा को नया जीवन दिया। उन्होंने अभिनेता अशोक सराफ के साथ मिलकर करीब १५ सालों तक मराठी सिनेमा में  राज किया।  उन्होंने १९८५ में "लेक चालली सासरला  " नाम की  मराठी फिल्म से अपनी शुरुआत की। १९८४ में ही उन्होंने और महेश कोठारे ने एक साथ फिल्म "धूम धड़ाका "  में काम किया। इसके बाद १९८७ में दे दनादन " में दोनों ने साथ काम किया और इन दोनों ही फिल्मों में लक्ष्मीकांत  ने अपने  हास्य अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया।  इसके बाद आयी १९८८ में एक फिल्म "अशी ही बनवा बनवी " जो कि  निर्देशक  हृषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘बीवी और मकान’ की रीमेक फिल्म थी।  सचिन पिलगांवकर द्वारा निर्देशित इस  फिल्म में लक्ष्मीकांत ने एक युवती की भूमिका अभिनीत की। कहते हैं कि वैसे तो फ़िल्मी पर्दे पर बहुत से अभिनेताओं ने महिला की भूमिका अभिनीत की है लेकिन जिस ख़ूबसूरती से , जिस गरिमा से उन्होंने महिला के किरदार को अभिनीत किया वैसा शायद ही किसी ने अभिनीत किया हो। इस फिल्म में उनके साथ फिल्म में कई बड़े कलाकार थे जिनमें खुद सचिन पिलगांवकर , अशोक सराफ , सुप्रिया पिलगांवकर, अश्विनी भावे , सिद्धार्थ रे आदि। इस फिल्म से  अशोक सराफ और लक्ष्मीकांत बेर्डे की जो दोस्ती शुरू हुई वो कभी ख़त्म नहीं हुई बल्कि लक्ष्मीकांत ही अशोक सराफ और  अपने सभी चाहने वालों को अपनी किडनी की बिमारी की वजह से १६ दिसंबर २००४ को हमेशा के लिए अकेला छोड़ कर चले गये। 

१८५ के करीब हिंदी और मराठी फिल्मों में काम कर चुके लक्ष्मीकांत बेर्डे ने १८८५ से लेकर २००० तक अनेकों ब्लॉक बस्टर मराठी फिल्मों में काम किया।उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में हैं -- आम्ही दोघे राजा रानी , हमाल दे धमाल , बाळाचे बाप ब्रह्चारी ,एका पेक्षा एक ,भूतचा भाऊ ,थरथरात ,धडाकेबाज़ और जपतीला आदि। १९८३ में लक्ष्मीकांत ने नाटकों में काम करना शुरू किया। उनका पहला नाटक "टूर टूर "बहुत सफल हुआ। थियेटर में बहुत ही लोकप्रिय थे लक्ष्मी। उनके बारें में उनके चाहने वाले कहते हैं कि ,"मराठी सिनेमा में  तो उन्होंने बहुत ही गरिमा के साथ काम किया साथ ही नाटक जो कि उनका  पहला प्यार थे उन्हें भी लोकप्रिय बनाने में उन्होंने कोई कसर  नहीं छोड़ी। विजय तेंडुलकर के महान नाटक ‘शांतता कोर्ट चालू आहे’ के टाइटल की तर्ज पर बना कॉमेडी नाटक ‘शांतेचं कार्ट चालू आहे’ और  ‘बिघडले स्वर्गाचे दार’ आदि  नाटकों को दर्शक आज भी याद करते हैं। अभिनय से उन्हें बहुत लगाव था इसीलिए उन्होंने अपने बेटे का नाम भी अभिनय ही रखा। उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी का नाम अपने बेटे अभिनय के नाम पर "अभिनय आर्ट्स " रखा था। मराठी फिल्मो , थियेटर के अलावा उन्होंने मराठी धारावाहिकों में नास्ति आफत और गजरा में भी अभिनय किया था। 

हिंदी फिल्मों में लक्ष्मीकांत की शुरुआत हुई १९८९ में सूरज बड़जात्या की फिल्म "मैंने प्यार किया " से। सूरज बड़जात्या की ही दूसरी फिल्म "हम आपके हैं कौन " में उनका बहुत ही अच्छा काम था। १९९४ में आयी इस फिल्म में उनके किरदार का नाम लल्लू प्रसाद था। घर के एक मुख्य सदस्य की भूमिका थी उनकी।  दर्शकों में खासा लोकप्रिय हो गए थे लक्ष्मी इस फिल्म से। उन्होने  लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में इस प्रकार हैं  --- साजन , अनाड़ी , क्रिमिनल ,  १०० डेज , बेटा ,दिल का क्या कसूर, दीदार , आरजू ,अनाम , गीत ,आदमी खिलौना है , सैनिक , संतान , द जेंटलमैन ,हथकड़ी, मासूम ,हमेशा , ज़ोर , दिल क्या करे , आग ही आग ,जानम समझा करो , राजा जी , प्यार दीवाना होता है , हम तुम्हारे हैं सनम , इंसान और मेरी बीवी का जवाब नहीं।

लक्ष्मीकांत ने  दो शादियां की थी।  उनकी पहली पत्नी रूही बेर्डे थी। १९९५ में दोनों का तलाक हो गया। बाद में उन्होंने अपनी सह-कलाकार प्रिया अरुण से शादी कर ली। दोनों के दो बच्चे हैं।

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...