Friday, March 26, 2021

हिंदी फिल्म -- सायना

हिंदी फिल्म -- सायना 
रिलीज़ --  २६ मार्च 
बैनर -- टी सीरीज फिल्म्स और फ्रंट फुट पिक्चर्स 
निर्माता -- भूषण कुमार, कृष्ण कुमार , सुजॉय जयराज , रशेष शाह 
लेखक और निर्देशक -- अमोल गुप्ते 
कलाकार -- परिणीति चोपड़ा, मानव कॉल , मेघना मलिक 
संगीत -- अमाल मलिक  
गीत -- मनोज मुन्तशिर , कुणाल वर्मा 
आवाज़ -- अमाल मलिक , अरमान मलिक , श्रेया घोषाल 

बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जिंदगी पर बनी इस फिल्म में अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने सायना की भूमिका अभिनीत की है। परिणीति से पहले अभिनेत्री श्रद्धा कपूर इस फिल्म को करने वाली थी।  श्रद्धा ने कुछ दिनों बैडमिंटन खेलने का अभ्यास भी किया था लेकिन फिर बाद व्यस्तताओं के चलते उन्होंने इस फिल्म को छोड़ दिया था बाद में इस फिल्म में परिणीति चोपड़ा ने मुख्य भूमिका अभिनीत की। इस साल परिणीति की रिलीज़ होने वाली यह तीसरी फिल्म है। सबसे पहले नेटफ्लिक्स पर द गर्ल ऑन द ट्रेन रिलीज़ हुई। थियेटर में १८ मार्च को रिलीज़ हुई  यशराज बैनर की फ़िल्म "संदीप और पिंकी फ़रार। "

एक अभिनेता , लेखक और निर्देशक अमोल गुप्ते सबसे पहले लोगो की निगाह में आये अभिनेता आमिर खान की फिल्म "तारे जमीन पर " को लेकर। इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था। कहा जाता है कि पहले वो ही फिल्म को  निर्देशित कर रहे थे लेकिन बाद में निर्देशन की कमान आमिर खान  ने खुद अपने हाथ में ले ली और उन्हें बाहर का रास्ता दिया। एक निर्देशक के रूप में अमोल ने  फिल्म -स्टेनले  का डिब्बा, हवा हवाई ,स्निफ्फ  फ़िल्में निर्देशित की हैं और एक अभिनेता के रूप में उन्होंने होली , जो जीता वही  सिकन्दर, कमीने  , फँस गया रे ओबामा ,उर्मि ,स्टेनले  का डिब्बा,  भेजा फ्राई , सिंघम रिटर्न्स ,एक तारा ,स्निफ्फ, मुंबई सागा आदि फिल्मों में काम किया है। 


यह फिल्म "सायना " स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल की जिंदगी की कहानी है। इस फिल्म में उनकी हार, जीत , हौंसला और बैडमिंटन सीखने की लगन सभी कुछ दिखाया है।  किस तरह एक छोटी से बच्ची बैडमिंटन सीखने के लिये  रोज अपने पिता के स्कूटर पर २५ किलोमीटर जाती है । माँ - बाप के मेहनत और सायना  की लगन  दोनों मिलकर एक साधारण से बच्ची को असाधारण बना देते हैं। फिल्म की शुरुआत होती है नन्ही सायना के बैडमिंटन अकेडमी में दाखिले से। माँ की यह नसीहत कि "रास्ता चुनना नहीं रास्ता बनाना है" नन्ही सायना की कामयाबी का सूत्र बन जाता है।  सायना की माँ की भूमिका में है अभिनेत्री मेघना मलिक और उनके कोच  पुलेले गोपीचंद की भूमिका में हैं अभिनेता मानव कौल।

Wednesday, March 24, 2021

कॉमेडी सुपर स्टार लक्ष्मीकांत बेर्डे


मराठी सिनेमा में कॉमेडी सुपर स्टार के नाम से लोकप्रिय अभिनेता लक्ष्मीकांत बेर्डे  ने अनेकों मराठी और हिंदी फिल्मों में अभिनय करके दर्शकों का मनोरंजन किया है। दर्शक उन्हें हमेशा उनकी कॉमिक टाइमिंग की वजह से जानते हैं। अभिनेता सलमान की दूसरी फिल्म "मैंने प्यार किया " (१९८९ ) में उन्होंने बहुत ही शानदार काम किया। हिंदी फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनय के लिए फिल्म फेयर अवार्ड में उनका ४ बार नामांकन भी हुआ।

बहुत ही बेहतरीन अभिनेता लक्ष्मीकांत बेर्डे का जन्म  २६ अक्टूबर १९५४ को रत्नागिरि , मुंबई में बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था। बचपन में अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए वो लॉटरी के टिकट भी बेचा करते थे। झुग्गी में रहने वाले लक्ष्मी को बचपन से ही अभिनय का बहुत ही शौक था। वो गणेश महोत्सव में होने वाले समारोह में डांस और अभिनय किया करते थे। इंटर स्कूल और इंटर कॉलेज में होने वाले नाटकों की प्रतियोगिताओं में वो हिस्सा लेते और पुरस्कार भी जीतते। बाद में वो  मुंबई मराठी सहित्य संघ में काम करने लगे। जिससे वो अपने अभिनय के जूनून को कायम रख  सकें । कुछ नाटकों में छोटी - मोटी भूमिकायें करने के बाद उनके हिस्से आया नाटक " टूर टूर। "  १९८३ -८४ में हुआ उनका यह नाटक बहुत ही सफल रहा। इस नाटक में उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब हँसाया। 

८० - ९० के दशक में जब अच्छे अभिनेताओं का  मराठी सिनेमा में एक अभाव सा था। उस समय लक्ष्मीकांत ने जैसे मराठी सिनेमा को नया जीवन दिया। उन्होंने अभिनेता अशोक सराफ के साथ मिलकर करीब १५ सालों तक मराठी सिनेमा में  राज किया।  उन्होंने १९८५ में "लेक चालली सासरला  " नाम की  मराठी फिल्म से अपनी शुरुआत की। १९८४ में ही उन्होंने और महेश कोठारे ने एक साथ फिल्म "धूम धड़ाका "  में काम किया। इसके बाद १९८७ में दे दनादन " में दोनों ने साथ काम किया और इन दोनों ही फिल्मों में लक्ष्मीकांत  ने अपने  हास्य अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया।  इसके बाद आयी १९८८ में एक फिल्म "अशी ही बनवा बनवी " जो कि  निर्देशक  हृषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘बीवी और मकान’ की रीमेक फिल्म थी।  सचिन पिलगांवकर द्वारा निर्देशित इस  फिल्म में लक्ष्मीकांत ने एक युवती की भूमिका अभिनीत की। कहते हैं कि वैसे तो फ़िल्मी पर्दे पर बहुत से अभिनेताओं ने महिला की भूमिका अभिनीत की है लेकिन जिस ख़ूबसूरती से , जिस गरिमा से उन्होंने महिला के किरदार को अभिनीत किया वैसा शायद ही किसी ने अभिनीत किया हो। इस फिल्म में उनके साथ फिल्म में कई बड़े कलाकार थे जिनमें खुद सचिन पिलगांवकर , अशोक सराफ , सुप्रिया पिलगांवकर, अश्विनी भावे , सिद्धार्थ रे आदि। इस फिल्म से  अशोक सराफ और लक्ष्मीकांत बेर्डे की जो दोस्ती शुरू हुई वो कभी ख़त्म नहीं हुई बल्कि लक्ष्मीकांत ही अशोक सराफ और  अपने सभी चाहने वालों को अपनी किडनी की बिमारी की वजह से १६ दिसंबर २००४ को हमेशा के लिए अकेला छोड़ कर चले गये। 

१८५ के करीब हिंदी और मराठी फिल्मों में काम कर चुके लक्ष्मीकांत बेर्डे ने १८८५ से लेकर २००० तक अनेकों ब्लॉक बस्टर मराठी फिल्मों में काम किया।उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में हैं -- आम्ही दोघे राजा रानी , हमाल दे धमाल , बाळाचे बाप ब्रह्चारी ,एका पेक्षा एक ,भूतचा भाऊ ,थरथरात ,धडाकेबाज़ और जपतीला आदि। १९८३ में लक्ष्मीकांत ने नाटकों में काम करना शुरू किया। उनका पहला नाटक "टूर टूर "बहुत सफल हुआ। थियेटर में बहुत ही लोकप्रिय थे लक्ष्मी। उनके बारें में उनके चाहने वाले कहते हैं कि ,"मराठी सिनेमा में  तो उन्होंने बहुत ही गरिमा के साथ काम किया साथ ही नाटक जो कि उनका  पहला प्यार थे उन्हें भी लोकप्रिय बनाने में उन्होंने कोई कसर  नहीं छोड़ी। विजय तेंडुलकर के महान नाटक ‘शांतता कोर्ट चालू आहे’ के टाइटल की तर्ज पर बना कॉमेडी नाटक ‘शांतेचं कार्ट चालू आहे’ और  ‘बिघडले स्वर्गाचे दार’ आदि  नाटकों को दर्शक आज भी याद करते हैं। अभिनय से उन्हें बहुत लगाव था इसीलिए उन्होंने अपने बेटे का नाम भी अभिनय ही रखा। उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी का नाम अपने बेटे अभिनय के नाम पर "अभिनय आर्ट्स " रखा था। मराठी फिल्मो , थियेटर के अलावा उन्होंने मराठी धारावाहिकों में नास्ति आफत और गजरा में भी अभिनय किया था। 

हिंदी फिल्मों में लक्ष्मीकांत की शुरुआत हुई १९८९ में सूरज बड़जात्या की फिल्म "मैंने प्यार किया " से। सूरज बड़जात्या की ही दूसरी फिल्म "हम आपके हैं कौन " में उनका बहुत ही अच्छा काम था। १९९४ में आयी इस फिल्म में उनके किरदार का नाम लल्लू प्रसाद था। घर के एक मुख्य सदस्य की भूमिका थी उनकी।  दर्शकों में खासा लोकप्रिय हो गए थे लक्ष्मी इस फिल्म से। उन्होने  लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में इस प्रकार हैं  --- साजन , अनाड़ी , क्रिमिनल ,  १०० डेज , बेटा ,दिल का क्या कसूर, दीदार , आरजू ,अनाम , गीत ,आदमी खिलौना है , सैनिक , संतान , द जेंटलमैन ,हथकड़ी, मासूम ,हमेशा , ज़ोर , दिल क्या करे , आग ही आग ,जानम समझा करो , राजा जी , प्यार दीवाना होता है , हम तुम्हारे हैं सनम , इंसान और मेरी बीवी का जवाब नहीं।

लक्ष्मीकांत ने  दो शादियां की थी।  उनकी पहली पत्नी रूही बेर्डे थी। १९९५ में दोनों का तलाक हो गया। बाद में उन्होंने अपनी सह-कलाकार प्रिया अरुण से शादी कर ली। दोनों के दो बच्चे हैं।

Tuesday, February 23, 2021

आज भी भारती को थियेटर करना बहुत पसंद है

 अभिनेत्री भारती आचरेकर के अभिनय ने हम सभी को बहुत प्रभावित किया है चाहे वो लोकप्रिय धारावाहिक  "सोन परी" की स्ट्रिक्ट स्कूल प्रिंसिपल की भूमिका हो या "वागले की दुनिया" की राधिका वागले की भूमिका हो या धारावाहिक "सुमित संभाल लेगा " की मॉडर्न सास डॉली की भूमिका हो या हास्य धारावाहिक "चिड़िया घर "  में बुआ का किरदार हो। वैसे तो सभी किरदारों में उन्होंने हमेशा ही दर्शकों का मनोरंजन किया है लेकिन दर्शक विशेष रूप से उनके हास्य अभिनय को बहुत पसंद करते हैं। 


१५ अक्टूबर १९५९ में जन्मीं भारती ने १७ साल की उम्र से ही अभिनय करना शुरू कर दिया था। उनकी माँ माणिक वर्मा एक प्रसिद्ध गायिका थी। अपनी गायकी के लिए उन्हें पदम् श्री  मिला था। जबकि पिताजी अमर वर्मा हिंदी --उर्दू के लेखक और  कवि थे। इनकी तीन बहनें और भी हैं एक बहन वंदना गुप्ते भी एक लोकप्रिय मराठी अभिनेत्री हैं।  दूसरी बहन रानी वर्मा भी एक गायिका हैं और तीसरी बहन हैं अरुणा जयप्रकाश। घर परिवार में संगीत - कला का माहौल था इसलिए इन्होने भी संगीत में ग्रेजुएशन किया।  हालाँकि भारती अच्छी गायिका हैं लेकिन इन्होंने अभिनय को अपना कॅरियर बनाया क्योंकि अभिनय में उनकी दिलचस्पी बहुत थी। इन्होने  मराठी और हिंदी रंगमंच के साथ - साथ अनेकों हिंदी - मराठी  फिल्मों और टी वी धारावाहिकों में अभिनय किया है।
९०  के दशक में कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण के लिखे उपन्यास पर आधारित एक शो "वागले की  दुनियाँ " का प्रसारण दूरदर्शन पर होता था।  इस शो में भारती ने श्री निवास वागले की पत्नी राधिका वागले की भूमिका अभिनीत की थी। उनकी इस भूमिका ने दर्शकों का मन  मोह लिया था आज भी कुछ दर्शक उनकी इसी भूमिका को याद करते हैं। जबकि बस १९ एपिसोड ही बने थे इस शो के, फिर भी यह शो बहुत लोकप्रिय  हुआ था। करीब  ३३ सालों के बाद एक बार फिर  यह शो "वागले की दुनियाँ - नई पीढ़ी नये किस्से " नये रंग रूप के साथ ८ फरवरी से सोनी सब  प्रसारित हो  रहा है। एक बार फिर से अपने उसी किरदार को अभिनीत कर बहुत ही खुश हैं भारती। उनका कहना है ," मैं बहुत ही खुश हूँ इस शो में काम करके। बहुत कम लोगों  को मौका मिलता है  किसी किरदार को दोबारा अभिनीत करने का। "
जहाँ तक हम भारती आचरेकर की हास्य अभिनय की बात करें तो उन्होंने हमेशा ही दर्शकों को हँसा - हँसा  कर लोट - पोट किया है। बड़े परदे पर तो उन्होंने अनेकों प्रकार की भूमिकायें अभिनीत की हैं लेकिन छोटे परदे पर उन्होंने ज्यादातर हास्य भूमिकायें ही अभिनीत की हैं। उन्होंने आ बैल मुझे मार , कच्ची धूप , वागले की दुनियाँ , चोर पड़ोसन ,श्रीमती शर्मा ना  कहती थीं , सोन परी ,तेरी भी चुप मेरी भी चुप , लापतागंज,मैं कब सास बनूगीं , क्या होगा निम्मो का ,चिड़िया घर , सुमित संभाल लेगा , सिया के राम आदि धारावाहिकों में अभिनय किया है।

फिल्मों की बात करें तो पिछले दिनों ओ टी टी पर रिलीज हुई निर्देशक डेविड धवन की फिल्म "कुली नंबर - १ " में दादी की भूमिका अभिनीत की थी।  उन्होने अपना फ़िल्मी सफर १९८०  में फिल्म "अपने पराये " से शुरू किया था। उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में इस प्रकार हैं -- ब्रज भूमि ,संजोग , सुर संगम ,चमेली की शादी , ईश्वर ,बेटा , फिर भी दिल हैं हिन्दुस्तानी ,हाल ए दिल ,लिटिल जॉन ,जिंदगी खूबसूरत है , दिवसेन दिवस ( मराठी )फ्लेवर्स (अंग्रेजी ) 
सातच्या आत घरात (मराठी )सनाई चौघडे (मराठी ) वालू (मराठी ) अर्धांगी ( मराठी ) अगली और पगली ,आगे से राइट ,देसी बॉयज , रास्कल्स ,चश्मेबद्दूर , लंच बॉक्स ,पटेल की पंजाबी शादी और पोस्टर बॉयज आदि। 
रती ने १० साल तक टी वी चैनल्स की तरफ से प्रोड्यूसर का काम  भी किया  खुद भी कुछ धारावाहिकों का निर्माण किया लेकिन इसमें उन्हें कुछ विशेष सफलता नहीं मिली। अमिताभ बच्चन , रणबीर कपूर , आलिया भट्ट ,अक्षय कुमार , दीपिका पादुकोण, करीना कपूर की प्रशंसक भारती को अपने खाली समय में इन कलाकारों की फ़िल्में  देखना , घूमना , नाटक देखना और अपनी बहनों से मिलना  बहुत पसंद है।  थियेटर में भारती ने लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया है और वो आज भी अपने साथी कलाकारों को याद करती हैं।  टी वी  और फिल्मों के साथ - साथ आज भी भारती को थियेटर करना बहुत पसंद है।

पूजा इंटरटेनमेंट ने अपने मैग्नम ओपस ‘सूर्यपुत्र महावीर कर्ण’ के मनमोहक टाइटल लोगो का अनावरण किया!



 

महाभारत’ एक ऐसी महाकाव्यात्मक महागाथा हैजिसने पूरे विश्व में फिल्म बनाने वालों को प्रेरित किया है। हालांकिसेल्युलाइड पर ऐसी स्क्रिप्ट बहुत कम उतारी गई हैंजिनमें सूर्यपुत्र महावीर कर्ण के दृष्टिकोण से इस महाकाव्य की कथा कही गई हो। इस दृष्टिकोण से महाभारत-कथा को सबसे पहली बार फिल्म निर्माता वासु भगनानीदीपशिखा देशमुख और जैकी भगनानी बड़े परदे पर साकार करने जा रहे हैं।


तमाम बारीकियों पर अभूतपूर्व ध्यान देने के साथ-साथ नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले विजुअल इफेक्ट्स के दम पर इस फिल्म की परिकल्पना अद्वितीय पैमाने पर की गई है। यह भारतीय सिनेमा में बड़े परदे पर उतारी गई किसी भी अन्य फिल्म से अलग एक कौतुक भरी चमत्कारी फिल्म होगी। इस मल्टीलिंगुअल प्रोजेक्ट का लेखन और निर्देशन आर एस विमल के द्वारा किया जा रहा है। यह फिल्म पूजा इंटरटेनमेंट का अब तक का सबसे विशिष्ट और विशाल प्रोडक्शन होगी।


फिल्म महाभारत की घटनाओं को सूर्यपुत्र महावीर कर्ण के दृष्टिकोण से हाईलाइट करेगी तथा यह 21वीं सदी के सबसे प्रतीक्षित बॉक्स-ऑफिस संग्रामों में से एक साबित होगी।


निर्माताओं ने भारत के प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास को फिल्म के संवाद, लिरिक्स  तथा अतिरिक्त स्क्रीनप्ले लिखने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह डॉ. विश्वास द्वारा भारत की किसी भी फिल्म के साथ की गई प्रथम सहभागिता होगी। डॉ. विश्वास आम तौर पर अपने पर्फॉर्मेंस के दौरान अपनी कविताएं पढ़ते हैं और हिंदीउर्दू तथा संस्कृत के प्रति अपना प्यार प्रदर्शित करते हैं।


सूर्यपुत्र महावीर कर्ण’ को हिंदीतमिलतेलुगुकन्नड़ और मलयालम में बनाया जाएगा। यह फिल्म भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के भव्य पीरियड ड्रामा वाले जॉनर की नई परिभाषा गढ़ने जा रही है। यह इस दशक की सबसे ज्यादा उत्सुकता के साथ प्रतीक्षा की जाने वाली ब्लॉकबस्टर होने का वचन देती है।

Thursday, February 4, 2021

1962: द वॉर इन द हिल्स में माही गिल सशक्त भूमिका निभा रही हैं


~ सच्ची घटनाओं से प्रेरित सीरीज़ 1962: द वॉर इन द हिल्स 26 फरवरी, 2021 को केवल डिज़्नी+ हॉटस्टार वीआईपी और डिज़्नी+ हॉटस्टार प्रीमियम पर रिलीज़ होगी

 
अनेक बार यादगार प्रदर्शन करने के बाद, अभिनेत्री माही गिल आगामी सीरीज़ 1962: द वॉर इन द हिल्स में दिखाई देंगी। वो शगुन सिंह का किरदार निभा रही हैं, जो एक गौरवशाली सेना  पत्नी है। वो अपने सह कलाकार, अभय देओल के विपरीत आ रही हैं। इससे पहले ये दोनों युगल के रूप में देव-डी में दिखाई दिए थे। महेश मांजरेकर द्वारा निर्देशित इस सीरीज़ में सुमीत व्यास, आकाश थोसर एवं कई अन्य प्रभावशाली किरदार भी हैं, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी। हॉटस्टार स्पेशल्स सीरीज़ 1962: द वॉर इन द हिल्स सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और 3000 चीनी सैनिकों के खिलाफ 125 जवानों की हमारी सेना की बहादुरी एवं अदम्य साहस की कहानी सुनाती है।
 
इस सीरीज़ के बारे में अभिनेत्री माही गिल ने कहा, ‘‘1962: द वॉर इन द हिल्स मेरे लिए खास है। एक बार मैंने सेना के लिए आवेदन किया था और मेरा चयन भी हो गया था। और आज मुझे एक वॉर सीरीज़ में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला है। मैं एक सैनिक नहीं, बल्कि एक गौरवशाली सेना  पत्नी का किरदार निभा रही हूँ। मेरा मानना है कि जो परिवार  हर स्तर पर जवानों का सहयोग करते हैं, वो भी हमारे नायक हैं। मेरा किरदार शगुन एक आम सैन्य-पत्नी नहीं है, जो आम तौर पर मूवी या शो में दिखाई जाती है; वह मजबूत एवं दृढ़ है और अपने खुद के व्यक्तिगत युद्धों का सामना करती है।’’
 
सीरीज़ में माही गिल, शगुन सिंह का किरदार एक दृढ़ पत्नी और मां का है जो विपरीत से विपरीत स्थितियों में भी मजबूत बनकर खड़ी रहती है। हॉटस्टार स्पेशल्स प्रेज़ेंट्स 1962: द वॉर इन द हिल्स 26 फरवरी, 2021 को केवल डिज़्नी+ हॉटस्टार वीआईपी और डिज़्नी+ हॉटस्टार प्रीमियम पर रिलीज़ होगी।
 
देखिए 1962: द वॉर इन द हिल्स केवल डिज़्नी+ हॉटस्टार वीआईपी और डिज़्नी+ हॉटस्टार प्रीमियम पर

Thursday, January 28, 2021

लेस्बियन सम्बन्धो पर पहला वीडियो



कई सुपर गायकों का प्रबंधन करने वाले तरसेम मित्तल टी एम म्यूजिक के तहत देश का पहला ऐसा वीडियो गाना लेकर आये है जिसमें दो लड़कियों की मोहब्बत को दर्शाया गया है आमतौर पर इसे लेस्बियन सम्बन्ध कहते है लेकिन तरसेम का मानना है प्यार में शर्त कहाँ होती है । इस वीडियो के चर्चे हर तरफ हो रहे है। 


10 दिन में ही वीडियो को यूट्यूब पर करीब 7 लाख लोग देख चुके है। 7 लाख नंबर तब अधिक हो जाते है जब गायक और वीडियो की अभिनेत्रियां नई हो। खास बात है इस वीडियो को देखकर लोगो के विचार बहुत सकारात्मक है। 


स्वाभाविक बात है जब महिला समलेंगिग पर पहला वीडियो आया है तो विवाद भी होना ही है। तरसेम कहते है गायक अक्षय खोट का गाना पहले हमारे पास आया यह एक रोमांटिक गाना है रोमांटिक गानों पर रोज वीडियो बनते है तब हमनें सोचा कुछ तूफानी हो जाये और इस वीडियो का विचार बना । 


तरसेम बताते है समलैंगिग लड़कों पर पहला गाना 2014 में आ चुका है सेलिना जेटली का तर्रारम्पम पम ऐसे गीत गाया करो, लेकिन दो लड़कियों पर हमारा वीडियो पहला है। हालाँकि इससे पहले सोनम कपूर की फ़िल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा आ चुकी है जिसमें दो लड़कियों की मोहब्बत है।


तरसेम का मानना है कोर्ट से आदेश आने के बाद भी जब तक हम यानि समाज ऐसी मोहब्बत को स्वीकृति नही देते तब तक बदलाव नही आयेगा। जैसा हमनें वीडियो में दिखाया है दोनो लड़कियां एक दूसरे को बहुत प्यार करती है घूमती है साथ मे रहती है लेकिन अन्त में क्या होता है वही जिसे अभी हमें स्वीकार करना है। 


आमतौर पर प्रचार वीडियो के आने से पहले होता है आप इतने दिनों बाद कर रहे है जवाब में तरसेम कहते है हमारा वीडियो गाना लीक से हटकर है हम लोगों की प्रतिक्रिया देखना चाहते थे अब जब हमारे वीडियो को लोग पसन्द कर रहे है जबकि हमारे वीडियो की दोनों अभिनेत्रियां मोमिता पाल और सोफिया नई है गायक अक्षय खोट का भी पहला गाना है उसके बाद भी यूट्यूब पर इतनी बड़ी सफलता ने हमें प्रेरित किया कि अब इसका प्रचार किया जाये।


वीडियो में दोनो लड़कियों के बीच किसिंग द्रश्य भी डाले गये है लड़कियों की मोहब्बत में यह जरूरी था प्रश्न के जवाब में तरसेम का कहना है आज ओटीटी के जमाने में किसिंग बहुत साधारण बात है।


विवाद की सुगबुगाहट होने लगी है इस पर तरसेम मित्तल का कहना है मैं कह चुका हूँ हमें सच को स्वीकार करना चाहिए समाज में बदलाव आने में समय लगता है हम तो यही चाहते है विवाद की जगह लोग समालोचना करे, सच को पसंद करें तभी हमारी और इस वीडियो की जीत होगी।





Sunday, January 10, 2021

अपनी स्टैंड अप कॉमेडी से दर्शकों को हँसा - हँसा कर लोट पोट कर देने वाले हास्य कलाकार ख्याली सहारण

करीब २२ देशों में अपनी स्टैंड अप कॉमेडी से दर्शकों को हँसा - हँसा कर लोट पोट कर देने वाले हास्य कलाकार ख्याली सहारण आज दर्शकों के चहेते कलाकार बन चुके हैं लेकिन एक समय वो भी था जब  भेड़ बकरी चरा कर ख्याली अपना गुज़ारा किया करते थे। यह लोकप्रियता ख्याली को यूँ ही हासिल नहीं हुई इसके  पीछे उनके कड़े संघर्ष की कहानी है।  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की पीलीबंगा तहसील के छोटे से गांव 18-सीपीडी में एक गरीब परिवार में जन्मे ख्याली ने अपनी जीविका कमाने के लिए बहुत छोटे - छोटे काम भी किये  हैं।  उन्होंने स्विमिंग पूल में काम किया। इसके अलावा  गंगा नगर के  गणेश सिनेमा में गेटकीपर का काम किया। साथ ही गंगानगर की चीनी मिल में वॉच मैन का काम भी किया, वहाँ ही  काम करते समय उनका एक हाथ मशीन में चला गया और बुरी तरह कुचला गया। एक हाथ से अपाहिज होने के बाद भी ख्याली ने हिम्मत नहीं हारी और उसने प्रण किया कि भीख मांगने से अच्छा तो वो कॉमेडी के क्षेत्र में ही काम करे और लोगों को हँसायें।  

  दुनियाँ में अपना नाम कमाने वाले ख्याली को बचपन से ही लोगों को हँसाना बहुत पसंद था। वो अपने स्कूल के होने वाले समारोहों में हिस्सा लेते थे और अपने चुटकुलों से सभी को हंसाते थे। उनके दोस्त और आस - पास के लोग भी उनकी इस प्रतिभा को बढ़ावा देते थे। शायद हास्य प्रतिभा उनके अंदर कुदरती ही थी तभी बड़े होने पर वो पूरे देश में अपने हास्य के लिए प्रसिद्द हुए। १० कक्षा तक पढ़ाई करने वाले ख्याली ने मिल के अपने हादसे के बाद  श्रीगंगानगर में ही गजल गायक जगजीत सिंह की राष्ट्रीय कला मंदिर अकादमी भी ज्वाइन कर ली। वहीं पर इन्होंने थियेटर और कॉमेडी का कोर्स किया। जहाँ उनकी प्रतिभा को निखरने का और भी मौका मिला। सन २००० में ख्याली चंडीगढ़ के सृष्टि थियेटर से जुड़ गये। यहाँ उन्होंने छात्रों को अभिनय के गुण  सिखाये । यहीं रहते हुए ही उन्होंने एंकरिंग भी करनी शुरू कर दी। ख्याली ने लोकप्रिय पंजाबी गायक गुरदास मान , मीका सिंह और अन्य पंजाबी गायकों के साथ स्टेज पर एंकरिंग की। 

हरियाणवी संस्कृति से बेहद लगाव रखने वाले ख्याली को लाफ्टर चैलेंज का हिस्सा बनने का मौका कुछ इस तरह मिला। हुआ यूँ कि एक बार दिल्ली में गायक कुमार सानू का शो था लेकिन उस शो में कुमार सानू को किन्ही कारणों से देर गयी।  जब तक कुमार सानू आते आयोजकों ने  ख्याली को स्टेज यह कह कर सौंप दिया कि वो दर्शकों  को हँसाये  , उनका मनोरंजन करें।  वहीं शो में  स्टार वन चैनल की टीम भी थी। उन्होंने ख्याली की प्रतिभा देखकर उन्हें द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में हिस्सा लेने  मुंबई आने का निमंत्रण दिया। २००६ में ख्याली अपनी तकदीर आजमाने लिए मुंबई  आ गये। बस यहीं से उनकी किस्मत ने करवट बदली और उन्होंने इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के सीजन - २ में  ख्याली ने हिस्सा लिया और बहुत आगे तक गये हालाँकि वो इस शो को जीते नहीं लेकिन उन्होंने शो के जजों और देश का दिल जीत लिया।  इस शो के बाद ख्याली ने सोनी के लोकप्रिय हास्य शो "कॉमेडी सर्कस" में हिस्सा लिया। यहाँ भी उन्होंने दर्शकों को खूब हँसाया। ख्याली ने सब टी वी के शो "कॉमेडी का किंग कौन "   और  कलर्स के हास्य शो " छोटे मियां बड़े मियाँ धाकड़" में भी हिस्सा लिया था। टी वी के साथ साथ ख्याली ने बड़े परदे पर भी काम  किया है।  उन्होंने २००७ में आयी फिल्म "मेरी पड़ोसन " में काम किया। इसी साल उनकी दूसरी फिल्म "जर्नी बॉम्बे टू  गोवा" आयी। यही नहीं उन्हें २००८ में   हास्य फिल्म "सिंह इज किंग " मिली। इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में ख्याली के ऊपर एक गाना "भूतनी "  के भी फिल्माया गया था। इसके बाद (२००९ ) भावनाओं को समझो , मुस्कुरा के  देख ज़रा ( २०१० ) मिलता है चांस बॉय चांस (२०११ )  इश्क़ विच : यू नेवर नो , मुख्तियार चड्ढा दिलजीत दोसांझ के साथ  (२०१५ ) जट्ट वर्सेज आइलेट्स   ,तेरी भाभी है पगले ( २०१८ ) १५ लाख कदो आऊगा  , हम बजा  देंगे (२०१९ ) आदि फ़िल्में आयीं। ख्याली ने  जैकी श्रॉफ के साथ नील, द पार्टी, जीयो लाइफ बिंदास और सनी देओल व कंगना राणावत  के साथ भी फिल्मों में अभिनय किया है।  एक पंजाबी फिल्म "मि. सिंह "में उनके काम को काफी सराहा गया था। 

ख्याली अपने बारें में बताते हैं कि ,"एक समय था जब मुझे  गेट कीपर की नौकरी के १००० - १५०० रूपये मिलते थे वहीं जब मैं टी वी के शो का हिस्सा बना तब उन्हें १ लाख रूपये मिलने लगे। तब भी मेरे व्यवहार में अपने लोगों के प्रति कभी भी बदलाव नहीं आया और नहीं कभी आयेगा।" अपनी जमीन से जुड़े ख्याली ने जो भी कमाया  उससे उन्होंने अपने दादा रावता राम के नाम पर ट्रस्ट बनाया। ट्रस्‍ट के तहत निजी सैनिक स्कूल स्‍थापित किया। यह पहला सैनिक स्‍कूल है। 16 एकड़ में चल रहे इस स्कूल में एनडीए, सीडीएस व सेना की परीक्षाओं की पढ़ाई कराई जा रही है। मकसद सिर्फ यह है कि जो दिक्कतें उन्‍हा‍ेंने झेली कोई और न झेले।

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...