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Thursday, July 6, 2017

हिंदी फिल्म -- मॉम

हिंदी फिल्म -- मॉम 
रिलीज़ -- ७ जुलाई 
बैनर ---मैड फिल्म्स और थर्ड ऑय पिक्चर्स 
निर्माता -- बोनी कपूर,सुनील मनचंदा, नरेश अग्रवाल,मुकेश तलरेजा, गौतम जैन। 
निर्देशक --रवि उदयावर 
स्क्रीन प्ले -- गिरीश कोहली 
कहानी --  रवि उदयावर, गिरीश कोहली और कोना वेंकट राव.
कलाकार -- श्रीदेवी, अदनान सिद्दीकी, सजल अली, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अक्षय खन्ना।   
संगीत -- ए आर रहमान। 
    
थ्रिलर फिल्म "मॉम " श्रीदेवी के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इस फिल्म के साथ ही श्रीदेवी फिल्मों में अपने ५० साल पूरे कर रही हैं।  तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी में करीब ३०० फिल्मों में अभिनय कर चुकी श्री देवी की यह फिल्म भी इन चारों भाषाओं में रिलीज़ हो रही है।  इस फिल्म "मॉम" के लिये श्रीदेवी  ने इन चारों भाषाओं में डबिंग भी की है।  थ्रिलर और ड्रामा फिल्म "मॉम" के निर्देशक हैं रवि उदयावर , जिनकी यह पहली फ़ीचर फिल्म है इससे पहले इन्होने कई विज्ञापन फ़िल्में बनायीं हैं। इसके अलावा रवि ने सिल्क रुट के लोकप्रिय गीत "डूबा डूबा" (बूँदें ) का म्यूजिक वीडियो भी बनाया था। फिल्म में दो पाकिस्तानी कलाकार अदनान सिद्दीकी और सजल अली के अलावा अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी  भी मुख्य भूमिकाओं में हैं.

 एक माँ और किशोर बेटी के रिश्तों के इर्द - गिर्द घूमती है  फिल्म "मॉम" की कहानी ---  देवकी ( श्रीदेवी ) अच्छी पत्नी और दो प्यारी बेटियों की माँ है. बहुत ही खुश है देवकी अपने पति ( अदनान सिद्दीकी ) युवा होती हुई बेटी आर्या (सजल अली ) और छोटी बेटी के साथ। देवकी को लगता है कि उसे उसकी जिंदगी सारी ख़ुशियाँ मिल गयी। जबकि दूसरी ओर आर्या भी बहुत ही भावुक लड़की है लेकिन वो देवकी के प्यार को दिल से स्वीकार नहीं करती। उसका कहना है कि एक बेटी माँ के जीवन में आती है जबकि बेटी के जीवन में उसकी माँ कभी भी नहीं आ सकती ।फिर भी देवकी आर्या के प्यार का इंतज़ार बहुत ही धैर्य के साथ करती है, क्योंकि उसका सोचना है कि एक माँ ही है संसार में जो अपने बच्चे की ख़ामोशी भी समझ लेती है। लेकिन तभी एक दुर्भाग्य पूर्ण घटना घटती है जिससे दोनों के बीच घटने की बजाय दूरियाँ और बढ़  जाती हैं। ऐसी परिस्थिति में  देवकी के सामने बहुत बड़ी चुनौती है यह जानने कि क्या गलत है और क्या सही है ? क्या वो सही रास्ता चुन पाती है ?
क्या एक माँ सब कुछ  छोड़ कर अपनी बेटी के प्यार के लिए लड़ती है ?  क्या देवकी आर्या के प्यार और विश्वास को  हासिल करने में कामयाब हो पाती है ?कैसे देवकी अपनी बेटी की राह की मुश्किलें दूर करती है ? 

Monday, October 3, 2016

हिंदी फिल्म ‘मिस खिलाड़ी – द परफेक्ट प्लेयर’ १४ अक्टूबर को रिलीज

सोनिया एक बहुत ही महत्वाकांक्षी लड़की है, जो पैशन के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वो मुंबई आती है। यहां वो एक बड़े बिजनेसमैन मिस. अशोक के लिए काम करती है। फिर उसकी जिंदगी में विजय आता है। सोनिया, अशोक और विजय दोनों को अपने जाल में फंसाती है। इधर अशोक अपनी पत्नी शोभा को खुश नहीं रखता, तो सोनिया, शोभा और विजय को मिलवाती है। दोनों में अफेयर शुरु हो जाता है। इधर सोनिया एक और चाल चलती है और अशोक के खास दोस्त और एडोवोकेट सुनील को भी अपने हुस्न के जाल में फंसाती है। अचानक एक दिन अशोक का कत्ल हो जाता है। सिनियर इन्स्पेक्टर सिद्धार्थ कातिल की तलाश कर रहे हैं। सोनिया, विजय, सुनील और शोभा पर शक जाता है।
मिस खिलाड़ी – द परफेक्ट प्लेयर की कहानी है सोनिया, विजय, सुनील और शोभा के शातिराना खेल की। सभी अच्छे खिलाड़ी है, मगर बेहतरीन खिलाड़ी कौन है ? और इन्स्पेक्टर सिद्धार्थ इस गुथी को कैसे सुलझाते है की किसने ? कब ? और क्यों ? अशोक का कत्ल किया ?

Wednesday, August 24, 2016

फिल्म "मजाज़"

   नाज़िया और मजाज़ दोनों के परिवार बचपन में लखनऊ में एक दूसरे के पड़ोस में  रहते हैं।  मजाज़ की दोस्ती नाज़िया  से हो   जातीहै लेकिन किन्ही कारणों से नाज़िया का  परिवार लखनऊ से बाहर चला जाता  है। ऐसे ही समय गुज़रता जाता है,  मजाज़ आगरा केकालेज में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं वहीं नाज़िया अलीगढ़ में पढ़ाई कर रही है।  अलीगढ़ छात्रावास की लड़कियों का एक ग्रुप ताज महलजाता है वहीं नाज़िया की मुलाक़ात मजाज़ से होती है लेकिन बचपन के दोस्त एक दूसरे को पहचान नहीं पाते। कुछ दिनों के बाद एकअखबार में कविता के साथ जब मजाज़ की तस्वीर छपती है जिसे देखकर नाज़िया समझ जाती है यह  तो मजाज़ है जिससे उसकी मुलाक़ात ताज महल में हुई थी।

 आगरा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मजाज़ का अलीगढ़ के  उसी कालेज में दाखिला  होता है  जिसमें नाज़िया पढ़ती है।  दोनों कीमुलाक़ात परवान चढ़ती है और बचपन की मुहब्बत शादी तक बढ़ती है दोनों  के  घरवाले भी इस रिश्ते के लिए तैयार है  बस  नाज़ियाके पिता की एक शर्त होती है शादी की और वो यह कि मजाज़ की जब अच्छी नौकरी लग जायेगी तभी दोनों की शादी होगी। मजाज़की  ऑल इंडिया रेडियो दिल्ली में एक पत्रिका के संपादक के रूप में नौकरी लग जाती है। लेकिन मजाज़ के कुछ अलग रवैये की वजह सेजल्दी ही उसकी  नौकरी छूट जाती है और बस फिर क्या होता है नाज़िया का निकाह उसके पिता किसी अमीर लड़के से कर देते हैं। 

क्या होता है नाज़िया के निकाह के बाद ? क्या फिर कभी नाज़िया और मजाज़ मिल पाते हैं ? या  मुहब्बत ऐसे ही दम तोड़ देती है यादोनों प्रेमी मिल जाते हैं ?

 ड्रीम मर्चेंट फिल्म्स  के बैनर में बनी इस फिल्म के लेखक और निर्माता हैं शक़ील अख्तर निर्देशक हैं रविन्दर सिंह ,  कलाकार हैं प्रियांशुचटर्जी , रश्मि शर्मा , नीलिमा अज़ीमशाहाब खान और अनस खान आदि।  इस फिल्म में कुल १२ गीतग़ज़ल और नज़्म हैं जिन्हें सोनूनिगमअल्का याज्ञनिक और खुद तलत अज़ीज़ ने गाया है संगीत भी तलत अज़ीज़ ने ही दिया है 

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...