Tuesday, July 15, 2014

कैलाश खेर को मिला फ़िल्म फेयर अवार्ड


लोकप्रिय गायक कैलाश खेर जब भी कोई गीत गाते हैं उनके श्रोता उसे हाथो हाथ लेते हैं. पिछले दिनों ऐसे ही उनके गाये गीत पंडागला दिगिवाचवू के लिए उन्हें सर्वश्रेठ गायक का  ६१वां फ़िल्म फेयर अवार्ड मिला. सन २०१३ में आयी तेलुगु फ़िल्म ‘मिर्ची’ में संगीत दिया है देवी श्री प्रसाद ने.
इस अवार्ड के लिए कैलाश खेर के अलावा दलेर मेहँदी, रंजीत जबिली, शंकर महादेवन और सुचित सुरेशन आदि गायकों का भी नामांकन हुआ था. यह कैलाश खेर का दूसरा फ़िल्म फेयर अवार्ड है इससे पहले उन्हें सन २००६ में आयी हिंदी फ़िल्म फ़ना के गीत ‘सुभानअल्लाह’ के लिए भी अवार्ड मिला था.

इस अवार्ड के बारे में कैलाश खेर ने कहा कि, जब भी आपके काम को सराहा जाता है तो स्वाभाविक है अच्छा लगता ही है. मुझे भी लग रहा है. अवार्ड मिलने से फिर से काम करने में एक शक्ति आती है और भविष्य में अच्छा का करने की प्रेरणा मिलती है. 
       

 कैलाश खेर अब तक बॉलीवुड में करीब ३५० से भी ज्यादा गीतों और ५०० के करीब ही रेडियो और टी वी जिंगल्स गा चुके हैं. हिंदी के साथ-  साथ १७ अन्य भाषाओँ में भी उन्होंने गीतों को गाया है. फिल्मों में अब तक कैलाश खेर ने चाँदनी चौक टू चाइना, दस विदानियाँ, स्क्रेड इविल – ए ट्रू स्टोरी, फुल एंड फायनल, गुड बॉय बैड बॉय, ढोल, अलादीन, दिल बोले हडीप्पा, वाह लाइफ हो तो ऐसी, आ देखे जरा आदि फिल्मों के साथ टी वी धारावाहिकों में भी संगीत दिया है. बतौर संगीतकार जल्दी ही उनकी एक नयी फिल्म आने वाली है “देसी कट्टे”.

फिल्म 'पिज़ा' के शीर्षक गीत में संगीत दिया माइकी मैक्लरी ने


 
"पिज़ा" नाम की सुपर नैचुरल हिंदी फिल्म इस सप्ताह रिलीज़ होने वाली है।  इस फिल्म का शीर्षक गीत "पिज़ा कटेगा तो सबमे बटेंगा" आज कल श्रोताओं में खास लोकप्रिय हो रहा है. इस गीत में संगीत दिया है  संगीतकार माइकी मैक्लरी ने. जो अब तक  शादी के साइड इफेक्ट्स,  कुकू माथुर की झंड हो गयी, शंघाई, शैतान,  कहानी,  एल एस डीनौटंकी साला, डेविड, आदि अनेकों फिल्मों में बैक ग्राउंड संगीत और फिल्म के गीतों में संगीत दे चुके हैं.


 गायक लकी अली के एलबम से अपने संगीत सफर की शुरूआत करने वाले माइकी जिंगल्स और बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में बहुत ही लोकप्रिय नाम हैं. टीवी डायनार्स के नाम से जल्दी ही उनका एक  एलबम भी आने वाला है. फिल्म "पिज़ा" के संगीत के बारे में पूछने पर माइकी कहते हैं, "बहुत ही मज़ेदार गीत है यह. युवा श्रोताओं में तो बहुत ही लोकप्रिय हो रहा है इसका संगीत। मुझे भी मज़ा आया इसका संगीत तैयार करने में. क्योंकि इस गीत के बोल बहुत ही मजेदार हैं.”       
    

माइकी से पूछने पर कि उन्होंने बिजॉय नाम्बियार की कई फिल्मों में संगीत दिया है इसकी कोई ख़ास वजह है क्या ? वो कहते हैं, मैंने उनकी फिल्म डेविड और शैतान फिल्म में संगीत दिया था और अब ‘पिजा’ के शार्षक गीत में संगीत दिया है तो इसकी वजह यही है कि उन्हें मेरा संगीत पसंद है.”         

एक्ट्रेस चाँदी चाहती है की अर्जेंटीना इस बार फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप जीते

ग्रैंड मस्ती फिल्म में दिखी चाँदी इस साल फूटबाल मैच रातों को जाग जागकर देख रहीं हैं। वैसे तो उनकी टीम ब्राज़ील थी पर उनके हारने के बाद चाँदी चाहती है की अर्जेंटीना फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप जीते। मैच देखने के लिए चाँदी टाइम निकाल लेती हैं। मेसी फाइनल में अच्छा खेलेंगे ऐसा चाँदी का मानना है। टीम को सपोर्ट करने के लिए चाँदी ने अर्जेंटीना की टी शर्ट पहनकर फ़ोटो 
शूट भी कराया।  

संचिति सकट अपने मराठी फिल्म गहन का पहला शो देखने रविन्द्र नाट्य मंदिर आयी


संचिति सकट जो सिर्फ १३ साल की है और इतने कम उम्र में पांच गाने के   बाद अपनी मराठी फिल्म गहन का शो देखने दादर के रविन्द्र नाट्य मंदिर गयी। इस फिल्म में संचिति ने संगीतकार स्वरुप भालवंकर के लिए अलग तरह की लावणी गायी है। फिल्म का निर्देशन किया है मंदार गैधानी ने और फिल्म की हीरोइन है विजया पालव। पहले शो को देखने फिल्म के सारे कलाकार और क्रू मेंबर आये। फिल्म का निर्माण किया है वसंत दीनानाथ महस्कर और लक्ष्मण बर्षा घरत ने अपने बैनर श्री दक्षायणी चित्र और विठाई प्रोडक्शंस के तले। 

शिवराम भंडारी ने अपनी माँ गुलाबी भंडारी के हाथों अपने नौवें सलून की ओपनिंग कराई


बॉलीवुड के जाने बॉलीवुड के जानेमाने हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी ने अपना  नौवां सलून साउथ मुंबई में खोला जिसकी ओपनिंग किसी स्टार से नहीं कराया बल्कि अपनी माँ गुलाबी भंडारी के हाथों कराया। अनुश्री और शिवराम ने सभी मेहमानो का स्वागत किया। बीएमसी के पराग मुसरकर और एक्ट्रेस टीना घई इतनी बारिश के बावजूद शिवा को बधाई देने आये।

Thursday, July 10, 2014

मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से फिल्म जगत के निर्माता निर्देशक मिले


आठ मेंबर इम्पा और डायरेक्टर असोसिएशन  की तरफ से मुंबई के पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से जुहू पे मिले। टी पी अग्रवाल ,अशोक पंडित ,रमेश तौरानी ,जे डी मजीठिया ,विकास मोहन ,नरेश  महनोत  ने रोड पे होनेवाली शूटिंग और सेट्स पे पोलिटिकल पार्टी के लोगों की धांधली और ट्रैफिक पुलिस और लोकल पुलिस के हफ्ते मांगने और शूटिंग में रोक के लिए मारिया से मिले। राकेश मारिया ने सभी को अस्वासन दिया की ये बहुत गलत बात है और ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए। मैं इस बारे में ज़रूर कुछ करूँगा। विपुल शाह ने हॉलीडे फिल्म की शूटिंग के दौरान काफी पैसे परमिशन के बाद भी खर्च किये थे जो गलत है।

हिंदी फिल्म -- हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया

हिंदी फिल्म -- हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया 
रिलीज़ -- ११ जुलाई 
बैनर -- धर्मा प्रोडक्शन 
निर्माता -- करन जौहर 
निर्देशक -- शशांक खेतान 
कलाकार -- वरुण धवन , आलिया भट्ट ,आशुतोष राणा और सिद्धार्थ शुक्ला 
सगीत --  सचिन -- जिगर , तोशी साबरी। 

 "हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया" रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है।  एक बार फिर करन जौहर की इस फिल्म  में आलिया भट्ट और वरुण धवन एक साथ आ रहे हैं।  दोनों ने २०१२ में करन  जौहर की फिल्म " स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर " से ही अपना बॉलीवुड कैरियर शुरू किया था।  आलिया की चौथी और वरुण की  यह तीसरी फिल्म है.  पिता डेविड धवन की फिल्म "मैं तेरा हीरो " वरुण की दूसरी फिल्म थी  जबकि आलिया ने 'स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर' के बाद हाईवे औए २ स्टेट्स में काम किया था। इसी फिल्म से छोटे परदे के लोकप्रिय अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला यानि बालिका वधू के शिव भी अपना फ़िल्मी कैरियर शुरू कर रहे हैं। 
 
फिल्म की कहानी इस प्रकार है ----  दिल्ली का रहने वाला राकेश हम्प्टी शर्मा ( वरुण धवन ) मौज मस्ती करने वाला, लापरवाह लेकिन बहुत ही खुश मिज़ाज़ लड़का है।


मध्यम वर्गीय परिवार का यह लड़का बहुत ही जुगाड़ू काम करने वाला है जिसकी जिंदगी से कुछ भी उम्मीदे नही हैं. यूनिवर्सिटी बुक स्टोर  में अपने  पापा की मदद करके वो बहुत खुश है और इसके अलावा अपने दो बचपन के दोस्तों शोंटी और पोप्लू के साथ हैंग आउट करने में ही उसे बहुत मज़ा आता है. काव्या प्रताप सिंह (आलिया भट्ट ) पंजाब के एक छोटे से शहर अम्बाला की रहने वाली आधुनिक युवती है जो वो एक बार ठान लेती है वो ही करके मानती है। सोने का दिल रखने वाली काव्या हमेशा अपने दोस्तों की मदद करने के लिए तैयार रहती है.  वो अपने पिता मिस्टर सिंह ( आशुतोष राणा ) द्वारा चुने हुए लड़के के साथ शादी करने के लिए तैयार है। काव्या अपनी  शादी की खरीदारी करने के लिए दिल्ली जाती है वहां उसकी मुलाकात दिल्ली की लड़के हम्प्टी शर्मा से होती है।  कई मुलाकातों के बाद दोनों ही एक दूसरे की ओर आकर्षित होते हैं।  हम्प्टी शर्मा अपने दोनों दोस्तों के साथ काव्या की सहेली गुरप्रीत की शादी में भी मदद करता है। काव्या और हम्प्टी दोनों ही कई बातों में एक दूसरे से बिलकुल अलग हैं और कई बातों में एक जैसे हैं। 

काव्या की  शादी की खरीदारी पूरी हो जाती है और वो वापस अम्बाला जाने की तैयारी करती है क्योंकि उसे पता है कि उसे प्यार करने वाले उसके पापा कई मामलों में बहुत ही सख्त हैं और वो जो प्यार अचानक उसकी राह में आ गया था उसे कभी भी स्वीकार नही करेगें। लेकिन हम्प्टी  इस तरह से हार नही मानता और अपने दोस्तों के साथ काव्या से मिलने और उसके घरवालों को अपनी और काव्या की शादी के लिए मनाने के लिए अम्बाला जाता है। 

क्या हम्प्टी काव्या के पापा को अपने और काव्या के रिश्ते के बारे में मना पाता है ? किस तरह उसे अपने इस मिशन में सफलता मिलती है या वो अपने प्यार को खो देता  है ? जानने के लिए तो आपको ११ जुलाई का इंतज़ार करना होगा। 

 इस फिल्म का संगीत भी श्रोताओं में ख़ासा लोकप्रिय हो रहा है। 'मैं तैनू समझावा की, सैटर डे , लकी तू लकी मी हिट गीत हैं।  फिल्म 'हाईवे' की तरह इस फिल्म में भी  आलिया ने 'मैं तैनू समझावा की' गीत गाया है. 

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...