Monday, July 19, 2021

निर्देशक राजामौलि ने बॉलीवुड डेब्यूटेंट बेल्लमकोंडा साई श्रीनिवास की बहु-प्रतीक्षित एक्शन इंटरटेनर का मुहूर्तम् क्लैप दिया

*ब्लॉकबस्टर फिल्मों के डाइरेक्टर राजामौलि ने बॉलीवुड डेब्यूटेंट बेल्लमकोंडा साई श्रीनिवास की बहु-प्रतीक्षित एक्शन इंटरटेनर का मुहूर्तम् क्लैप दिया।

*फिल्म का निर्देशन वीवी विनायक करेंगे और इसका निर्माण पेन स्टूडियोज फिल्म के द्वारा किया जा रहा है*


एक्टर बेल्लमकोंडा साई श्रीनिवास, जाने-माने डाइरेक्टर वीवी विनायक तथा बॉलीवुड के कामयाब प्रोडक्शन हाउस पेन स्टूडियोज ने एक ऐसे बॉलीवुड प्रोजेक्ट के लिए आपस में हाथ मिलाया है, जो भारत के अग्रणी डाइरेक्टर एसएस राजामौलि की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'छत्रपति' का ऑफीशियल रीमेक है।

फिलहाल इस फिल्म का कोई नाम नहीं रखा गया है, लेकिन इस विराट एक्शन इंटरटेनर का शुभारंभ हैदराबाद में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान किया गया। इस अवसर पर फिल्म की मुख्य टीम के सदस्य बेल्लमकोंडा श्रीनिवास, वीवी विनायक तथा डॉ. जयंतीलाल गडा के अलावा राजामौलि और सुकुमार जैसे चंद खास मेहमान उपस्थित थे। एसएस राजामौलि ने मुहूर्तम् शॉट के लिए क्लैप बोर्ड बजाया, स्टार रामा राजामौलि ने कैमरे का बटन दबाया तथा प्रोड्यूसर एएम रत्नम ने मुहूर्तम् शॉट का मानद निर्देशन किया। इस अवसर पर विजयेंद्र प्रसाद द्वारा फिल्म की स्क्रिप्ट फिल्म निर्माताओं को सौंपी गई। रंगस्थलम विलेज के सेट की पहले वाली लोकेशन पर ही एक विशाल व भव्य सेट खड़ा किया गया है, जहां पर आज से ही इस फिल्म का नियमित और लंबा शिड्यूल प्रारंभ होने जा रहा है।

मुहूर्तम् के शुभ अवसर पर उपस्थित पेन स्टूडियोज के डाइरेक्टर धवल जयंतीलाल गाडा ने बताया, “हम बेहद उत्साहित और रोमांचित हैं, क्योंकि टैलेंटेड एक्टर बेल्लमकोंडा साई श्रीनिवास और मशहूर डाइरेक्टर वीवी विनायक के साथ यह हमारा एक ग्रैंड प्रोजेक्ट है। हमें पूरा भरोसा है कि इस सहभागिता को ऑडियंस अपना भरपूर प्यार देगी तथा यह फिल्म इंडियन सिनेमा में इतिहास रचेगी।”

टॉलीवुड के सबसे चहेते व जबर्दस्त स्टार के रूप में खुद को साबित कर चुके बेल्लमकोंडा साई श्रीनिवास इस मेगा-बजट फिल्म के जरिए बॉलीवुड में इंट्री करने के लिए कमर कस चुके हैं। बता दें कि उत्तर भारत के दर्शक उनसे भलीभांति परिचित हैं। बेल्लमकोंडा श्रीनिवास 'बाहुबली' फेम प्रभास की जगह लेंगे। तेलुगु में अनगिनत ब्लॉकबस्टर फिल्में निर्देशित कर चुके टॉलीवुड के जनप्रिय डाइरेक्टर वीवी विनायक भी इस प्रोजेक्ट के माध्यम से बॉलीवुड में अपना डेब्यू करने जा रहे हैं।

मूल फिल्म की कहानी लिखने वाले राजामौलि के पिता केवी विजयेंद्र प्रसाद ही रीमेक वाले संस्करण के भी लेखक हैं। बजरंगी भाईजान और मणिकर्णिका जैसी ब्लॉकबस्टर हिंदी फिल्मों के लेखक के रूप में प्रसिद्ध प्रसाद ने हिंदीभाषी दर्शकों की रुचियों एवं संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव किए हैं।


समीक्षकों द्वारा प्रशंसित एवं व्यावसायिक रूप से सफल फिल्में बनाने के लिए मशहूर डॉ. जयंतीलाल गाडा (पेन स्टूडियोज) इस फिल्म को प्रस्तुत करने जा रहे हैं, जिसके प्रोड्यूसर धवल गाडा और अक्षय गाडा होंगे। पेन मरुधर सिने इंटरटेनमेंट द्वारा इस फिल्म का विश्व स्तर पर वितरण किया जाएगा। पेन स्टूडियोज बजट के साथ कोई समझौता किए बिना फिल्म को विशाल और भव्य पैमाने पर बनाएगा।

इस प्रोजेक्ट को मैग्नम ओपस बनाने के लिए ये चार शक्तियां एकजुट हो रही हैं।

स्टारकास्ट: बेल्लमकोंडा साई श्रीनिवास, साहिल वैद, अमित नायर, राजेंद्र गुप्ता, शिवम पाटील, स्वप्निल, आशीष सिंह, मोहम्मद मोनाजिर, औरोशिका डे, वेदिका, जेसन तथा अन्य कलाकार।

तापसी पन्नू ने अपने प्रोडक्शन हाउस ऑउटसाइडर्स फिल्म्स की घोषणा की


 
नेशनल आइकन तापसी पन्नू अपनी एक के बाद एक हिट फिल्मों की बदौलत कामयाबी की बुलंदियां छूती चली आ रही हैं। इंडियन सिनेमा में एक दशक से भी ज्यादा काम करने के बाद अब तापसी ने अपना प्रोडक्शन हाउस ‘ऑउटसाइडर्स फिल्म्स’ लॉन्च करके अपने करियर में एक और शानदार उपलब्धि जोड़ ली है।
 
‘ऑउटसाइडर्स फिल्म्स’ के लिए तापसी ने प्रांजल खंढडिया के साथ हाथ मिलाया है, जो पिछले 20 सालों से कंटेंट और फिल्म निर्माण से जुड़े हुए हैं। वह सुपर 30, सूरमा, पीकू, मुबारकां, अज़हर जैसी नामचीन फिल्मों के प्रोडक्शन से जुड़े रहे हैं तथा तापसी अभिनीत फिल्म रश्मि रॉकेट का निर्माण भी उन्होंने किया है।
 
प्रोडक्शन हाउस के लॉन्च होने पर खुशी से फूली नहीं समा रही तापसी ने कहा, “मैं इस नए सफर पर निकलने तथा अपने प्रोडक्शन हाउस 'आउटसाइडर्स फिल्म्स' के सहारे सिनेमा के प्रति अपने प्यार में विविधता लाने को लेकर रोमांचित हूं। मेरे पास पहले से ही अपने व्यावसायिक उपक्रम मौजूद होने के चलते मेरे लिए मैनेजमेंट का कार्य सहज और स्वाभाविक बन चुका है। इसीलिए मैं हमेशा अपना प्रोडक्शन हाउस स्थापित करने के बारे में सोचा करती थी। अपने 11 साल के करियर में मुझे दर्शकों और इंडस्ट्री का बहुत सपोर्ट और प्यार मिला है। आउटसाइडर्स फिल्म्स के माध्यम से इंडस्ट्री का कर्ज चुकाना और उन प्रतिभाओं को सशक्त बनाना मेरा लक्ष्य है, जो कामयाबी की तलाश में हैं और मेरी ही तरह जिनका कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है। प्रांजल और मैं साथ मिलकर कैमरे के आगे और पीछे से नई और जोशीली प्रतिभाओं के लिए मौके उपलब्ध कराने का इरादा रखते हैं।“
 
कंपनी का नाम रखने के बारे में तापसी बताती हैं, “प्रांजल और मेरा बैकग्राउंड बड़ा साधारण रहा है, इसीलिए 'आउटसाइडर्स फिल्म्स' नाम हमें भा गया। हमारा उद्देश्य है कि हम मानीखेज, मनोरंजक और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट वाली फिल्में प्रोड्यूज करें।“

प्रांजल खंढडिया का कहना है, "ठोस पार्टनरशिप करने के लिए दोनों लोगों के बीच ढेर सारी समानताएं होने के साथ-साथ मतभिन्नता भी जरूरी है। इसी बिंदु पर हमारी साझेदारी इतनी दिलचस्प हो गई है। तापसी का और मेरा लक्ष्य एकसमान है, लेकिन हमारी राय और दृष्टिकोण जुदा हैं। आउटसाइडर्स फिल्म्स हमें काम के मोर्चे पर एक-दूसरे का सहयोग करते हुए अपने रचनात्मक लक्ष्य पूरे करने का मौका देती है।"
 
आउटसाइडर्स फिल्म्स केवल लाभ में हिस्सेदारी की व्यवस्था करने के बजाए अपने हर तरह के प्रोजेक्ट्स का दिलोजान से प्रोडक्शन करेगी। प्रोडक्शन हाउस का पहला प्रोजेक्ट एक थ्रिलर होगा, जिसकी जिम्मेदारी तापसी के कंधों पर होगी।
 
तापसी एक वेडिंग प्लानिंग कंपनी और 7 एसेस पुणे नामक बैडमिंटन टीम की मालकिन भी हैं। फिल्म के मोर्चे पर आगामी फिल्म लूप लपेटा, रश्मि रॉकेट, डूबारा, दक्षिण की एक फिल्म- शाबाश मिठू और कई निर्माणाधीन फिल्मों के साथ तापसी का अगला सीजन लबालब भरा हुआ है।

Wednesday, June 16, 2021

मिथुन चक्रवर्ती --जन्मदिन विशेष

आज यानि 16 जून को सशक्त अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का जन्मदिन है। आज वो 70 वर्ष  के हो गये। मिथुन मेरे सबसे पसंदीदा अभिनेता हैं।सबसे पहले मैंने उनकी फिल्म "तराना ' देखी थी।अच्छी फिल्म थी , गाने भी बहुत थे फ़िल्म में। उसके बाद 1982 में आयी फ़िल्म 'डिस्को डांसर' देखी।  उस समय मैंने 10 वीं की परीक्षा दी थी ।इस फ़िल्म में भी मिथुन मुझे क्या पूरे देश को ही बहुत पसंद आये।

 इसके बाद आयी 1985 में के सी बोकाड़िया की फ़िल्म 'प्यार झुकता नहीं' ।इस फ़िल्म में मिथुन की जोड़ी पदमिनी कोल्हापुरी के साथ थी। मैं बी ए में पढ़ रही थी मैं दीवानी हो गई मिथुन की। जब इस फ़िल्म के गाने कहीं बजते मैं सबकुछ छोड़ कर उन्हें सुनने बैठ जाती । मै पदमिनी की जगह खुद को सोचने लगती।
इस फ़िल्म के बाद भी मैंने उनकी बहुत सारी फिल्में देखी और कुछ फिल्में तो ऐसी थी जो बहुत ही बकवास थी लेकिन फिर भी मुझे अच्छी लगती थी। मैं उनसे 2 बार मिली भी। उनसे मिलकर ऐसा लगा जैसे मेरा एक सपना पूरा हो गया।
आज उनका जन्मदिन है । उनको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।आप हमेशा स्वस्थ रहें।


Wednesday, June 2, 2021

अखियां मिलावांगा’ के गीतकार साहिल सुल्तानपुरी   

 

 गीत - संगीत हमारी हिंदी फिल्मों का एक अभिन्न अंग है।  गीतों के बिना तो कोई भी हिंदी फिल्म पूरी ही नहीं होती। गीत होंगे तो गीतकार भी जरुरी ही होंगे । जी हाँ हम बात कर रहे हैं गीतकारों की। तो ऐसे ही एक उभरते गीतकार हैं साहिल सुल्तानपुरी जो कि सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।साहिल  १९९९ में अपने सपनों को साकार करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश से मुंबई आये। फिल्मों में गीत लिखने के उनके सपने पूरे भी हुए लेकिन कुछ संघर्ष के बाद। 


एक गीतकार के रूप में साहिल शुरुआत हुई १९९९ में आयी एलबम "जीतेंगे हम हिन्दुस्तानी " से।  इस एलबम के  बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कई फिल्मों में गीतों को लिखा है। उनके लिखे गीतों को लोकप्रियता भी हासिल हुई है। उन्होंने काली की सौगंध   (२००० ) कुड़ियों का है जमाना ( २००६ ) गणगौर (२०१० ) माई  ( लव योर मदर -- २०१३ ), इस फिल्म में लोकप्रिय गायिका आशा भोंसले ने पहली ही बार अभिनय किया था। 
यह संडे क्यों आता है  (२०१४ ) सात उचक्के ( २०१६ ) कमांडो - ३ ( २०१९ ) और व्हाट्स ऍप लव (२०१९ ) आदि फिल्मों में गीतों को लिखा है।  साहिल के लिखे कुछ गीत तो श्रोताओं  में खासे लोकप्रिय हुए है। जिनमें फिल्म कमांडो -३ का यह गीत  ‘अखियां मिलावांगा’ भी शामिल है। इसी तरह फिल्म ‘व्हाट्सएप लव’ का सूफी गाना ‘मेरे मौला’ भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है। 

 बचपन से ही कविताओ और मुशायरों को सुनने के शौक़ीन साहिल ने कुछ ५० - ६० के करीब ग़ज़लें भी लिखी हैं। हो सकता है पाठकों को जल्दी ही उनकी एक किताब 
पढ़ने को मिले और साथ ही कुछ और गीत भी सुनने को मिले।


Thursday, April 8, 2021

"ऑफिस ऑफिस " के भाटिया जी यानि मनोज पाहवा

 अभिनेता मनोज पाहवा  ने यूँ तो सभी प्रकार की भूमिकायें अभिनीत की हैं लेकिन दर्शक उन्हें सबसे ज्यादा हास्य भूमिकाओं में पसंद करते हैं। आज भी दर्शक लोकप्रिय हास्य धारावाहिक   "ऑफिस ऑफिस " के भाटिया जी के नाम से उन्हें पहचानते हैं। थियेटर , टी वी और फिल्मों में सभी जगह काम कर चुके मनोज  का जन्म ८ दिसंबर १९६३ को दिल्ली में हुआ। पंजाबी परिवार में जन्में मनोज  की पढ़ाई नेशनल पब्लिक स्कूल ,दरयागंज दिल्ली  में हुई। इनके पिता पाकिस्तान से थे जबकि इनकी माताजी का सम्बन्ध उत्तर प्रदेश से था । जहाँ मनोज को कॉलेज के समय से ही अभिनय की ओर रुझान था वहीं इनके पिता को उनका अभिनय करना बिलकुल भी पसंद नहीं था। जब एक बार मनोज ने उनसे अभिनय को अपना पेशा का बनाने की बात की तो उन्होंने मनोज से कहा कि ,"क्या घर का धंधा छोड़कर भांड गिरी करोगे । " 


 ७० से भी अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके मनोज दिल्ली में अपने शुरुआती दौर में रामलीला किया करते थे।  बस यहीं से उनका अभिनय की ओर रुझान शुरू हुआ। यही रुझान उन्हें थियेटर की ओर ले गया। थियेटर में काम करने के दौरान ही उन्हें मौका मिला सबसे पहले और लोकप्रिय धारावाहिक हम लोग ( १९८४ -८५ ) में काम करने का। थियेटर में काम करने के दौरान ही उनकी मुलाक़ात "हम लोग " धारावाहिक की बड़की यानि सीमा भार्गव से हुई।  पहले दोनों में दोस्ती हुई फिर प्रेम और फिर सन १९८८ में दोनों ने विवाह कर लिया। आज मनोज की पत्नी सीमा और बेटा मयंक और बेटी मनुकृति मिलकर "कोंपल " नामक थियेटर ग्रुप चला रहे हैं।  

२५० - ३०० के करीब एड फिल्मों में भी काम कर चुके मनोज पाहवा ने दिल्ली में तो अनेक नाटकों में काम किया और फिर अपने सपनों की उड़ान लिए अपने अभिनय के जूनून को पूरा करने के लिये माया नगरी मुंबई की तरफ उन्होंने अपने कदम बढ़ाये। मुंबई आते ही उन्हें सबसे पहले १९९५ में "शांति" धारावाहिक में काम मिला। इसके बाद मनोज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।  उन्होंने एक के बाद एक १९९६ में जस्ट मोहब्बत १९९७ में सब गोलमाल है और सी हॉक्स १९९८ में गुदगुदी २००१ में ऑफिस ऑफिस २००२ में इक्का बेगम बादशाह ,बोल बेबी बोल २००५ में एल ओ सी २००९ में ओह डॉलिंग ये है इंडिया २०१५ में दफा ४२० आदि धारावाहिकों में काम किया।  पिछले दिनों विक्रम सेठ के उपन्यास पर आधारित वेब सीरीज  "ए सूटेबल बॉय " में एक राजा का किरदार भी मनोज ने अभिनीत किया है जो कि दर्शकों को बेहद पसंद आ रहा है। 



टी वी के साथ ही उनका फ़िल्मी सफर भी शुरू हुआ।  १९९६ में उनकी पहली फिल्म आयी "तेरे मेरे सपने। " इसके बाद तो उन्होंने अनेको फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में हैं --  इस रात की सुबह नहीं , आर या पार, सत्या , ताल , जोश ,हे राम , तुम बिन , आपको पहले भी कहीं देखा है ,कुछ तो है , नाच , मुसाफिर ,साढ़े सात फेरे , बींग सायरस , तथास्तु , डरना जरूरी है , सलामे इश्क ,वन टू थ्री , टशन ,सिंह इज किंग , आलू चाट ,वांटेड , संकट सिटी ,डू नॉट डिस्टर्ब , लंदन ड्रीम्स ,हॉउस फुल ,चला मुसद्दी : ऑफिस ऑफिस ,मौसम , रेडी , खाप, दबंग - २ , जॉली एल एल बी ,वॉर छोड़ ना  यार , साहेब सिंह ग्रेट ,डेढ़ इश्किया ,जुड़वाँ - २ , शादी में आना जरूर , मुल्क, मैं तेरा हीरो , दिल धड़कने दो ,टोटल धमाल , स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर - २ , आर्टिकल -१५, हॉउस फुल - ४ , स्ट्रीट डांसर थ्री डी ,सूरज पर मंगल भारी , राम प्रसाद की तेरहवीं आदि ।  हिंदी फिल्मों के  साथ ही उन्होंने २ पंजाबी और १ तमिल फिल्म में भी काम किया है। 

जहां तक हम मनोज के हास्य अभिनय की बात करें तो उन्होंने टी वी और फिल्मों दोनों ही जगह दर्शकों को बहुत हँसाया है। अगर हम उनके हास्य धारावहिक "ऑफिस ऑफिस  " की बात करें तो आज भी जैसे ही दर्शक उन्हें परदे पर देखते हैं, हँसने लग जाते हैं  क्योंकि उनके बोलने का अंदाज़ ही कुछ ऐसा है। संवाद बोलने के साथ - साथ जिस तरह से उनके समोसे - कचौड़ी खाने का शौक दिखाया है वो भी दर्शकों को बहुत पसंद आता है। इसी तरह गुदगुदी और एल ओ सी दोनों में ही उन्होंने दर्शकों को हँसने पर मजबूर किया। फिल्मों में भी उन्होंने अपने हास्य अभिनय से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कुराहट लायी है। फिल्म "वांटेड" में उन्होंने सोनू के किरदार में दर्शकों को बहुत हँसाया। आज  भी जब इस फिल्म को देखते हैं तो सोनू के किरदार को देखकर बहुत हँसी आती है। फिल्म "साढ़े सात फेरे " में पुलिस वाले की  भूमिका में भी मनोज ने दर्शकों को बहुत हँसाया है।  इसी तरह उन्होंने धमाल , टोटल धमाल ,वन टू थ्री ,चालीस चौरासी ,वॉर छोड़ न यार ,ओ तेरी , हॉउस फुल , हॉउस फुल - ४  आदि फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन  किया है। 

अपने हास्य किरदारों के बारें में उनका कहना है , "जब मैं दिल्ली से मुंबई आया था तो मैं मुझे यह मालूम था कि मुझे फिल्मों  में हीरो की भूमिका नहीं मिलेगी तो मुझे मेरे  भारी को शरीर देखकर जो भूमिकायें मिली मैंने वो अभिनीत की और दर्शकों को हँसाया।  मैं इससे संतुष्ट हूँ लेकिन अब पिछली फिल्मों में मैंने हास्य के अलावा कुछ गंभीर और कुछ खलनायक की भूमिकायें भी की हैं दर्शकों को मेरी वो भूमिकायें भी पसंद आ रही है मैं उनसे भी खुश हूँ। " 



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लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो "लुट गये "

 इन दिनों अभिनेता इमरान हाशमी का एक म्यूजिक वीडियो " लुट गये " काफी लोकप्रिय हो रहा है। टी सीरीज द्वारा रिलीज़ किये गये इस वीडियो को निर्देशित किया है फिल्म निर्देशिका राधिका राव ने । जिन्होंने अनेकों लोकप्रिय  म्यूजिक वीडियो को निर्देशित किये हैं।  किन्ना सोना ,गुड़ नाल इश्क़ मिठा , याद पिया की आने लगी ,जानम समझा करो ,मैंने पायल है झंकाई ,डूबा डूबा , मेरी चुनर उड़ उड़ जाये ,वो चली वो चली , चाँदी जैसा रंग है तेरा जैसे अनेकों हिट वीडियो उन्होंने बनायें हैं। "लुट गये " गीत को लिखा है मनोज मुन्तशिर ने और गीत को अपनी आवाज़ दी है लोकप्रिय गायक जुबीन नौटियाल ने।   इमरान हाशमी के साथ इसमें काम किया है युक्ति थरेजा ने, जिन्होंने २०१९ में एम टी वी सुपर मॉडल ऑफ़ द ईयर में हिस्सा लिया और लोकप्रिय हुई।  इस वीडियो में इमरान हाशमी एक पुलिस वाले बने हैं जो गुंडों से बचते बचाते होटल के ऐसे कमरे में जा पंहुचते हैं जिसमें एक लड़की दुल्हन के कपड़ों में है। दर्शकों को बेहद आ रहा है यह म्यूजिक वीडियो और इमरान हाशमी।  इससे पहले भी २०१५ में  टी सीरीज ने एक म्यूजिक वीडियो  रिलीज़ किया था अरमान मलिक का "मैं रहूँ या न रहूँ " इसमें भी इमरान ने काम किया था। 


Monday, April 5, 2021

खूबसूरत खलनायिका शशिकला

 

१०० के करीब हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुकी अपने जमाने के बेहद खूबसूरत खलनायिका शशिकला का ४ अप्रैल को निधन हो गया है। मराठी परिवार से तालुकात रखने वाली शशिकला का पूरा नाम शशिकला जावलकर था। इनका जन्म ४ अगस्त १९३२ को हुआ था।  शशिकला की पहली फिल्म "जीनत" थी।  जिसे नूर जहां के पति शौकत रिजवी ने बनाया था।  इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्मों में काम किया। फिल्मों में कामयाबी मिलने के बाद शशिकला ने एक्टर के एल सहगल के रिलेटिव ओम प्रकाश सहगल से शादी कर ली। कुछ वक्त दोनों का काफी अच्छा गुजरा। इस दौरान शशिकला ने दो बेटियों को भी जन्म दिया। 

यूँ तो शशिकला ने अनेकों फिल्मों में काम किया लेकिन उनकी कुछ मुख्य फ़िल्में हैं --  तीन बत्ती चार रास्ता, हमजोली, सरगम,  नीलकमल, अनुपमा , सुजाता , आरती , पत्थर के फूल ,गुमराह , देवर , आरजू ,संगम ,जंगली, हरियाली और रास्ता , अनपढ़ ,हिमालय की गोद में ,आई मिलन की बेला  ,वक्त ,तीन बहूरानियाँ , सास भी कभी बहू थी ,छोटे सरकार , अमानत , स्वामी , दुल्हन वही जो पिया मन भाये ,सरगम , रॉकी ,आहिस्ता आहिस्ता , सौतन , तवायफ , अर्जुन , दादागिरी ,लहू के दो रंग , महाराजा , बादशाह' चोरी चोरी, परदेस, कभी ख़ुशी कभी गम आदि।  
फिल्मों के अलावा उन्होंने कुछ टी वी धारावाहिकों में भी काम किया। लोकप्रिय धारावाहिक "सोनपरी " में फ्रूटी की दादी की भूमिका में उन्होंने बहुत लोकप्रियता हासिल की। हालाँकि शशिकला ने लगभग सभी फिल्मों में खलनायिका की भूमिका अभिनीत की लेकिन फिर भी  फिल्म की नायिका से भी खूबसूरत नज़र आती थी।  

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...