Thursday, September 20, 2018

कहानी -- हिंदी फिल्म -- बत्ती गुल मीटर चालू

कहानी -- हिंदी फिल्म -- बत्ती गुल मीटर चालू 
रिलीज़  -- २१ सितम्बर 
बैनर -- टी सीरीज़ फिल्म्स , कृति पिक्चर्स
निर्माता -- भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, श्री नारायण सिंह, कुसुम अरोरा, निशांत पिट्टी  
निर्देशक -- श्री नारायण सिंह 
लेखक -- सिद्धार्थ सिंह ,गरिमा वहाल  
संवाद -- विपुल के रावल,गरिमा वहाल   
कलाकार -- शाहिद कपूर, श्रद्धा कपूर, यामी  गौतम और दिव्येंदु शर्मा
संगीत --अनु मलिक , रोचक कोहली, सचेत -  परम्परा 
गीत -- मनोज मुन्तशिर , सिद्धार्थ और गरिमा 
आवाज़ --नकाश अज़ीज़, राहत फतेह अली खान, आतिफ़ असलम,अरिजीत सिंह,मिका सिंह, प्रकृति कक्कड़, सचेत टंडन        
 
ए वेडनेस डे, गाँधी टू हिटलर, बेबी, स्पेशल २६, धोनी - द अनटोल्ड स्टोरी,रुस्तम, टॉयलेट - एक प्रेम कथा आदि अनेकों फिल्मों में एडिटर का काम कर चुके श्री नारायण सिंह ने एक निर्देशक के रूप में पहली फिल्म बनाई २०१२ में यह जो मोहब्बत है और फिर २०१७ में टॉयलेट - एक प्रेम कथा, यह फिल्म "बत्ती गुल मीटर चालू " उनकी तीसरी फिल्म है। इसी साल यानि २०१८ में अभिनेता शाहिद कपूर की फिल्म आयी "पदमावत "  और अब इसी साल उनकी आने वाली यह दूसरी फिल्म है। शाहिद ने रंगून , उड़ता पंजाब, हैदर,आर.... राजकुमार , फटा पोस्टर निकला हीरो आदि अनेकों फिल्मों में अभिनय किया है। श्रद्धा कपूर की फिल्म  "स्त्री " को दर्शकों ने काफी पसंद किया है।  श्रद्धा ने आशिकी - २ , एक विलेन ,ए  बी सी -२ , हॉफ गर्ल फ्रेंड, रॉक ऑन - २ ,बाग़ी आदि फिल्मों में काम किया है।       

फिल्म "बत्ती गुल मीटर चालू " की कहानी बिजली की समस्या पर आधारित है कि किस तरह लोग आज भी लोग बिजली की समस्या से परेशान हैं। उत्तराखंड के टिहरी जिले में फिल्मायी इस फिल्म की कहानी घूमती है  एस के उर्फ़  सुशील कुमार पंत  ( शाहिद कपूर ) नौटी यानि ललिता नौटियाल (श्रद्धा कपूर ) और त्रिपाठी (दिव्येंदु शर्मा ) के इर्द गिर्द।  ये तीनो आपस में बहुत ही पक्के दोस्त हैं। इन तीनों के परिवार भी एक दूसरे के  सुख - दुःख में हमेशा शामिल होते हैं। हँसी ख़ुशी और मजे से चल रही तीनो की जिंदगी में एक भूचाल आ जाता है. होता कुछ यूं है कि त्रिपाठी की फैक्ट्री में बिजली का बिल  ५४ लाख का आता है जबकि बिजली भी रोज़ नहीं आती। बिल का भुगतान करने में सक्षम नहीं होने पर स्थिति और परिणाम के डर से निपटने में खुद को असमर्थ समझ त्रिपाठी  आत्महत्या कर लेता है। अकस्मात  त्रिपाठी के मरने से सभी लोग बहुत दुखी होते हैं ऐसे में एस के जो कि एक वकील भी है अपने दोस्त के साथ हुए  अन्याय के खिलाफ लड़ने का फैसला करता है  और  बिजली कंपनी पर ही मुकदमा कर देता है। अपने दोस्त की तरफ से एस के मुकदमा लड़ता है और बिजली कंपनी का मुकदमा वकील गुलनार ( यामी गौतम ) लड़ती है। 

क्या एस के अपने दोस्त के साथ हुए अन्याय का बदला ले पाता है ? जब बिजली ही नहीं आती तो बिजली का बिल इतना क्यों आया ?  यही सब फ़िल्म में दिखाया गया है ।


Friday, September 14, 2018

कहानी -- हिंदी फिल्म -- मनमर्ज़ियाँ

कहानी -- हिंदी फिल्म -- मनमर्ज़ियाँ 
रिलीज़ -- १४ सितम्बर 
बैनर -- कलर येल्लो प्रोडक्शंस और फैंटम फिल्म्स 
निर्माता -- आनंद एल राय, विकास बहल, विक्रमादित्य मोटवाने, मधु मंटेना और अनुराग कश्यप 
निर्देशक -- अनुराग कश्यप 
लेखक -- कनिका ढिल्लन 
कलाकार --  अभिषेक बच्चन, विकी कौशल, तापसी पन्नू, अक्षय अरोरा 
संगीत -- अमित त्रिवेदी 
गीत -- शैले और सिकन्दर खलों 
आवाज़ -- हर्षदीप कौर, जैजिम शर्मा, शाहिद माल्या,ज्योति नूरां, जोनिता गाँधी,देवेशी सहगल, अमित त्रिवेदी, निकिता गाँधी,बाबू हब्बी, देवेंदर पाल सिंह , रानी कौर, मेघना मिश्रा।           
      
रोमांस  - कॉमेडी और ड्रामा से भरपूर फिल्म " मनमर्जियाँ " के निर्देशक हैं अनुराग कश्यप। अनुराग से पहले इस फिल्म को समीर शर्मा निर्देशित करने वाले थे, साथ ही फिल्म के कलाकार भी दुलकेर सलमान, आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर थे। बाद में किन्ही कारणों से कलाकार तो क्या निर्देशक भी बदल गये। अनुराग कश्यप की निर्देशित फिल्मों की बात करें तो वो इस प्रकार हैं -- पाँच , ब्लैक फ्राइडे, देव डी, गुलाल, मुंबई कटिंग, दैट गर्ल इन येलो बूट्स, गैंग्स ऑफ़ वास्सेपुर , बॉम्बे टॉकीज़, बॉम्बे वैल्वेट, रमन राघव, मुक्काबाज़, लस्ट स्टोरीज़ और  सेक्रेड गेम्स ( वेब सीरीज़ ) आदि। जहाँ तक अभिषेक बच्चन की बात करें तो यह फिल्म उनके लिये बहुत महत्व रखती है क्योंकि हॉउसफुल - ३ (२०१६ ) के बाद उनकी यह फिल्म आ रही है, यानि उनके प्रशंसकों के लिये यह खुशखबरी हो सकती है । तापसी पन्नू की अभी हाल ही में फिल्म आयी थी "मुल्क" . इससे पहले २०१३ में चश्मेंबद्दूर, बेबी , पिंक , जुड़वाँ - २, नाम शबाना आदि फ़िल्में आ चुकी हैं. अभिनेता विकी कौशल तो आजकल खूब छाये हुए हैं क्या फिल्म "संजू " की बात करे या फिल्म "राज़ी " की।  सभी में उनका अभिनय सराहनीय है और वैसे भी विकी अनुराग कश्यप की फिल्मों में जरूर होते हैं तो वो इसमें भी हैं।       

रोमांस से भरपूर इस फिल्म की कहानी है पंजाब के शहर अमृतसर की। जहाँ रूमी (तापसी पन्नू ) और विकी ( विकी कौशल ) दूसरे से इंतेहा प्यार करते हैं लेकिन जब शादी या घर वालों से मिलने की बात आती है तब विकी रूमी के घर वालों से नहीं मिलता वैसे वो रूमी के लिये कुछ भी करने की बातें करता है। ऐसे में आज की युवा रूमी गैर जिम्मेदार प्रेमी विकी को छोड़ कर घर वालों के कहने पर आत्म निर्भर और बहुत ही अच्छे दिल के रोब्बी ( अभिषेक बच्चन ) से विवाह कर लेती है। हालाँकि  रूमी आज विकी से बेहद प्यार करती है। 

क्या रूमी खुद को इस  जटिल प्रेम त्रिकोण से बाहर निकाल पाती है ? क्या विकी भी रूमी को भुला पाता है या फिर रोब्बी रूमी का दिल जीतने में कामयाब हो जाता है ? यही इस फिल्म में दिखाया गया है। 

Wednesday, September 12, 2018

थ्रिलर फिल्म है दि प्रेडटर बॉयड होलब्रुक



हॉलीवुड का बड़ा पर्दा हो या छोटा पर्दा, या फिर नाटक... बॉयड होलब्रुक एक चर्चित एक्टर का नाम है। ‘रन ऑल नाइट’, ‘मॉर्गन’, ‘आउट ऑफ द फर्नेस’ जैसी फिल्मों में अपना जलवा दिखा चुके बॉयड होलब्रुक की चर्चा फिलहाल निर्देशक शेन ब्लैक की फिल्म ’दि प्रेडटर’ में काम करने के कारण हो रहा है। ’दि प्रेडटर’ में वह एक परेशान सैन्य अफसर क्विन मैककेना का किरदार निभा रहे हैं, जो अपने परिवार को किसी अन्य खतरे से बचाने की तलाश में है। पेश है, उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

आप फिल्म में आपकी क्या भूमिका है?
-मैं ’दि प्रेडटर’ में क्विन मैककेना नाम का किरदार निभा रहा हूं, जो सेना के विशेष बल का सदस्य है। वह मूल रूप से अनुबंध पर काम कर रहा है। उसका स्वभाव कुछ ऐसा है कि वह अपने बेटे से बहुत अलग है। वह अपनी पत्नी से भी बहुत विचलित है। वह एक तरह का प्रेडटर है। अगर आपको दक्षिण अमेरिका में नौकरी मिल गई है और आपको किसी खास की जरूरत है, तो वह आपका लड़का है। लेकिन, हम उसे मेक्सिको में पाते हैं। भाड़े की गलत नौकरी में होने के कारण उसे प्रेडटर गियर, इन गौंटलेट और इन डी-क्लोकिंग जैसी चीजें मिल गई हैं। ऐसे में उसे घर वापस लाने की जरूरत है, क्योंकि कोई भी उस पर यकीन नहीं करेगा। ऐसे में वह अपने बेटे को भेजता है, लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है और कुछ खास परीक्षण के लिए उसे एक सैन्य मनोदशा की स्थिति में भेजा जाता है। आंशिक रूप से चूंकि सरकार प्रेडटर को लपेटने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उसे उनके बारे में पता है, लेकिन वह उनका एक कवर-अप भी है।

यह भूमिका आपके पास कैसे आई?
-दरअसल, मैं और शेन ब्लैक एक बार बैठे थे, तो वहीं शेन ब्लैक ने मेरे सामने स्क्रिप्ट रखी। मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी और मैंने उससे इसके बारे में थोड़ी बात की। उसके बाद भी हमने अपना वार्तालाप जारी रखा और इस पर बहस की कि यह मूल रूप से कैसे काम करता है। मुण्े स्क्रिप्ट पसंद आई तो मैंने इसमें काम करना स्वीकार कर लिया।
एक निर्देशक के रूप में शेन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
-वह बहुत शानदार निर्देशक है। उसके पास किसी भी दृश्य को बेहतरीन तरीके से परिभाषित करने का एक उम्दा तरीका होता है। विषय वस्तु चाहे जो भी हो, वह उसमें कॉमेडिक धड़कन ढूंढ ही लेता है।

क्या वह कलाकारों के साथ भी सहयोगी थे? क्या आपको विचारों को पिच करने के लिए मिला?
ओह, बिल्कुल... सेट पर पहले ही दिन हमने दोपहर के भोजन से पहले एक सीन का रिहर्सल किया। हर किसी के पास इस फिल्म को लेकर बेहतरीन विचार था, जो एक के बाद सामने आ रहा था। हम इसको लेकर इतने एक्साइटेड थे कि हमने दोपहर का भोजन भी छोड़ दिया और बाद में शेन ने हमें सभी कलाकारों के साथ बिठाया और उन विचारों को दो-पेज के सीन में बदल दिया।

फिल्म के सह-कलाकारों के साथ कैसी बॉण्डिंग थी?
-बहुत ही बेहतरीन। इस फिल्म के अमूमन सभी कलाकार बहुत सहयोगी हैं, इसलिए किसी भी तरह से कोई भी अनजाना नहीं था। इसमें ऑगस्टो अगुइलेरा ने नेटल्स के किरदार को शानदार तरीके से निभाया है। अल्फी (एलन) ने भी अपने चरित्र के साथ कुछ अच्छा काम किया है। किगन (माइकल की) ने स्केच कॉमेडी के साथ बेहतरीन काम किया है। और फिर फिल्म में थॉमस जेन भी हैं, जो इसमें अविश्वसनीय किरदार निभा रहा है।

क्या आपने मूल प्रेडटर देखा था?
-मुझे लगता है कि जब मैं छह वर्ष का था, तब इसकी पहली फिल्म आई थी, लेकिन मैंने इसे उस वक्त देखा, जब मेरी उम्र लगभग 10 या 12 वर्ष की रही होगी। यह बहुत डरावना था। मुझे लगता है कि यह उस समय की तमाम माचो फिल्मों जैसे ‘ब्लडस्पोर्ट’, ‘रैम्बो’ जैसी महान थ्रिलर फिल्मों में से एक था।

Tuesday, September 11, 2018

सपना चौधरी हिंदी फिल्म दोस्ती के साइड इफ़ेक्ट में



सपना चौधरी 'दोस्ती के साइड इफेक्ट्' फिल्म में विक्रांत आनंद के साथ नजर आने वाली हैं.  फिल्म में उनके साथ ‘कसौटी जिंदगी की’ के जुबैर खान और अंजू जाधव भी नजर आएंगे. फिल्म की लॉन्चिंग के लिए प्रेस कांफ्रेंस अँधेरी के द व्यू में हुई,

जिसमें फिल्म की कास्ट भी शामिल हुई. मीडियो रिपोर्ट्स की माने तो फिल्म ‘दोस्ती के साइड इफेक्ट्’

का निर्माण शेयर हैप्पीनेस फिल्म्स के बैनर तले बनाया जा रहा है। आजकल कई टीवी कलाकार बॉलीवुड में खूब नज़र आ रहे हैं। निर्देशक हदी अली अबरार ने अपने निर्माता को बधाई दी और कहा की मेरी फ़िल्म में ये चार मुख्य कलाकार हैं। फिल्म की शूटिंग एक साथ वन शेड्यूल में हो जाएगी।  

 

जोयल डैनियल ने अपने कास्ट और क्रू को आल द बेस्ट कहा।जोयल

 डैनियल द्वारा निर्मित और हादी अली अबरार द्वारा निर्देशित किया जाएगा. 

फ़िल्म का निर्माण शेयर हैप्पीनेस फिल्म्स के बैनर तले बनाया जा रहा है। आजकल कई टीवी कलाकार बॉलीवुड में खूब नज़र आ रहे हैं। निर्देशक हदी अली अबरार ने अपने निर्माता को बधाई दी और कहा की मेरी फ़िल्म में ये चार मुख्य कलाकार हैं। फिल्म की शूटिंग एक साथ वन सेडुल में हो जाएगी।  

जोयल डैनियल ने अपने कास्ट और क्रू को आल द बेस्ट कहा। 


Sunday, September 9, 2018

रागिनी खन्ना ने अपना पहला सिंगल गाना मुझसे प्यार करते हो



कामिनी खन्ना जो एक जानीमानी लेखक ,संगीतकार ,सिंगर ,एंकर ,आर जे और ब्यूटी विथ एस्ट्रोलॉजी की फाउंडर हैं ,इन्होने अपनी म्यूजिक कंपनी कामिनी खन्ना म्यूजिक लांच किया जिसमे हर तरह के एल्बम लांच किये जायेंगे। इन्होने अपना यूट्यूब चैनल भी खोला है जहाँ ये सारे गीत लोड किये हैं। कामिनी खन्ना अपनी माता स्वर्गीय निर्मला देवी को अपने गाने से श्रृद्धांजलि देना चाहती हैं। ये एक्टर रागिनी और अमित खन्ना की माता हैं। कामिनी खन्ना ने अपनी टीवी स्टार बेटी रागिनी खन्ना का सिंगल गीत मुझसे प्यार करते हो लांच किया। रागिनी खन्ना ने मीडिया को अपने गीत से कुछ लाइन गाकर सुनाया। 

Friday, September 7, 2018

कहानी - हिंदी फिल्म -- पलटन

कहानी -हिंदी फिल्म -- पलटन
रिलीज़ -- ७ सितम्बर
बैनर -- जे पी फिल्म्स
निर्माता --ज़ी स्टुडिओज , जे पी फिल्म्स
लेखक और निर्देशक -- जे पी दत्ता
नाथू ला और चो ला युद्ध पर आधारित
कलाकार -- जैकी श्रॉफ,अर्जुन रामपाल, सोनू सूद, गुरमीत चौधरी, हर्षवर्धन राणे, लव सिन्हा, अभिलाष चौधरी, ईशा गुप्ता,सोनल चौहान,
दीपिका कक्कड़,मोनिका गिल, बिजौ थांगजाम
संगीत --- अन्नू मलिक
बैक ग्रॉउंड संगीत -- संजोय चौधरी
गीत -- जावेद अख़्तर
आवाज़ -- दिव्या कुमार, सोनू निगम,इरफ़ान, आदर्श, खुदा बख़्श।

सरहद , गुलामी , यतीम, हथियार, बंटवारा , रिफ्यूजी, बॉर्डर , एल ओ सी - कारगिल और उमराव जान जैसी फिल्मों के निर्माता -
निर्देशक जे पी दत्ता एक बार फिर अपने दर्शकों के लिये फिल्म "पलटन " लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म १९६७ में नाथू ला और चो ला
दर्रों को लेकर भारत और चीन के बीच हुए युद्ध की सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म में कलाकारों की पूरी फ़ौज हैं। पुराने
अभिनेताओं में बस जैकी श्रॉफ ही ऐसे हैं जो कि निर्देशक जे पी दत्ता के साथ फिल्म "बॉर्डर" में भी काम कर चुके हैं , बाकी तो सभी
कलाकार ऐसे हैं जो दत्ता साहब के साथ पहली ही बार काम कर रहे हैं। इस फिल्म से पहले निर्देशक जे पी दत्ता युद्ध पर ही आधारित
दो फ़िल्में और भी बना चुके हैं.

अभिनेता जैकी श्रॉफ के बारें में तो सभी जानते हैं उन्होंने अनेकों फिल्मों में अभिनय किया है। अभी वो चरित्र अभिनेता के रूप में
फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं। अर्जुन रामपाल एक सुपर मॉडल रह चुके हैं उन्होंने प्यार इश्क़ और मोहब्बत, दीवानापन, दिल है
तुम्हारा,दिल का रिश्ता,डी डे, डैडी,रॉक ऑन, हॉउस फुल, इंकार, आँखे, वी आर फैमिली, हीरोइन, डॉन, रा वन,चक्रव्यूह , राजनीति,
रॉय आदि फिल्मों में काम किया है. हिंदी, तमिल , तेलुगु , कन्नड़ और पंजाबी फिल्मों में अभिनय करने वाले सोनू सूद ने हिंदी की शीशा,
आशिक बनाया आपने, दबंग, युवा, जोधा अकबर, सिंह इज किंग , एक विवाह ऐसा भी, शूट ऑउट वडाला,रमैय्या वस्तावैया, आर
राजकुमार, एंटरटेनमेन्ट , हैप्पी न्यू ईयर आदि फिल्मों में काम किया है। अनेकों टी वी धारावाहिकों में अभिनय कर चुके गुरमीत सिंह
ने खामोशियाँ ,वजह तुम हो, लाली की शादी में लड्डू दीवाना आदि फिल्में की हैं। तेलुगु की अनेकों फिल्मों में अभिनय कर चुके हर्षवर्धन
राणे ने हिंदी की एक फिल्म "सनम तेरी कसम " में काम किया है।यह फूंकी दूसरी फिल्म है।
फिल्म "पलटन" की कहानी १९६७ में भारत और चीन के बीच हुए नाथू ला और चो ला सीमा विवाद पर आधारित है। यह फिल्म ५०
साल पहले १९६७ की नाथू ला और चो ला सैन्य संघर्ष की कहानी बताती है जो सिक्किम सीमा पर चीन के साथ हुई थी. इस सैन्य
संघर्ष में भारत के ७० सैनिक शहीद हुए जबकि चीन ने अपने ५०० सैनिकों को खोया। १९६२ में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध में
भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके ठीक ५ साल बाद दोनों देशों के बीच तिब्बत और सिक्किम सीमा पर नाथू ला में फिर
एक युद्ध हुआ जिसमें भारतीय सेना ने अपनी पिछली हार का बदला ले लिया।
भारत के सिक्किम - तिब्बत सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर चीन ने विरोध किया। इसके चलते पीएलए राजनीतिक कमीश्नर और 
भारतीय सेना में  पैदल सेना के कमांडिंग अधिकारी कर्नल राय सिंह ( अर्जुन रामपाल ) के बीच वाद-विवाद हो जाता है और  
फिर चीनी सैनिक अपनी मध्यम मशीन गन (एमएमजी) से पैदल सेना के कमांडिंग अधिकारी कर्नल राय सिंह फायर करना शुरू कर देते हैं, 
अपने घायल कमांडिंग ऑफिसर को जमीन पर गिरता देख दो बहादुर अधिकारियों (२  ग्रेनेडियर के कप्तान डागर ( गुरमीत चौधरी ) 
और १८  राजपूत के मेजर हरभजन सिंह( हर्षवर्धन राणे )  ने भारतीय सैनिकों की कमान संभाल ली  और चीनी एमएमजी पोस्ट पर हमला 
कर दिया । भारतीय सेना ने तोप के हमलों से चीनी सेना को जबाव दिया और आस-पास की हर चीनी पोस्ट पर हमला किया। पर्वतारोहियों, 
ग्रेनेडियर और राजपूतों द्वारा भयंकर हमलों के चलते अगले तीन दिनों में हर एक चीनी पोस्ट को तहस-नहस कर दिया गया । भारत की 
इस प्रतिक्रिया की ताकत और साहस से अचंभित होकर चीन ने युद्धपोतों को लाने की धमकी दी। लेकिन फिर दोनों देश आपस में बात 
करके युद्धविराम के लिए सहमत हो गये.
कैसे भारतीय सेना ने चीनी सेना को परास्त किया ? कैसे सूझ -बूझ से हमारे सैनिकों ने जी जान की बाजी लगा कर १९६२ की हार का 
बदला १९६७ के युद्ध में लिया। यही सब फिल्म "पलटन " में दिखाया गया है। 



Monday, September 3, 2018

दिनेश सोई पहले एक्टर फिर बॉलीवुड के व्यस्त कास्टिंग डायरेक्टर


कास्टिंग डायरेक्टर दिनेश सुदर्शन सोई इंडस्ट्री के सबसे व्यस्त कास्टिंग डायरेक्टर हो सकते है। यह हम नहीं हैं, यह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उनकी नवीनतम उपलब्धि है, जो इसका सुझाव दे रही है। कास्टिंग डायरेक्टर को 4500 प्रोजेक्ट्स - टीवी शो ,फ़िल्म और विज्ञापन से अधिक के लिए कास्टिंग करने के लिए दुनिया में अधिकतम कास्टिंग के लिए रिकॉर्ड की किताब में जोड़ा गया है!

इस नई उपलब्धि के बारे में पूछन पर दिनेश ने बताया कि मैंने कभी अपनी प्रोजेक्ट्स की गणना नहीं की, मैं अपना काम करता रहा। यह तब हुआ, जब मुझे इस काम के लिए सम्मानित किया गया, मैंने देखा कि मेरा नाम इसमें आ गया, तो यह चौंका देने वाला था। 

अनगिनत प्रोजेक्ट्स के लिए दिनेश सोई ने कास्टिंग का काम किया है। उन्होंने कहा, "जैसा कि मैंने उल्लेख किया था, मैं वास्तव में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक नहीं होने तक इसके बारे में सोचता था। अब जब मैं वापस देखता हूं, तो मैंने एक हजार फिल्मों के लिए कास्टिंग किया है- हॉलीवुड और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म्स, फेस्टीवल फिल्म्स, शॉट्स फिल्म्स, पंजाबी फिल्म्स, गुजराती फिल्म्स और हिंदी फिल्म्स इंडस्ट्री में मेरे मुख्य कार्य के अलावा कुछ दक्षिण भारतीय फिल्में शामिल हैं। मैंने कई विज्ञापन फिल्म्स और दो हजार से अधिक म्यूजिक वीडियो के लिए भी काम किया है। "

ओह! लेकिन यह सबकुछ नहीं है, कास्टिंग डायरेक्टर धीमी गति से काम करने के लिए नहीं है! "यह सिर्फ शुरुआत है। असल में ऐसे पुरस्कार और प्रशंसा मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए और अधिक प्रेरित करती हैं। मैं इस नई प्रोजेक्ट के बारे में बहुत उत्साहित हूं, जिस पर मैंने काम किया है और मैं वास्तव में स्क्रीन पर अपना काम देखना चाहता हूं।"

उनसे पूछा की नए प्रोजेक्ट कौनसे है और उन्होंने कहा – फैमिली ऑफ ठाकुरगंज है, एक आगामी मल्टी-स्टारर प्रोजेक्ट है जिसमें मुख्य 14 कलाकारों को छोड़कर, शेष कलाकारों में 102 कलाकार शामिल हैं, सभी उत्तर प्रदेश से है, शायद गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद सबसे बड़ा कास्टिंग होगा। इस फिल्म को देखने के लिए उत्सुक है।

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...