Monday, August 20, 2018

स्त्री फिल्म अलग तरह की हॉरर कॉमेडी फिल्म है - राजकुमार राव

 राजकुमार राव  इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म 'स्त्री' के प्रमोशन में जुटे हैं। हॉरर कॉमिडी 'स्त्री' में राजकुमार के साथ श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म 31 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इस फिल्म के निर्देशक अमर कौशिक हैं  और फिल्म के निर्माता दिनेश विजन हैं। 

स्त्री फिल्म की शूटिंग चंदेरी में हुयी है ? 
चंदेरी बहुत प्यारा सा छोटा सा कस्बा है जहां पहले कभी फ़िल्म की शूटिंग नहीं हुई। महाभारत काल से ही इस जगह का ऐतिहासिक महत्व भी है। फिल्म में हर चीज़ एक नये परिवेश सी दिखेगी। वहां कई पुराने क़िले भी हैं और साथ ही वहां की गलियां अलग सी हैं तो फ़िल्म में वहां के माहौल के हिसाब से नयापन मिलेगा। मैं जब वहां गया तो अपने किरदार की तैयारी के लिए वहां के लोकल लोगों से भी मिला और उनसे बात की। चंदेरी ने जो प्यार दिया है उसकी वजह से वहां के लोगों से हमेशा हमेशा के लिए लगाव हो गया है। फ़िल्म में आपको चंदेरी के लोकल लोग भी देखने को मिलेंगे। 

मुंबई का स्ट्रगल कैसा रहा ?
जब मैं बड़ा हो रहा था, तब शाहरुख सर को देखकर काफी हैरान होता था. मैं हैरान होता था ये सोचकर कि 
अगर बाहर से आकर कोई अपना इतना बड़ा नाम बना सकता है, तो मेरे लिए भी कोई उम्मीद तो जरूर है. 
हालांकि ये सब कुछ इतना आसान नहीं था. मुंबई आने के बाद मुझे काफी समय तक कोई काम नहीं मिला. 
यहां-वहां कुछ छोटे-मोटे एड् ही करता रहा. वो एड शायद अब आपको याद भी नहीं आएंगे. किसी-किसी एड में दिखने वाला मैं दसवां शख्स होता था. हर महीने किसी तरह मैं दस हजार रुपये कमा पाता था. फिर भी कुछ दिन ऐसे होते थे, जब मेरे पास पैसे नहीं होते थे. तब मैं अपने दोस्तों के साथ उनका खाना शेयर करता था. मेरे पास कोई प्लान बी नहीं था. मैं लगातार ऑडिशन देता जा रहा था. ऑडिशन लेने वाले लोग मुझे छोटे-छोटे रोल दे देते थे मैं उन्हें बड़े रोल के लिए मनाने की कोशिश करता था, लेकिन कोई मानता नहीं था. फिर भी मुझे भरोसा था कि कोई न कोई मेरा टैलेंट जरूर परखेगा.'
मुझे आज भी याद है कि किस तरह मैं अतुल मोंगिया से लगातार पूछता रहा था, जब तक कि उन्होंने मुझे लव सेक्स और धोखा के ऑडिशन के लिए नहीं बुला लिया. मैंने 3-4 टेस्ट दिए. एक हफ्ता निकल गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया और फिर वो दिन भी आया, जब मेरे अब तक किए हुए स्ट्रगल का नतीजा मुझे मिला.' मैं घर पर अकेला था, जब मुझे मेरी जिंदगी का सबसे अहम 
फोन आया. वो शब्द थे- हो गया है...यू गॉट द फिल्म. मैं अपने घुटनों पर गिर गया...सबसे पहले मम्मी को 
फोन किया. फिल्म रिलीज हुई और मुझे बहुत प्यार मिला, लेकिन मेरे लिए और भी ज्यादा खास पल आया जब क्वीन रिलीज हुई.मैं महबूब स्टूडियो में शूटिंग कर रहा था. मैंने सुना कि शाहरुख खान सर भी वहीं शूटिंग कर रहे हैं.मुझे लगा मेरे पास मौका है, मैं उनसे मिल सकता हूं. मैंने उन्हें एक मैसेज भेजा. मुझे नहीं लगता था कि वो मुझे जानते हैं. लेकिन उन्होंने मुझे बुलाया और वो मेरे बारे में सब कुछ जानते थे. उन्होंने मुझे काफी स्पेशल फील कराया. मैं तो पहले से ही उनका फैन था. लेकिन उस दिन मैं उनका और भी बड़ा फैन बन गया.
  
जान्हवी की फिल्म देखी आपने ? 
मैंने जाह्नवी की फिल्म धड़क देखी हैं, मुझे फिल्म बहुत पसंद आई। मैं जाह्नवी से एक-दो बार मिला हूं, वह बहुत ही स्वीट और टैलंटड लड़की हैं। मैं श्रीदेवीजी का बहुत बड़ा फैन रहा हूं। जाह्नवी से मेरा कनेक्शन भी है, काफी समय से मैं उनसे मिलता आ रहा हूं। धड़क में उनका अभिनय देखकर ऐसा लगता है, उनका बहुत ही ब्राइट फ्यूचर है। मैं इंतजार कर रहा हूं हम दोनों साथ में जल्द ही कुछ काम करेंगे।

स्त्रियों को लेकर आपकी क्या सोच है? 
देखिए मेरा तो मानना है कि समाज अगर सही मायनों में कोई चला रहा है तो वे स्त्रियां ही चला रहीं हैं। आप हाउस वाइव्स को ही देखिए, आसान काम नहीं है उनका, पूरा घर चलाना सबकी देखरेख करना और बाकी क्षेत्र की 
लड़कियां भी हम मर्दों से कहीं आगे और बेहतर हैं, सभी को मेरा सैल्यूट है । 

स्त्री फ़िल्म में श्रद्धा कपूर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ? 
श्रद्धा बिलकुल सही कास्टिंग हैं इस फ़िल्म के लिए, पहली बात तो वह बहुत मेहनती हैं, फिल्म में वह स्मॉल टाउन वाली लड़की के किरदार में पूरी तरह ढलीं नज़र आएंगी। खास बात ये है कि उन्होंने इस किरदार के लिए काफी नई चीज़ें ट्राई कीं हैं जैसे उनकी आवाज़ और बॉडी 
लैंग्वेज में आपको बहुत नयापन मिलेगा । 

मनोज बाजपेयी ने कहा कि उन्होंने जो मेहनत की उसका फल राजकुमार राव जैसे शानदार कलाकारों को मिल रहा है, इस पर क्या कहेंगे।
जी बिल्कुल और ये उनका प्यार है जो वह मेरा ज़िक्र कर रहे हैं इतनी महत्वपूर्ण बात करते हुए। मनोज सर ने जिस वक्त इंडस्ट्री में क़दम रखा और जिस तरह की भूमिकाएं कीं वह एक मिसाल है।शूल, सत्या या फिर गैंग्स ऑफ वासेपुर सभी में उनको देखना सीखने जैसा है। वह बहुत प्यार देते हैं मुझे, जब भी मिलते हैं तो कहते हैं कि यार तू इंडस्ट्री में सही टाइम पर आया है। मैं जब आया थातब तो बहुत पापड़ बेलने पड़ते थे ।

अपारशक्ति खुराना और अभिषेक बनर्जी के साथ भी आप काम कर रहें तो कैसा रहा अनुभव इन नये   कलाकारों के साथ।
न सिर्फ अपारशक्ति या अभिषेक बल्कि पंकज त्रिपाठी जी और विजय राज सर के साथ काम करके भी मज़ा आया। अच्छे एक्टर आपके साथ हों तो काम करने का मज़ा दोगुना हो जाता है। 

आपकी कोई फिल्म जिसकी सीक्वल बनायी जा सके ?
बहुत सी फ़िल्में है, सबसे पहले तो 'न्यूटन' ही है जिसके मूल आईडिया को लेकर किसी और  विभाग और उसकी व्यवस्था पर बेहतरीन कहानी कही जा सकती है, साथ ही 'शाहिद' फिल्म की दूसरी कड़ी किसी और एक्टिविस्ट की ज़िन्दगी पर बनाई जा सकती है, 'बरेली की बर्फी' में जो मेरा किरदार है प्रीतम विद्रोही, उस किरदार को लेकर दिलचस्प कहानी कही जा सकती है। मैं इस बारे में अपनी राय फिल्मकारों को भी देता रहता हूं, उम्मीद कीजिए की भविष्य में ऐसा कुछ हो। 

आने वाली फ़िल्में कौन कौन सी हैं ? 
'स्त्री' के बाद मेरी अगली फ़िल्म 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' है जो फरवरी में आये गी, अनिल सर, जूही चावला और सोनम कपूर हैं मेरे साथ उसमें। उसके बाद कंगना के साथ 'मेंटल है क्या' 
आयेगी, फ़िलहाल मैने एक नई फ़िल्म 'मेड इन चाइना' शुरु की है तो वो भी पाइपलाइन में है। अनुराग बासु की 'इमली' कर रहा हूं जिसमें मेरे साथ एक बार फिर कंगना रनौत नज़र आयेंगी । 



Thursday, August 16, 2018

कहानी - हिंदी फिल्म -- गोल्ड

कहानी - हिंदी फिल्म -- गोल्ड 
रिलीज़ -- १५ अगस्त 
बैनर -- एक्सेल एंटरटेनमेन्ट 
निर्माता -- फ़रहान अख़्तर और रितेश सिधवानी 
निर्देशक -- रीमा कागती 
संवाद -- जावेद अख़्तर
कहानी -- रीमा कागती, राजेश देवराज 
पटकथा -- राजेश देवराज 
कलाकार -- अक्षय कुमार, मौनी रॉय, कुणाल कपूर, अमित साध,सनी कौशल, विनीत कुमार सिंह, निकिता दत्ता 
संगीत -- सचिन जिग़र, अर्को पर्वो मुखर्जी, तनिष्क बागची 
गीत -- जावेद अख़्तर,वायु,अर्को  
गायक - गायिका --  यासिर देसाई,विशाल डडलानी, दलेर मेहँदी, सचिन- जिग़र, मोनाली ठाकुर,के के,दिव्या कुमार, सुखविंदर सिंह,फ़रहाद भिवण्डीवाला, शाशा तिरुपति।              

अरमान,वैनटी फेयर,लगान, दिल चाहता है, लक्ष्य , जिंदगी न मिलेगी दोबारा आदि फिल्मों  में  सहायक निर्देशक के रूप में काम चुकी रीमा कागती की  बतौर स्वतंत्र निर्देशक पहली फिल्म थी  २००६ में रिलीज हुई फिल्म " हनीमून ट्रेवल्स प्रा लिमि। इसके बाद २०१६ में आयी फिल्म "तलाश ". फिल्म "गोल्ड " उनकी तीसरी फिल्म है। २०१७ में अक्षय कुमार की फिल्म आयी "टॉयलेट : एक प्रेम कथा , इससे पहले रुस्तम, एयरलिफ़्ट, ओ एम जी, हाउसफुल- २ आदि अनेकों फ़िल्में आयी हैं जिन्हें दर्शकों ने बहुत पसंद किया है। 

फिल्मों में बैक ग्रॉउंड डाँसर के रूप में काम कर चुकी मौनी रॉय इस फिल्म "गोल्ड " में मुख्य अभिनेत्री के तौर में काम कर रही हैं।  मौनी ने २००७ में "क्योंकि सास भी कभी बहू थी " से अपना अभिनय सफर शुरू किया। इसके बाद इन्होने कस्तूरी, दो सहेलियाँ , श्श्श्श कोई है ,देवों के देव महादेव ,नागिन के अलावा अनेकों रियल्टी शो में काम किया है.

अभिनेता कुणाल कपूर ने २००५ में " मीनाक्षी : ए टेल ऑफ़ थ्री सिटीज " से अपने अभिनय की शुरुआत की।  इसके बाद  कुणाल की  रंग दे बसंती ,आजा नच ले, लागा चुनरी में दाग़ , बचना ए हसीनों ,वेलकम टू सज्जनपुर, डॉन - २,लम्हा , लव शव ते चिकन खुराना आदि अनेकों फ़िल्में आयी हैं। 

सच्ची घटनाओं से प्रेरित फिल्म "गोल्ड " की कहानी है  --  जज़्बे की, देश के लिए कुछ कर गुजरने के जूनून की. 
१९४८ -- लंदन ओलंपिक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आयोजित होने वाला पहला ओलंपिक था। इससे पहले १९३६ में बर्लिन में ओलम्पिक हुआ था।  12 साल के अंतराल के बाद आयोजित होने वाले  इस ओलंपिक को लेकर क्या देशवासी , क्या खिलाड़ियों सभी में गज़ब का उत्साह था। क्योंकि आज़ादी के बाद यह पहला ही ओलम्पिक था जिसमें स्वतंत्र भारतीय टीम हिस्सा लेने वाली थी। इससे पहले ब्रिटिश इंडिया के झंडे तले हॉकी में भारतीय टीम विजेता बनी थी। अब देश आज़ाद हो चुका था लेकिन टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी किसी न किसी वजह से हॉकी खेलना छोड़ चुके थे। ऐसे में फिर से उसी उम्दा टीम के उम्दा खिलाड़ियों को एक जुट करने का जिम्मा उठाता है १९३६ के बर्लिन ओलम्पिक में हिस्सा ले चुकी  ब्रिटिश इंडिया की विजेता टीम का मैनेजर और खिलाड़ी तपन दास ( अक्षय कुमार ) . तपन दास के समझाने पर रघुवीर प्रताप सिंह ( अमित साध ) इम्तियाज़ शाह ( विनीत कुमार सिंह ) हिम्मत सिंह ( सनी कौशल ) आदि पुराने खिलाड़ी भी अंग्रेजों से २०० साल की ग़ुलामी का बदला लेने के लिये हॉकी टीम में खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं। एक के बाद एक करके ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया,अर्जेंटीना , हॉलैंड,और ब्रिटेन आदि सभी टीमों को पछाड़ती हुई  स्वतंत्र भारत की हॉकी टीम  अपना पहला स्वर्ण पदक जीत कर फहरते हुए तिरँगे के नीचे अपना राष्ट्र गान गाती  हैं। यही इस फिल्म में दिखाया है।    
 

Wednesday, August 15, 2018

एक्ट्रेस और मॉडल निकिता रावल ने एक दिन एच आई वी पॉज़िटिव बच्चों के साथ खेलकर मनाया


एक्ट्रेस मॉडल निकिता रावल ने अपनी आस्था फाउंडेशन एन जी ओ की टीम के साथ गोरेगाँव के डिज़ायर सोसाइटी जाकर  एच आई वी पॉज़िटिव बच्चों के साथ  मिलीं। उनको ज़रूरत का सामन दिया। डिज़ायर सोसाइटी  एच आई वी पॉज़िटिव बच्चों  की देखभाल करता है।  एच आई वी पॉज़िटिव बच्चों को समाज का साथ चाहिए ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके और वो ज़्यादा से ज़्यादा ज़िन्दगी जी सकें। इस समय इस सोसाइटी में ३० बच्चे हैं। निकिता रावल ने दाल ,तेल और कई उपयोगी चीज़ें जाकर डेज़िअर सोसाइटी में दी। बच्चों ने निकिता को ग्रीटिंग कार्ड दिया और उनके साथ खूब डांस भी किया। टेली चस्का के आदित्य कुमार ने बताया की जब भी इन बच्चों को कुछ चाहिए होता है तो वो खुद आगे बढ़कर इनकी मदद करते हैं। 

Tuesday, August 7, 2018

इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी लाइसेंस के लिए डिजिटल पेमेंट का प्रारंभ


भारत में एक डिजिटल कदम से, इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (आईपीआरएस) डिजिटल पेमेंट्स को प्रोत्साहित करके, सरल, सुविधाजनक और प्रभावी लेनदेन के लिए कैशलेस हो गया है। नए प्रबंधन के तहत, जिन्होंने आईपीआरएस को विश्व स्तरीय संगठन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, डिजिटल पेमेंट का कदम उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लाइसेंस के लिए आवेदन करने की इस कैशलेस प्रणाली के साथ, उपयोगकर्ता अब आईपीआरएस वेबसाइट पर लॉग ऑन कर सकते हैं, आवेदन भर सकते हैं, और आवश्यक पेमेंट ऑनलाइन कर सकते हैं। इसे पोस्ट करें, आवेदक को तुरंत ई-मेल और एसएमएस के माध्यम से अपना लाइसेंस प्राप्त होगा।

इस नए विकास पर टिप्पणी करते हुए, आईपीआरएस के अध्यक्ष जावेद अख्तर ने कहा - आईपीआरएस यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आयोजक द्वारा लाइसेंस खरीदना, किसी भी इवेंट, बड़े या छोटे और देश में कहीं भी किसी भी जगह से माउस के क्लिक पर किया जा सकता है। यह कदम सोसाइटी के साथ संबंधित सभी लोगों के लाभ के लिए कुल पारदर्शिता और व्यवसाय करने में आसानी लाएगा; दूसरी ओर, कानून आयोजक को कानून के तहत आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अब कोई बहाना नहीं होना चाहिए। "देश में अधिकारियों को अधिकार देने, लाइसेंस जारी करने और लेखकों, संगीतकारों और प्रकाशकों के लिए रॉयल्टी एकत्र करने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत निकाय के रूप में संगीत और साहित्यिक काम (गीत), कैशलेस पेमेंट्स व्यापार करने में आसानी लाएगा।

इस नए आईपीआरएस कदम का डिजिटल इंडिया के लिए सरकार के दृष्टिकोण से पूरी तरह से गठबंधन है। आईपीआरएस के सीईओ राकेश निगम कहते हैं, "हम सभी डिजिटल जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सोसाइटी द्वारा मध्यम अवधि में पर्याप्त निवेश की आवश्यकता है। लेकिन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता लाइसेंसिंग प्रक्रिया से सही निकालना है: सिस्टम से बातचीत और केश पेमेंट को हटाने से दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी, और हर किसी के लिए समय और लागत बचाएगी। "

अधिक जानने या लाइसेंस के लिए आवेदन करने के लिए लॉग ऑन करें:


आईपीआरएस के बारे में: १९६९ में स्थापित, आईपीआरएस के देश भर में ४,००० से ज्यादा सदस्य हैं और यह दुनिया के संगीत प्रदर्शन का भी प्रतिनिधित्व करता है। सरकार ने हाल ही में संशोधित कॉपीराइट अधिनियम के तहत आईपीआरएस पुनः पंजीकरण प्रदान किया है। मुंबई में अपने पंजीकृत कार्यालय के साथ आईपीआरएस के पास भारत भर के १० शहरों में प्रशासनिक कार्यालय भी हैं।

Monday, August 6, 2018

लिबास के डिजाइनर रियाज गांगजी को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए युगांडा के प्रेसिडेन्ट मूसेवेनी द्वारा आमंत्रित किया गया


लिबास के डिजाइनर रियाज गांगजी को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोपहर के भोजन के लिए स्वागत करने के लिए युगांडा के प्रेसिडेन्ट मूसेवेनी द्वारा आमंत्रित किया गया। लिबास के रियाज गांगजी द्वारा डिजाइन किए हुए वस्त्र युगांडा के प्रेसिडेन्ट योवेरी मूसेवेनी के लिए विशेष रूप से पहने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 वीं कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गर्वमेंट मिटिंग (सीएचओजीएम) के दौरान युगांडा के प्रेसिडेन्ट योवेरी मूसेवेनी से मुलाकात की।

Saturday, August 4, 2018

सतीश कौशिक ,अमर उपाध्याय ने हिंदी फ़िल्म भागते रहो का संगीत रिलीज़ किया

साक्षी क्रिएशन्स के सुनील तिवारी और सह निर्माता रिखब जैन ने फ़िल्म के कलाकार और मेहमान  को  कॉमेडी हिंदी फ़िल्म भागते रहो का संगीत और ट्रेलर लांच के लिए जुहू के सनी सुपर साउंड में आमंत्रित किया। सतीश कौशिक , अमर उपाध्याय ,पंडित पवन कौशिक ,ब्राईट के योगेश लखानी ,
मनीष चिरावाला ख़ास संगीत और ट्रेलर लांच के लिए आये। कास्ट में सुनील पाल,गोपी भल्ला ,रिया दीपसी और अभय रायचंद आये जिन्होंने मीडिया को फ़िल्म और अपने किरदार के बारे में बताया। फ़िल्म के अन्य कलाकार हैं राजपाल यादव , दिनेश हिंगू ,शेखर शुक्ला ,नितीश चौबे ,संजीव सोनी ,अली ,सनी ,आदेश ,बद्रीश छाबड़ा ,भूपेंद्र और अन्य। फ़िल्म के राइटर डायरेक्टर प्रफुल तिवारी हैं जो एक जानेमाने टीवी के डायरेक्टर हैं। इस फ़िल्म के सिनेमेटोग्राफर हैं शांति भूषण,लाइन प्रोडूसर दिलीप सोनी और बिज़नेस हेड हैं राकेश सबरवाल। फ़िल्म सात सितम्बर को समस्त भारत में रिलीज़ होगी। 

Friday, August 3, 2018

कहानी -- हिंदी फिल्म -- फ़न्ने खां

कहानी -- हिंदी फिल्म -- फ़न्ने खां 
रिलीज़ -- ३ अगस्त 
बैनर -- टी सीरीज़, राकेश ओम प्रकाश मेहरा पिक्चर्स, अनिल कपूर फिल्म्स एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क 
निर्माता --  भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अनिल कपूर, पी एस भारती, राजीव टंडन, कुसुम अरोरा,  राकेश ओम प्रकाश मेहरा, निशांत पित्ती, वीरेंदर अरोरा 
निर्देशक -- अतुल मांजरेकर
लेखक --  हुसैन दलाल , डोमिनिक डेरुड्डेरे 
बेल्जियन फिल्म "एवरीबॉडीज फेमस" की रीमेक 
कलाकार -- अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, राजकुमार राव, दिव्या  दत्ता, पीहू सैंड  
संगीत --   अमित त्रिवेदी 
गीत -- इरशाद क़ामिल 
निर्देशक अतुल मांजरेकर ने  अब तक अनेकों विज्ञापन फिल्मों को बनाया है लेकिन यह फिल्म "फन्ने खां " उनकी पहली फीचर फिल्म है। अभिनेता अनिल कपूर के बारें में सभी जानते हैं.  तेज़ाब , मेरी जंग ,राम लखन,बेटा , साहेब ,कर्मा, मिस्टर इंडिया, परिंदा,विरासत , लम्हे ,जुदाई ,पुकार ,नायक, वेलकम, नो एंट्री, रेस , स्लमडॉग मिलेनियर के अलावा उनकी अनेकों फ़िल्में आयी हैं। २०१५ में दिल धड़कने दो  २०१७ में मुबारकां अनिल कपूर की इन दोनों फिल्मों को भी दर्शकों ने खासा पसंद किया है साथ में उनके टी वी धारावाहिक "२४" को भी दर्शकों की सराहना मिली। तमिल , तेलुगु , बंगाली, अंग्रेजी और हिंदी भाषा की अनेकों फिल्मों में काम कर चुकी ऐश्वर्या राय की पिछली फ़िल्में "सरबजीत" और  "ए दिल है मुश्किल " २०१६ में आयी थी। अभिनेता राजकुमार राव की पहली फिल्म २०१० में आयी " लव सेक्स और धोखा". इसके बाद २०१३ में काय पो चे , शाहिद २०१४ में क्वीन , सिटी लाइट २०१६ में अलीगढ़ २०१७ में  ट्रैप्ड , ओमेरेटा, बरेली की बर्फी , न्यूटन, शादी में आना जरूर आदि फ़िल्में रिलीज़ हुई।  १९९९ में आयी सुभाष घई की फिल्म "ताल " में अनिल कपूर और ऐश्वर्या राय ने एक साथ काम किया था और अब इतने सालों के बाद एक बार फिर दोनों एक साथ इस फिल्म में नज़र आयेगें।   
     अप्रैल - २००० में आयी म्यूजिकल - कॉमेडी फिल्म " एवेरीबॉडीज फेमस " की रीमेक है "फन्ने खां ".  फिल्म की कहानी है घूमती है एक पिता और उसकी बेटी के चारों ओर। फन्ने खां ( अनिल कपूर ) जिसे संगीत से बेहद लगाव है। संगीत के बिना उसका जीवन ही अधूरा है और जो खुद कभी गायक बनने के सपने देखता था।  अब वही सपने टैक्सी ड्राईवर फन्ने खां अपनी बेटी लता ( पीहू सैंड ) के लिए देखता है वो चाहता है कि उसकी बेटी बहुत बड़ी गायिका बन कर संगीत की दुनियाँ में अपना नाम रोशन करें। उसकी बेटी लता भी अपने पापा के सपने को पूरा करने के लिए संगीत की हर प्रतियोगिता में हिस्सा लेती है लेकिन वो कभी भी सफल नहीं होती। अपनी बेटी को कामयाब बनाने के लिए फन्ने खां हर सम्भव कोशिश करता है और इसके लिए वो देश की  जानी मानी पॉप गायिका बेबी सिंह ( ऐश्वर्या रॉय बच्चन ) का अपहरण भी कर लेता है. बेबी सिंह के अपहरण होने की वजह से उसके गाये गीतों के एलबमों की बिक्री तेजी से होने लगती है। इस ख़बर से खुश होकर पॉप गायिका बेबी सिंह का मैनेजर फन्ने खां से एक सौदा करता है। 
मैनेजर ने फन्ने खां  से कौन सा सौदा किया है ? क्या बेबी सिंह फन्ने खां की कैद से आज़ाद हो जाती है ? क्या फन्ने खां की बेटी का गायिका बनाने का सपना पूरा हो पाता है ? यही  इस फिल्म में दिखाया गया है। 

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...