Friday, October 3, 2014

शक्तिमान मुकेश खन्ना पहली बार पंजाबी फिल्म मावां ठंडियां छावन में नज़र आएंगे

टीवी के भीष्म पितामह और शक्तिमान, मुकेश खन्ना पहली बार पंजाबी फिल्म करने के लिए तैयार हैं। मुकेश खन्ना खुद पंजाबी होते हुए भी रीजनल फिल्म नहीं करते हैं क्यूंकि लोग उनके बड़े संवाद सुनना चाहते हैं। मुकेश खन्ना वेद खन्ना निर्मित और डॉक्टर राजेश बक्शी निर्देशित फिल्म 'मावां ठंडियां छावं' में मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे। फिल्म का संगीत दिया है सूर्य कमल ने और गीत लिखे हैं गूफी पेंटल ने। 

मुकेश खन्ना पहले टीवी कलाकार होंगे जिनका वैक्स बोले तो मोम की मूर्ति लोनावला के म्यूजियम में रखा जायेगा। मुकेश खन्ना ने बताया की फिल्म की कहानी मेरे दिल के बहुत करीब है। फिल्म की शूटिंग अक्टूबर में शुरू होगी। 

हिंदी फिल्म --- इक्कीस तोपों की सलामी

हिंदी फिल्म  --- इक्कीस तोपों की सलामी 
रिलीज़ -- १० अक्टूबर 
बैनर -- नौटंकी फिल्म्स 
निर्माता -- अनुराधा प्रसाद और अभिनव शुक्ला 
निर्देशक -- रविन्द्र गौतम 
लेखक -- राहिल क़ाज़ी 
कलाकार -- अनुपम खेर , नेहा धूपिया , दिव्येंदु शर्मा , मनु ऋषि , अदिति शर्मा , राजेश शर्मा , उत्तरा बाओकर , सुप्रिया कुमारी , सुधीर पाण्डेय और आसिफ शेख़. 
संगीत -- राम संपत 
गायक गायिका -- सोना महापात्रा , लाभ झंझुआ , अमन त्रिखा , मोहित चौहान , तरन्नुम मलिक और राम संपत। 

छोटे परदे के लोकप्रिय निर्देशक लखनऊ के रविन्द्र गौतम , आये तो थे फिल्मों में अभिनय करने के लिए लेकिन अभिनय करने का तो नही लेकिन अभिनय करवाने का मौका उन्हें जरूर मिल गया।  उन्होंने छोटे परदे पर अपनी शुरूआत की एक निर्देशक के रूप में धारावाहिक " कसौटी जिंदगी के " से।  इसके बाद करम अपना अपना , क्या हुआ तेरा वादा , बड़े अच्छे लगते हैं और होंगे न जुदा  हम
, उतरन , मधुबाला एक इश्क एक जूनून आदि अनेकों धारावाहिकों का उन्होंने निर्देशन किया है ।

अभिनेता मनु ऋषि यूं तो अनेकों फिल्मों में काम कर चुके हैं।  दिल्ली के अश्मिता थियेटर ग्रुप से जुड़े मनु ने निर्देशक अरविन्द गौड़ के निर्देशन में करीब ४० नाटकों में अभिनय किया। साथिया, रघु रोमियो, मिक्सड डबल, एक चालीस की लास्ट लोकल ,ओये लकी लकी ओये, फंस गया रे ओबामा, एक दीवाना था, क्या दिल्ली क्या लाहौर और आँखों देखी आदि अनेकों फिल्मों में अभिनय किया है। 

दिल्ली के रहने वाले  दिव्येंदु शर्मा  ने पूना के फिल्म संस्थान से अभिनय की बारीकियां सीखी और  फिल्म 'प्यार का पंचनामा " से शुरू किया फिल्मों में काम करने का सिलसिला। इसके बाद डेविड धवन की फिल्म "चश्मेबद्दूर " में काम किया।  और अब उनकी फिल्म 'इक्कीस तोपों की सलामी' आ रही है इसके बाद आयेगी "रेव पार्टी "
यह  फिल्म आधारित है पिता और उसके दो बेटों के रिश्तों पर।  आम आदमी के सपनों की इस फिल्म में दर्शकों को भरपूर हास्य देखने को भी मिलेगा। 

पुरुषोत्तम नारायण जोशी ( अनुपम खेर ) ने अपनी जिंदगी में एक सरकारी क्लर्क के पद पर काम किया।  ईमानदारी से अपना काम करते हुए भी कभी उन्हंे वो प्रशंसा नही मिली जिसके कि वो हकदार थे।  भ्रष्ट सहयोगियों के बीच ईमानदारी से काम करते हुए भी हमेशा ही उनका  मजाक बनाया गया.  मरते समय नारायण जोशी अपने दोनों नाकारा बेटों सुभाष जोशी ( दिव्येंदु शर्मा ) और शेखर जोशी (मनु ऋषि )के सामने  अपनी आखिरी इच्छा रखते हैं कि मरने के बाद उनका सम्मान इक्कीस तोपों की सलामी से किया जाये। 
अपने पिता की आखिरी इच्छा को पूरा करने के लिए दोनों बेटे क्या - क्या करते हैं ? उन्हें इसके लिए क्या - क्या करना पड़ता है ? क्या सच में वो अपने पिता को इक्कीस तोपों की सलामी दे पाते हैं ? अपने पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए उन्हें किन -किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और इन्हीं घटनाओं से   शुरु होती है बेहिसाब कॉमेडी। 
फिल्म का गीत --संगीत ज्यादा लोकप्रिय तो नही हुआ। फिर भी तोड़ के कतार , घूर घूर के, हम तुम्हें कैसे बताये  गीत ठीक ठाक से हैं। 

हिंदी फिल्म -- तमंचे

हिंदी फिल्म -- तमंचे 
रिलीज़ --- १० अक्टूबर 

बैनर -- फैशन टी वी फिल्म्स और ए वाइल्ड एलीफैंट मोशन पिक्चर्स 
निर्माता --  सूर्यवीर सिंह भुल्लर 
निर्देशक -- नवनीत बहल 
कलाकार --  निखिल द्विवेदी, ऋचा चड्ढा 
संगीत -- कृष्णा , आर डी बर्मन , डी जे ख़ुशी और इक्का।

अभिनेता निखिल द्विवेदी ने अपना अभिनय सफर सन २००८ में आयी फिल्म "माय नेम इज एंथोनी गोंजाल्विस " से  शुरू किया और बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्म फेयर अवार्ड भी जीता था।  इस फिल्म के बाद रावण , शोर इन द सिटी और हेट स्टोरी आदि फिल्मों में भी वो दिखाई दिये। 
 ऋचा चड्ढा ने भी सन २००८ में अपना अभिनय सफर शुरू किया फिल्म "ओये लकी लकी ओये से " . इसके बाद गैंग्स ऑफ़ वासेपुर , फुकरे , गोलियों की रास लीला -- राम लीला आदि फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया।  फिल्म 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' के लिए उन्हें काफी सराहना भी मिली। 

क्राइम और रोमांस से भरपूर इस फिल्म 'तमंचे'  के बारें में यह भी कहा जा रहा है कि इसकी कहानी  अंडरवर्ल्ड के डॉन अबू सलेम और मोनिका बेदी की  विवादास्पद प्रेम  कहानी पर आधारित है.

इस फिल्म की कहानी है मुन्ना मिश्रा ( निखिल द्विवेदी ) जो कि उत्तर प्रदेश का एक देहाती अपहरणकर्ता  है और बाबू ( ऋचा चड्ढा ) जो की दिल्ली की सड़कों पर दवाईयाँ बेचती है। पुलिस की हिरासत में इन दोनों की पहली मुलाक़ात होती है. पुलिस की नज़रों से खुद को बचाने के लिए जब दोनों को कुछ दिनों के लिए साथ रहना पड़ता है तब उन दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरू हो जाती है. लेकिन एक दिन बिना मुन्ना को बताये बाबू वापस अपनी पुरानी जिंदगी में लौट जाती है.  उदास प्रेमी मुन्ना बाबू को ढूंढता हुआ उसके पीछे दिल्ली पंहुच जाता है वहां जाकर उसे पता चलता है कि बाबू तो गैंग के लीडर राणा की रखैल है।  मुन्ना बाबू को फिर से पाने और उसे अपने साथ भगाने के इरादे से  राणा के गिरोह में शामिल हो जाता है और फिर शुरू होता है खतरनाक राणा के नाक के नीचे इन दोनों का प्रेम प्रसंग। 

मुन्ना और बाबू की प्रेम कहानी का अंत होता दिखाई देने लगता है क्योंकि राणा बाबू के साथ देश छोड़ने का निर्णय लेता है अब इन दोनों के सामने अपने प्रेम को बचाने के लिए कोई दूसरा रास्ता नही सूझता  सिवाय राणा को जान से मारने के. लेकिन दोनों राणा को मारने में असफल तो होते ही हैं साथ में सारे गिरोह के सामने इनकी प्रेम कहानी भी उजागर हो जाती है अब ये दोनों अपराधी पुलिस से तो खुद को बचाते ही हैं साथ में राणा से भी उन्हें खुद को बचाना है क्योंकि दोनों हो इनकी जान के पीछे हैं।   

कानून और खतरनाक अपराधी राणा दोनों ही मुन्ना और बाबू के पीछे हाथ धोकर पीछे हैं ऐसे में इन दोनों के आगे कुछ नही बचता तो ये सोचते हैं कि कम से कम वो राणा को मार कर तो उससे अपना पीछा छुड़ाये कब तक आखिर ऐसे ही चूहे बिल्ली का खेल चलता रहेगा।  इन दोनों प्रेमियों ने ऐसी जिंदगी तो नही मांगी थी। 

क्या होता है आखिरी में ? क्या पुलिस मुन्ना और बाबू को पकड़ने में कामयाब हो पाती है ? क्या पुलिस इन दोनों का एन काउंटर कर देती है ?

निखिल का किरदार जहां फिल्म में कूल है, वहीं ऋचा का रोल एक मुंहफट और सड़कछाप भाषा बोलने वाली लड़की का है। फिल्म के प्रमोशन में कहा गया है कि यह ‘कमीनों की लव स्टोरी’ है। फिल्म में ऋचा का किरदार काफी बोल्ड बताया जा रहा है। 

 "प्यार में दिल पर मार दे गोली "  ८० के दशक में अमिताभ बच्चन और जीनत अमान  की आयी फिल्म "महान" का  यह गीत 'तमंचे' में रीमिक्स रूप में है जो की श्रोताओं में ख़ासा लोकप्रिय है।  इसे गाया है  बप्पी लाहिरी ने।

कॉमेडी और फिल्म जगत के कलाकार डांडिया में अपनी फिल्म प्रमोट करने बोरीवली आये

फिल्म और टीवी जगत के कलाकार अपनी अपनी फिल्म का प्रचार करने बोरीवली के डांडिया आये। ब्राइट के योगेश लखानी  कलाकारों का स्वागत किया। नविन प्रभाकर, साजन अग्रवाल और सेज़ल शर्मा अपनी फिल्म 'गेम पैसा लड़की' को प्रमोट करने आये वही सुनील पाल अपनी फिल्म 'मनी बैक गारंटी' का प्रचार करने आये। फ़ुरक़ान मर्चेंट, ज़ेबा साजिद, राहत काज़मी अपनी फिल्म 'आइडेंटिटी कार्ड' के लिए आये। इसके अलावा साउथ की तनीषा सिंह, राजीव निगम, संचिति सकट, एकता जैन और शबाब साबरी भी आये।


 

Thursday, October 2, 2014

एक कचरे बीनने वाले ने हिंदी फिल्म ढूंढ लेंगे मंज़िल हम बनाई है जो १० अक्टूबर को रिलीज़ होगी

कल्याण जना एक ऐसा नाम है जिसे हर स्कूल और कॉलेज के बच्चे जानते हैं। वैसे वो बचपन में मलाड फुटपाथ पर कचरा बीनता था और अपना जीवन जीता था। उसके माँ बाप उसे रास्ते पर छोड़ गए थे। अपनी मेहनत और लगन से उसने फुटपाथ पर पलने वाले बच्चों की ज़िन्दगी पर फिल्म बनाई है।  

कल्याण स्कूल और कॉलेज में डांस सिखाता है। फिल्ममें किसी भी कलाकार ने पैसा नहीं लिया है। फिल्म में कलाकार हैं- धर्मेन्द्र सिंह, कल्याण, सेबेटिना रेड्डी, नेहा बंसल, पूजा म्हात्रे, शांतनु बक्शी, मुश्ताक खान, रज़ा मुराद, रमेश गोयल, अली खान और बीरबल।  इस फिल्म से कल्याण लोगों को ये सन्देश पहुचना चाहता है कि लोग अनाथ बच्चों को प्यार दें और उन्हें पढ़ाये और समाज का एक हिस्सा बनाये। 


 

Wednesday, October 1, 2014

हिंदी फिल्म -- बैंग बैंग

हिंदी फिल्म -- बैंग बैंग 
रिलीज़ -- २ अक्टूबर 
निर्माता -- फॉक्स स्टार स्टूडियोज 
निर्देशक --- सिद्धार्थ आनंद
लेखक --- सुभाष नायर  
पटकथा --- सुजय घोष और  सुभाष नायर  
संवाद --अब्बास टायरवाला 
कलाकार -- ऋतिक रोशन , कैटरीना कैफ़ , डैनी डेंजोगप्पा , जावेद जाफ़री, जिमी शेरगिल, पवन मल्होत्रा 
गीतों में संगीत -- विशाल शेखर 
बैक ग्राऊँड -- सलीम सुलेमान 

फिल्म "बैंग बैंग " सन  २०१० में आयी हॉलीवुड की लोकप्रिय एक्शन फिल्म "नाइट एंड डे" की हिंदी रीमेक फिल्म है।  "नाइट एंड डे" में लोकप्रिय अभिनेता टॉम क्रूज़ और  कैमरॉन डिआज़ मुख्य भूमिका में थे जबकि इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में ऋतिक  और कैट की जोड़ी है. इसी जोड़ी ने फिल्म "जिंदगी न मिलेगी दोबारा में " दर्शकों को दीवाना बना दिया था. हिंदी के साथ यह फिल्म तमिल और तेलुगु भाषा में भी रिलीज़ होगी।  पहले इस फिल्म के लिए निर्देशक सिद्धार्थ आनंद अभिनेता शाहिद कपूर को लेने वाले थे लेकिन टॉम क्रूज़ से अपनी तुलना होने की वजह से शाहिद ने इस फिल्म में काम  इंकार कर दिया।  सुनने में यह भी आया है कि ऋतिक  ने इस फिल्म के लिए ३० करोड़ रूपये लिए हैं. ऋतिक की आखिरी फिल्म 'कृष - ३' थी जो की दर्शकों ने बहुत पसंद की थी और अब उनके प्रशंसकों को उनकी इस फिल्म का भी बेसब्री से इंतज़ार है। इस फिल्म के लिए उन्होंने ने काफी मेहनत की क्योंकि यह फिल्म पूरी तरह से एक्शन फिल्म है।  इस फिल्म में ऋतिक ने स्टंट भी बहुत किये हैं। जिसमें से फ्लाइंग बोर्ड स्टंट की बहुत चर्चा में है। यूरोप , ग्रीस और थाईलैंड में फिल्म की शूटिंग हुई है । 

  1. अभिनेता टीनू आनंद के भतीजे निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने अपना फ़िल्मी कैरियर शुरू किया राहुल रवैल की फिल्म "कुछ खट्टी और कुछ मीठी" से. फिर उन्होंने फिल्म "हम तुम " को लिखा। इसके बाद सलाम नमस्ते, ता रा  रम पम पम  , बचना ए हसीनों , अंजाना अंजानी आदि फिल्मों का निर्देशन किया।  
  2. फिल्म की कहानी इस प्रकार है ---- बैंक की खूबसूरत  रिसेप्शनिस्ट हरलीन साहनी (कैटरीना कैफ़ )  की मुलाकात  आकर्षक और  रहस्यमय राजवीर नंदा (ऋतिक रोशन ) के साथ होती है। और फिर शुरू होता है  सिलसिला धोखे का , विमानों और गाड़ियों के  आपस में  टकराना  , गोली और बमों के  हमला का , इन्ही सब घटनाओं के दौरान हरलीन को यह पता चलता है कि राजवीर एक अच्छा इंसान है और वो उसकी कही सब बातों पर विश्वास कर सकती है। 

  3. ओमार के किरदार में डैनी  डैंग्जोप्पा हैं  और हामिद गुल की भूमिका में नज़र आयेगें जावेद जाफरी। इसके अलावा कई हॉलीवुड के सितारों ने भी इस फिल्म में अभिनय किया है जिनमें  हरॉन स्मोरेनबर्ग हेंचमैन के किरदार में, डेमियन माविस गैंगस्टर के किरदार में हैं। 
  4. फिल्म में ऋतिक और कैटरीना दोनों ही सीक्रेट एजेंट की भूमिका में हैं। दोनों ने ही फिल्म में भरपूर स्टंट और डांस किये हैं। इसी फिल्म में हीरो ने कोहिनूर हीरा भी चुराया है. जिससे उसके पीछे दुनिया भर की पुलिस से तो है ही साथ में विलेन भी उनके पीछे - पीछे भाग रहे हैं. 
  5. फिल्म का गीत - संगीत भी बहुत लोकप्रिय हो रहा है तू मेरी (विशाल डडलानी) मेहरबान ( ऐश किंग , शिल्पा राव , शेखर रिजवानी ) उफ़ (बेनी दयाल और हर्ष दीप कौर) बैंग बैंग (बेनी दयालऔर नीति मोहन ) . 
  6. इस फिल्म 'बैंग बैंग' के बारें में इतना कहा जा सकता है कि यह हॉलीवुड की फिल्म "नाइट एंड डे" का रीमेक है तो निश्चित रूप से फिल्म के निर्माता व निर्देशक ने कोई भी कसर नही छोड़ी है इसे उस स्तर का बनाने की। इस फिल्म में सब कुछ उच्च स्तर का है क्या स्टंट ? क्या डांस , क्या संगीत ? यह फिल्म पूरी तरह से एक "पावर  पैक प्रेजेन्टेशन" कही जा सकती है. दर्शक देखेगें और निस्संदेह रूप से सराहेंगे फिल्म को और इसमें अभिनय करने वाले कलकारों को।  फिल्म के ट्रेलर देख कर तो ऐसा ही लगता है।  

हिंदी फिल्म --- हैदर

हिंदी फिल्म  --- हैदर 
रिलीज़ --- २ अक्टूबर 
निर्माता -- विशाल भारद्वाज और सिद्धार्थ रॉय कूपर 
निर्देशक -- विशाल भारद्वाज 
लेखक --- बशारत पीर और विशाल भारद्वाज 
विलियम शेक्सपीयर के  नाटक हैमलेट पर आधारित 
कलाकार -- शाहिद कपूर , तब्बू , इरफ़ान, के के मेनन , श्रद्धा कपूर , कुलभूषण खरबंदा , ललित पारिमू , आशीष विद्यार्थी , आमिर बशीर ,सुमित कौल और रजत भगत। 
संगीत ---विशाल  भारद्वाज 
गीतकार -- गुलज़ार 

संगीतकार से फिल्म निर्देशक बने विशाल भारद्वाज ने अनेकों फिल्मों में एक संगीतकार  के रूप में संगीत दिया और शोहरत पायी लेकिन सन २००२ में उन्होंने बाल फिल्म "मकड़ी " को निर्देशित किया और देश के साथ - साथ विदेशों में सराहना पायी और अवार्ड प्राप्त किये।   इस फिल्म के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नही देखा और एक के बाद एक उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन किया। जिनमें  २००३ में  फिल्म "मकबूल"  , २००५ में ब्लू अम्ब्रेला , २००६ में ओमकारा , २००९ में कमीने , २०१० में इश्किया , २०११ में सात खून माफ़ , २०१३ में मटरू की बिजली का मंडोला और अब यानि २०१४ में यह फिल्म 'हैदर'  आदि प्रमुख हैं।   विशाल भारद्वाज ने  विलियम शेक्सपीयर के लिखे नाटकों पर फिल्म बनाकर उन्हें भारतीय सिनेमा में जीवंत कर दिया। विशाल भारद्वाज ने  मैकबेथ पर आधारित मकबूल ,  ओथेलो पर आधारित ओमकारा फ़िल्में बनायी और अब हैमलेट पर ही आधारित है फिल्म " हैदर" .  विशाल की इस फिल्म में भी उनके प्रिय अभिनेता और अभिनेत्री हैं जैसे -- इरफ़ान , तब्बू  और  शाहिद कपूर।  यह तीनों पहले भी उनके साथ काम कर चुके हैं. 

कश्मीर की खूबसूरत घाटी में फिल्मायी इस  "हैदर"  फिल्म की कहानी इस प्रकार है ---  युवा हैदर ( शाहिद कपूर ) अपने पिता (इरफ़ान खान ) के लापता होने की खबर पाकर अपने घर कश्मीर वापस लौटता है. इतना ही नहीं उसे यह भी पता चलता  है कि आतंकवादियों को शरण देने की वजह से ही सुरक्षा बलों ने उसके पिता को हिरासत में लिया है। इसके ही साथ उसे यह भी पता चलता है कि  उसकी मां गज़ाला ( तब्बू ) के रिश्ते उसके अपने ही अपने चाचा ( के के मेनन ) से ही हैं और उन दोनों का निकाह भी होने वाला है।वह अपनी माँ और अपने चाचा के इस रिश्ते से ज़रा भी खुश नही है। 

 कुछ दिनों के बाद उसे पता चलता है कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है यह खबर सुनकर वो बहुत रोता है और एक दम से भीतर ही भीतर वो टूट जाता है।  लेकिन कुछ दिनों के बाद उसे अपने पिता का भूत दिखाई देना शुरू हो जाता है और वो उसे बताता है कि उंसकी माँ और चाचा ने ही मिलकर उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या की  है. बस फिर क्या होता है हैदर इस खबर की तह में जाता है और हकीकत जानकर अपने पिता की हत्या का बदला अपने चाचा से लेता है।  अर्शिया (श्रद्धा कपूर ) पत्रकार है वो हैदर से प्यार करती है और वो उसकी हर सम्भव मदद भी करती है। 

इस फिल्म के लिए अभिनेता शाहिद ने अपने बालों की परवाह न करते हुए नया लुक अपनाया है. श्रद्धा और शाहिद के बीच हुए एक लिप लॉक सीन की भी बहुत चर्चा हो रही है। "मकबूल" फिल्म के बाद तब्बू और इरफ़ान दोनों ही एक साथ इस फिल्म में हैं।  इसके अलावा तब्बू ने अपनी आवाज़ में एक गाना भी गाया है. इसके अलावा श्रद्धा कपूर ने भी सुरेश वाडेकर के साथ कश्मीरी लोक गीत "दो जहाँ " गाया है।  इस फिल्म में अलग - अलग मूड के ९ गीत हैं।   फिल्म के सभी गीत लोकप्रिय हैं आओ न (विशाल डडलानी ) बिस्मिल ( सुखविंदर सिंह ) खुल कभी ( अरिजीत सिंह )  गुलों में रंग भरे ( अरिजीत सिंह ) एक और बिस्मिल ( सुखविंदर सिंह ) झेलम (विशाल भारद्वाज ) आज के नाम ( रेखा भारद्वाज ) सो जाओ ( आलाप मजगावकर , सौरभ जोशी , मयूख सरकार , मुज़म्मिल भवानी , बशीर भवानी और बशीर लोने )

फिल्म क्योंकि कश्मीर पर बेस है तो फिल्म में कश्मीरी लोक संगीत और नृत्य भी है। 

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...