Friday, February 28, 2020

कहानी -- हिंदी फिल्म -- थप्पड़

कहानी -- हिंदी फिल्म -- थप्पड़ 
रिलीज़ -- २८ फरवरी 
बैनर -- बनारस मीडिया वर्क्स , टी सीरीज़ 
निर्माता --- भूषण कुमार, कृष्ण कुमार , अनुभव सिन्हा 
निर्देशक -- अनुभव सिन्हा 
लेखक -- अनुभव सिन्हा ,मृणमयी लागू   
कलाकार -- तापसी पन्नू, पावेल गुलाटी , रत्ना पाठक शाह , दिया मिर्ज़ा     
संगीत -- अनुराग सैकिया 
बैक ग्राउण्ड स्कोर -- मंगेश धाकड़े 
गीत -- शकील आज़मी 
आवाज़ -- राघव चैतन्य 

निर्माता , निर्देशक और लेखक अनुभव सिन्हा ने २००१ में लोकप्रिय फिल्म तुम बिन  २००३ में जग्गा अनलिमिटेड , २००५ में दस २०११ में रा वन २०१६ में तुम बिन - २, २०१८ में मुल्क  और २०१९ में आर्टिकल
१५ आदि फ़िल्में बनाई हैं ।
  
२०१३ में फिल्म 'चश्मेंबद्दूर" से हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय की शुरुआत करने वाली तापसी पन्नू ने  बेबी , पिंक , जुड़वाँ - २, नाम शबाना, मुल्क , मनमर्ज़ियाँ , बदला और साँड की आँख आदि फिल्मों में अभिनय किया है।   
"थप्पड़" कहानी है एक महिला के आत्म सम्मान की।  अमृता ( तापसी पन्नू ) और  विक्रम ( पावेल गुलाटी ) दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी से बेहद खुश हैं।  विक्रम बहुत महत्वाकांक्षी है जबकि अमृता होम मेकर बन कर बहुत खुश है।  दोनों ही एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं। लेकिन एक दिन दोनों की जिंदगी में भूचाल आ जाता है।  होता कुछ यूँ है कि पार्टी में  विक्रम की एक व्यक्ति से गरमा गर्मी हो जाती है ऐसे में  बीच बचाव करने आयी अमृता को विक्रम गुस्से में सबके सामने एक थप्पड़ मार देता है। इस थप्पड़ से अमृता बहुत आहत होती है और विक्रम से तलाक लेने का फैसला करती है।    

क्या अमृता विक्रम से तलाक ले पाती है ? या अमृता अपने अपमान को भूलकर फिर से विक्रम के साथ रहने का फैसला करती है। यही इस फिल्म में दिखाया गया है। 

Thursday, February 20, 2020

बृहन्मुम्बई महानगर पालिका द्वारा आयोजित फूलों की प्रदर्शनी में इस साल चार लाख से ज़्यादा लोग आये


जीतेन्द्र सिंह परदेसी जो बृहन्मुम्बई महानगर पालिका के अधीक्षक हैं ,इन्होने पाँच दिन की जिजामाता उद्यान में फूलों और फलों की प्रदर्शनी रखी जहाँ इस साल चार लाख से ज़्यादा लोग आये . इस प्रदर्शनी में जानेमाने एक्टर रवीना टंडन , पद्मिनी कोल्हापुरे  ,वर्षा उसगाओंकर , शिवाजी साटम ,श्रेयस तलपड़े , एकता जैन , फ़िल्म द हंड्रेड बक के कलाकार - कविता त्रिवेदी ,दुष्यन्त प्रताप सिंह और संतोक सिंह ने शिरकत की। बृहन्मुम्बई महानगर पालिका का गार्डन डिपार्टमेंट हर साल ये शो करता है जहाँ लोग अलग अलग प्रकार के फूल देखने आते हैं । इस साल फूलों से फिल्मसिटी बनाई , ट्राम बनाया , तितली बनाई ,जूता घर बनाया और कई मुंबई का डब्बेवाला बनाया।  ये सारे विभिन्न 
प्रका   
र के फूलों से बनाया गया। 






फ़िल्म और टीवी जगत के लोगों को टॉप ५० इंडियन आइकॉन अवार्ड्स से सम्मानित किया गया










" टॉप 50 इंडियन आइकन अवार्ड" एक बहुत प्रतिष्ठित पुरस्कार है, . माननीय नामांकित व्यक्ति को सम्मान किया गया है। उनके संबंधित कार्य श्रेत्रो में योगदान करने के लिए। हम कृतज्ञ हैं हमारी सभी जूरी सदस्यों का ,उनका आभार व्यक्त करते हुए प्रमुख जूरी सदस्य डॉक्टर रितू सिंग,  सिमर भाटिया,  विभव तोमर, कुमार गणेश, विवेक जैन, संतोष भारतीय, राजेन्द्र जैन, अतुल मोहन, स्वीटी वालिया, मनीष अवस्थी, डॉक्टर खुशबू कादरी, महामंडलेश्वर मार्तंड पुरी, व उपरोक्त अवार्ड के निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह।  अर्चना कोचर, भाभी जी घर पे हैं सीरियल की शुभांगी अत्रे, तरनजीत कौर, जानवी सिंह, शाहिद सैयद, ब्राईट आउटडोर के डॉक्टर योगेश लखानी,  पवन शर्मा,  त्विशा शर्मा, टीवी स्टार फैसल खान,  संजय खंडूरी,  प्रदीप शाह, संगीतकार समीर सेन, एक्ट्रेस एकता जैन, रवि धनकर,  राजकुमार कनोजिया,  वेद प्रकाश, डॉक्टर शवेता गर्ग, डिस्ट्रीब्यूटर मनोज नंदवाना, ज्योति श्रिपाठी, राजू गवली, जय विजय सरैया,  मुक्ता दुबे,  सोना खान, डॉक्टर स्वराज्य सिंह, बिजेन्द्भ प्रताप मिश्रा, राज दत्त, सीमा कुमार, इंडिया न्यूज़ के अभिषेक शर्मा, केशर सिंह बिष्ट,  मुहम्मद मुजफ्फर, आजतक के टीवी शो सास बहु और बेटियां के अमित त्यागी, डॉक्टर श्रीदेवी रेड्डी  डूंपा, संगीतकार संतोख सिंह, विजय सुरसे, निर्माता गोविन्द उभे, डॉक्टर मोनिका साईं, राज विश्वकर्मा, राजेश कुमार, खुशी हेगड़े, अर्श मोहम्मद, नीरज पांडे और अन्य लोगों की अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवार्ड में संतोख सिंह और दुष्यंत सिंह ने अपनी आनेवाली फ़िल्म द हंड्रेड बक्स का गीत भी गाया। फ़िल्म २१ फरवरी को रिलीज़ होगी। 

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने शीर्ष हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी की किताब का मराठी अनुवाद जारी किया


महाराष्ट्र के टूरिज्म और पर्यावरण मंत्री श्री आदित्य ठाकरे ने पिछले दिनों मुंबई के मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में, शीर्ष हेयर स्टाइलिस्ट शिवराम भंडारी की एक किताब स्टाइलिंग एट द टॉप के मराठी संस्करण का विमोचन किया, शिवराम भंडारी को शिवा के रूप में जाना जाता है। 
श्री अमिताभ बच्चन द्वारा अंग्रेजी संस्करण के सफल लांच के बाद यह तीसरी ऐसी पुस्तक है। आपको बता दें कि इससे पहले कर्नाटक के धर्मशाला के पद्म विभूषण श्री वीरेन्द्र हेगड़े द्वारा इसका कन्नड़ अनुवाद भी जारी किया गया था।

आदित्य ने शिवाज के ब्रांड नाम के तहत 20 सैलून की श्रृंखला चलाने वाले शिव की बेजोड़ और विनम्र विशेषताओं की प्रशंसा की, और उम्मीद की कि युवा इनसेप्रेरित और प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने अपने दादा, श्री बालासाहेब ठाकरे के समय से ठाकरे परिवार के साथ साझा किए गए उनके जुड़ाव को याद किया। 
आदित्य ने नए उद्यमियों को सलाह दी कि  "काम करते रहो, ज़मीन पर जमे रहो और आगे बढ़ो।" उन्होंने कहा, "इस तरह की आत्मकथाएं लिखी जानी चाहिए ताकि लोगों को उस संघर्ष के बारे में पता चले जो तरक्की में लगता है, सिर्फ ग्लैमर देखा जाता है, लेकिन लोग उस कठिन परिश्रम से अनजान होते हैं जो यहां तक पहुंचने से पहले लगता है।" उन्होंने इस मराठी पुस्तक की सफलता की कामना की।
यह पुस्तक लगन और दृढ़ संकल्प के बारे में है कि किस तरह शिवा को असंख्य बाधाओं के खिलाफ कई संघर्षों से गुजरना पड़ा। यह कहानी बताती है कि कैसे शिवा ने एक छोटी सी नाई की दुकान से अपना रास्ता बनाया, जिसे उन्होंने लगभग 32 साल पहले मुंबई में स्थापित किया था। आज शिवा के सिग्नेचर सैलून एक ब्रांड बना गए है जहां सेलिब्रिटीज भी आते है और त्वचा और बालों की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट्स भी हैं जिन्हें शिवा का ट्रेंड्स कहा जाता है।
स्टाइलिंग ऑफ द टॉप, द जर्नी ऑफ शिवा, बॉलीवुडस सेलिब्रेटेड हेयरस्टाइलिस्ट नामक पुस्तक पत्रकार जयश्री शेट्टी द्वारा लिखी गई है और मराठी में डॉ सुचिता नंदापुरकर-फड़के द्वारा अनुवादित है। अंग्रेजी संस्करण मंजुल पब्लिशिंग हाउस की एक शाखा, एमारिलिस द्वारा प्रकाशित किया गया है, जिससे मराठी अनुवाद हुआ है। अंग्रेजी, मराठी और कन्नड़ तीनों संस्करण किताबों की दुकानों में और ऑनलाइन उपलब्ध हैं। हिंदी और गुजराती संस्करण भी जल्द सामने आने वाले हैं।

कहानी -- हिंदी फिल्म -- शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

कहानी -- हिंदी फिल्म -- शुभ मंगल ज़्यादा सावधान 
रिलीज़ -- २१ फरवरी 
बैनर -- टी सीरीज़ , कलर येलो प्रोडक्शन्स 
निर्माता -- भूषण कुमार , कृष्ण कुमार ,आनंद एल राय , हिमांशु शर्मा 
लेखक और निर्देशक -- हितेश कैवल्य 
कलाकार -- आयुष्मान खुराना , जीतेन्द्र  कुमार , गजराज राव, नीना गुप्ता   
संगीत -- तनिष्क बागची , वायु 
बैक ग्रॉउंड संगीत -- करन कुलकर्णी 
गीत -- वायु 
आवाज़ --रोमी , आयुष्मान खुराना , बप्पी लाहिरी ,इक्का 

लेखक ,गीतकार और  निर्देशक हितेश कैवल्य की पहली ही निर्देशित फिल्म है "शुभ मंगल ज़्यादा सावधान " । इससे पहले हितेश आगे से राईट , सिद्धार्थ : द प्रिज़नर ,शुभ मंगल सावधान आदि फिल्मों से गीतकार और लेखक के रूप में जुड़े रहे हैं। गायक  और अभिनेता आयुष्मान खुराना ने २०१२ में फिल्म "विकी डोनर " से फिल्मों में अपनी शुरुआत की।  इसके बाद  नौटंकी साला , बेवकूफियाँ , हवाईज़ादा ,दम लगा के हईशा , मेरी प्यारी बिंदु ,बरेली की बर्फी , शुभ मंगल सावधान, बधाई हो , अंधाधुन,ड्रीम गर्ल,बाला  आदि फ़िल्में आयुष्मान की आयीं। हर फिल्म की तरह इस फिल्म में भी आयुष्मान ने एक गीत गाया है।  अभिनेता जीतेन्द्र कुमार अपने किरदारों जीतू भैया , मुन्ना जज्बाती , गिट्टू और अर्जुन केजरीवाल से दर्शकों के बीच ज्यादा लोकप्रिय हैं।  जीतेन्द्र ने फिल्मों और वेब सीरीज दोनों में अभिनय किया है।  उनकी कुछ फिल्में और शो इस प्रकार हैं --- शुरुआत का इंटरवेल , परमानेंट रूममेट्स , टी वी एफ पिचेर्स,  टी वी एफ बैचलर्स सीजन - २,गॉन केश , कोटा फैक्ट्री, चीज़केक आदि।  छोटे और बड़े परदे की सशक्त अभिनेत्री नीना गुप्ता ने  यूँ तो उन्होंने अनेकों फिल्मों में अभिनय किया है लेकिन पिछले दिनों आयी उनकी फ़िल्में कुछ इस प्रकार हैं --बधाई हो , लास्ट कलर और पंगा आदि। इस फिल्म में दो लोकप्रिय गीतों "गबरु " ( यो यो हनी सिंह -- इंटरनेशनल विलेजर ) "यार बिना चैन कहाँ रे अरे प्यार कर ले " ( साहेब -- १९८५ ) को रीक्रिएट किया गया है।  
  
 शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ की कहानी एक समलैंगिक जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है।   कार्तिक सिंह (आयुष्मान खुराना) और अमन त्रिपाठी  (जीतेन्द्र कुमार)  दोनों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है लेकिन उनके इस प्यार में दोनों के परिवार और समाज आड़े आता है। अमन के घरवाले अमन की शादी एक लड़की से तय कर देते हैं। 

क्या कार्तिक और अमन के प्यार को घर वाले समझ पाते हैं ? क्या दोनों का प्यार अंजाम तक पंहुच पाता है ? यही इस  फिल्म में दिखाया गया है।  

Wednesday, February 19, 2020

अमीषा पटेल ,उदित नारायण ,प्रेम चोपड़ा ,धीरज कुमार और अन्य को ड्रीम अचीवेरस अवार्डस से नवाज़ा गया







श्याम सिंघानिया जो एनार ग्रुप के चेयरमैन हैं और राजेश श्रीवास्तव जो फ़िल्म्स टुडे मैगज़ीन के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं ,दोनों ने मिलकर ड्रीम अचीवर्स अवार्ड का आयोजन मुंबई के द क्लब में रखा जहाँ फ़िल्मी सितारे ,मेहमान और समाज सेवक को आमंत्रित किया गया। महाराष्ट्र के गवर्नर श्री भगत सिंह कोश्यारी मुख्य अतिथि थे अवार्ड फंक्शन में।  इन्होने कलाकारों और अलग अलग क्षेत्र में सामाजिक कार्य करने वाले लोगों को अवार्ड देकर उनका सम्मान किया। जी डी बक्शी ( रिटायर्ड मेजर ), बोलके जिनगुबाई ( समाज सेवक ), पदमश्री डॉक्टर सोमा घोष , शाहिदा गांगुली (एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ), कवि दीपक गुप्ता , पाखी हेगड़े ,धीरज कुमार , वासु मंतेना ,उदित नारायण ,राम शंकर ,स्नेहा शंकर ,अमीषा पटेल , सुमित्रा पाटिल (जी एस टी डिप्टी कमिश्नर ), सुनील सैतुअल ,सैंडी कम्बोज , भावेश सिंह ,राजू कारिया ,प्रेम चोपड़ा ,डॉक्टर सामंत ,ब्रह्मानंद सिंह , संग्राम सिंह ,ज्योतिका टांगरी , हेमंत ताँतिया (जॉइंट कमिश्नर कस्टम ) और विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों को अवार्ड से नवाज़ा गया। लिज़ा मलिक , हर्षिता चौधरी ,डॉक्टर सोम घोष ,राम शंकर ,उदित नारायण और अन्य कलाकारों ने अवार्ड में परफॉर्म किया। नाना नानी फाउंडेशन एक पब्लिक चैरिटी ट्रस्ट है जो मुंबई में नाना नानी पार्क का देखभाल करती है और सीनियर सिटीजन का भी ख्याल रखती है। 

अपनी नई पुस्तक "कलयुग" की सफलता से बेहद उत्साहित हैं लेखक जतिन गुप्ता



आपको वास्तव में बेस्टसेलर्स में जगह  बनाने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर रिलीज़ की आवश्यकता नहीं है! यदि एक मोहक और उम्दा पुस्तक है, तो यह अपनी योग्यता से पाठकों के हाथो तक पहुंच जाएगी! यही कारण है कि कोई भी आगामी लेखक वर्तमान लोकप्रिय पुस्तक कलयुग : द असेंशन के लेखक जतिन गुप्ता से सीख सकता है। लेखक जतिन गुप्ता अपनी हालिया फिक्शन की किताब की सफलता से बेहद उत्साहित हैं। हालांकि उन्होंने गैर-फिक्शन से फिक्शन की ओर कदम बढ़ाया है।
मेगा लॉन्च इवेंट नहीं होने के बावजूद, यह पुस्तक हॉट केक की तरह बिक रही है। क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की आशा की थी? इस सवाल पर जतिन गुप्ता कहते हैं "हमने कलियुग की 2500 प्रतियां एक महीने में बेचीं और यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। वह भी तब जब यह साल के अंत में स्टॉल पे आई थी; उस समय जब लोग ज्यादातर छुट्टियां मना रहे होते हैं या परिवार के साथ व्यस्त होते हैं, इस पुस्तक ने रिकॉर्ड बनाए। क्या मुझे ऐसी प्रतिक्रिया की उम्मीद थी? सच कहूँ तो, हाँ, जब मैं इस कहानी को विकसित कर रहा था तो किताब ऐसी निकली जैसी मैंने पहले कभी नहीं पढ़ी हो और हर बार जब मैंने इसे पढ़ा तो मुझे लगा कि हमारे हाथ में कुछ खास है।"
पुस्तक के मोशन पोस्टर को भी सनसनीखेज प्रतिक्रिया मिली है। ये कैसे हुआ? इस बारे में जतिन गुप्ता ने बताया "हम पुस्तक को अलग तरीके से देखना चाहते थे और जब यह प्रकाशन प्रक्रिया में थी, हमने पुस्तक के कई पात्रों और दृश्यों को एक आयाम देने का साहसिक निर्णय लिया। हमने रेखाचित्रों का उपयोग किया और उन्हें 8 मोशन पोस्टर और ट्रेलर में परिवर्तित किया। दिलचस्प बात यह है कि विजुअल्स ने शानदार प्रभाव उत्पन्न किया, जिसके कारण फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 2 मिलियन से ज़्यादा व्यूज, 2500 शेयर और 25000 रिएक्शन सामने आ गए।"
किताब कलियुग के बारे में जतिन गुप्ता ने बताया कि जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह किताब कलयुग के बारे में है। कलियुग हमारे लिए क्या है और यह कैसे होगा, इस पर एक कल्पना है। कई अन्य कहानियों के विपरीत यह कहानी बिल्कुल पौराणिक नहीं है, बल्कि इसमें कहीं फैंटेसी भी है और पौराणिक कथाओं से बहुत कम तत्व हैं।"
नॉन फिक्शन के साथ एक लेखक के रूप में डेब्यू करने से लेकर हाल की फिक्शन रिलीज़ तक, दोनों के लेखन में क्या अंतर था? इस पर जतिन गुप्ता कहते हैं "सेल्फ हेल्प और मैनेजमेंट बुक्स वास्तविक्ता पे आधारित होती है और इसमें कांसेप्ट के इर्दगिर्द खेलने की गुंजाइश बहुत कम होती है। हालांकि फिक्शन के मामले में ऐसा नहीं है, यह एक अनंत कैनवास है जहां आपकी कल्पना सीमा से आगे तक जा सकती है। व्यक्तिगत रूप से, मुझे काल्पनिक लेखन पसंद है क्योंकि मैं अपने दिमाग में वास्तव में दुनिया का निर्माण कर सकता हूं, तभी मुझे एहसास हुआ कि मैं आसानी से शैलियों को बदल सकता हूं और ऐसा मेरे पेशेवर पृष्ठभूमि के कारण हो सकता है।"
जतिन गुप्ता फिलहाल GVC नामक एक वैश्विक गेमिंग कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले वह इनवेसको नामक एक एसेट मैनेजमेंट कम्पनी के साथ काम कर रहे थे, उनके पेशेवर जीवन का प्रमुख हिस्सा मैनेजमेंट कंसल्टिंग और मार्केटिंग
में गुजरा है।
कहा जा रहा है कि यह किताब एक फिल्म के लिए एकदम सही मेटेरियल है, जतिन गुप्ता चाहते हैं कि जिस तरह बड़े पैमाने पर किताब को लिखा गया है उसी तरह कहानी के साथ न्याय करने के लिए भी बड़े स्तर पर फिल्म को बनाना होगा।

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...