Thursday, October 30, 2014

हिंदी फिल्म -- सुपर नानी

हिंदी फिल्म -- सुपर नानी 
रिलीज़ -- ३१ अक्टूबर 
निर्माता --- इन्द्र कुमार और अशोक ठाकरिया 
निर्देशक --- इन्द्र कुमार 
लेखक --- विपुल मेहता 
गुजराती नाटक बा ऐ मारी बॉउंड्री पर आधारित 
कलाकार -- रेखा , रणधीर कपूर , शरमन जोशी , श्वेता कुमार और अनुपम खेर। 
संगीत -- हर्षित सक्सेना और संजीव दर्शन 

निर्देशक इन्द्र कुमार ने एक निर्देशक के तौर पर अनेकों हिट फिल्मों का निर्देशन किया है। दिल, बेटा, राजा, इश्क, मन, मस्ती, धमाल आदि फिल्में इंद्र की ही हैं।  पिछले दिनों उनकी फिल्म "ग्रांड मस्ती " (एडल्ट सेक्स कॉमेडी  ) ने हालांकि बहुत कमाई की लेकिन इस फिल्म को अच्छे दर्शकों ने ना के बराबर देखा। इस सेक्स कॉमेडी के बाद  अब आ रही है फिल्म "सुपर नानी " जिसमें सभी महिलाओं को यह सन्देश स्पष्ट रूप से दिया गया है कि उनकी शक्ति स्वयं के भीतर ही निहित है बस जरुरत है उसे खोज कर प्रयोग में लाने की। 

सन  १९६६ में तेलुगु फिल्म "रंगुला रत्नम " से अपना अभिनय सफर शुरू करने वाली अभिनेत्री रेखा  इस फिल्म में मुख्य किरदार यानि नानी का किरदार अभिनीत कर रही हैं। इस फिल्म से पहले उनकी सन २०१० में फिल्म आयी थी "सदियाँ " में काम किया था . इस फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को लांच किया गया था। 

रेखा और रणधीर कपूर एक साथ फिर इस फिल्म में हैं अब तक दोनों करीब १३ फिल्मों में एक साथ काम कर चुके हैं. सबसे पहले इन दोनों ने १९७२ में  फिल्म 'रामपुर का लक्ष्मण' में   काम किया था।  इस फिल्म का गीत "गुम है किसी के प्यार में दिल  सुबह शाम " आज भी लोकप्रिय है। 

अभिनेता शरमन जोशी ने १९९९ में फिल्म "गॉड मदर " से अभिनय सफर शुरू किया।  कई फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिका की.  रंग दे बसंती, ढोल, गोलमाल, थ्री इडियट, फरारी की सवारी आदि उनकी प्रमुख फिल्में हैं।  


अनुपम खेर ने रेखा के  बचपन के दोस्त और  फिल्म  निर्देशक की भूमिका अभिनीत की है। 

अभिनेत्री श्वेता कुमार निर्देशक इंद्र कुमार की बेटी हैं।  हिमेश रेशमिया की फिल्म "क़र्ज़ " उनकी पहली फिल्म थी।  

फिल्म  "सुपर नानी " की कहानी  भारती भाटिया (रेखा ) के इर्द गिर्द घूमती है। जो कि हर पल अपने परिवार की खुशहाली के लिए ही सोचती है अपने पारिवारिक मूल्यों का पालन करते हुए अपने बच्चों की परवरिश करती है। उसके परिवार में उसका पति (रणधीर कपूर ) जो कि बिजनिस मैन है और उसका बेटा (राजेश कुमार ) जो कि शेयर बाज़ार में काम करता है।  उसकी बहू जो की खुद को  टी वी पर प्रसारित होने वाले डेली सोप  ओपेरा की रानी समझती है। जबकि भारती अपने  घर परिवार का इतना ध्यान रखती है लेकिन जैसे - जैसे उसके बच्चे बड़े होते हैं उसे पुराने ख्यालों का बता कर उसका अपमान तो करते है हैं साथ में उसका उपहास भी करते हैं। उसका पति भी उसे ताना मारता रहता है।  इन सबकी निगाहों में भारती पुराने ख्यालों की है। 

लेकिन भारती के जीवन में अचानक बदलाव आता है जब उसका नातिन मन (शरमन जोशी ) विदेश से पढाई करके लौटता है। उसे अपने नानी की हालत देख कर बहुत ही अफ़सोस होता है जब वो देखता है कि उसकी नानी जो की घर की मुखिया है लेकिन उसकी हालत एक मजबूत महिला की बाजाय  बस एक डोर मेट की तरह हो गयी है। वो अपनी नानी की उबाऊ जिंदगी में पुन: रंग भरने की कोशिश करता है। वो भारती में एक उम्मीद जगाता है और उससे कहता है कि  घर वालों को बदलने की जगह नानी खुद को बदलना होगा। ६० साल की उम्र में आज भी वो सब कुछ कर सकती है। मन  उसका पूरा हुलिया बदल देता है यही नही वो अपनी नानी को आधुनिक कपड़े पहनने को कहता है अलग - अलग परिधानों में उसकी फोटो खींच कर विभिन्न एड एजेंसी में भेजता है। 

इसका परिणाम होता है कि उसे डिटर्जेन्ट पाउडर का एड मिल जाता है. भारती  डिटर्जेन्ट पाउडर की ब्रांड बन जाती है। अब घर और बाहर सब जगह भारती ही भारती दिखाई देनी लगती है।  जो चेहरा घर के एक कोने में दिखाई देता था आज उसे लोग हर घर में पहचानने लगते हैं।  लेकिन इसके सबके बावजूद घर वाले उससे खुश होने की वजह उसका और भी अपमान करते हैं।  वो उसके आधुनिक कपडे पहनने और एड में काम करने के खिलाफ हो जाते हैं। 

भारती भाटिया की जिंदगी की यात्रा देखकर  निश्चित रूप से दर्शकों को  अनुभव हासिल करेगें।  कैसे वो आम भारतीय आदर्श गृहिणी से एक लोकप्रिय चेहरा बन जाती है ?

फिल्म का संगीत ठीक -ठाक है. लेकिन ज्यादा लोकप्रिय हुआ. माहेरु रोमांटिक गीत है. कुल ५ गीत हैं फिल्म में। 

पूरी तरह यह फिल्म रेखा की ही फिल्म है।  शुरू में सीधी सादी बाद में आधुनिक अवतार में भी दिखाई देंगी रेखा।  कभी बिग बी की तरह , कभी मधुबाला और कभी मदर इंडिया की नर्गिस की तरह भी दर्शक उन्हें देख सकते हैं। 

हिंदी फिल्म --- रोर- द टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन्स

हिंदी फिल्म --- रोर- द टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन्स 
रिलीज़ --- ३१ अक्टूबर 
निर्माता -- अबिस रिज़वी 
निर्देशक -- कमल सदाना  
लेखक -- कमल सदाना और अबिस रिज़वी 
कलाकार --- पुलकित जवाहर, प्रणय दीक्षित, अभिनव शुक्ला, अंचित कौर, नोरा फतेही,अंचित कौर, आरन चौधरी, सुब्रत दत्ता, मधु ,  वीरेन्द्र
सिंह गुमान 
संगीत ---- रमोना एरीना 

यह सुंदरवन पर बनी अपनी तरह की पहली फिल्म होगी। हाँ इससे पूर्व जंगल की थीम पर फिल्म 'काल'  भी बन चुकी है।

बेखुदी, यलगार , रंग जैसी फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता कमल सदाना इस फिल्म से अब डायरेक्शन में किस्मत आजमाने के लिए तैयार है। अपनी इस फिल्म 'रोर- द टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन्स' में  सुंदरवन के टाइगर्स का खौफ और उन्हें बचाने  की जद्दोजहद दिखा रहे हैं।


अभिनेता  अभिनव शुक्ला की बतौर मुख्य कलाकार यह  पहली बॉलीवुड मूवी है। अभिनव कई सारे टीवी सीरियल्स में काम कर चुके हैं। इनमें जर्सी नंबर 10, गीत, जाने क्या बात हुई, छोटी बहू, एक हजारों में मेरी बहना है,  हिटलर दीदी और बदलते रिश्ते की दास्तान शामिल हैं।   

उदय ( पुलकित जवाहर ) एक युवा फोटो पत्रकार सुंदरवन के जंगलों में अपने काम के सिलसिले में जाता है।  वो एक शिकारी के जाल में से एक सफेद बाघ के बच्चे  को बचाता है और उस बच्चे को अपने साथ ले  आता है। रात में  अपने बच्चे को ढूंढती हुई  रॉयल बंगाल शेरनी गांव में प्रवेश करती है. वह अपने शावक के खून  की गंध को सूंघती हुई उदय की झोपड़ी तक जा पहुँचती  है . लेकिन वहां उसे अपना बच्चा नही मिलता तो वह अपना गुस्सा उदय पर निकालती है  और उसे मार देती है और उसका शरीर  भी अपने साथ ही ले जाती है. 

अपने भाई उदय  के शरीर को ले जाने के लिए पंडित (अभिनव शुक्ला ) कमांडो टीम के कप्तान सुंदरवन में आता है। वह जंगल की वार्डन  (अंचित कौर ) के पास जाता है लेकिन वो उससे कहती है कि यह केस खत्म हो चुका है इसलिए जंगल में उसके भाई के शरीर को लाने के लिए पंडित के साथ कोई भी जायेगा ।  भावनात्मक रूप से दुखी गुस्से में पंडित खुद ही अकेले जंगल में जाने का फैसला करता है। इसके लिए वो अपनी कमांडो टीम को बुलाता है झुम्पा ( हिमारशा ) गाइड मधु (प्रणय दीक्षित ) को अपने साथ लेकर सफेद बाघिन को मारने के लिए जंगल जाता है। बाघिन को खोजते हुए वो सुंदरवन के दलदली गढ़ में पंहुच जाते हैं। 

 तेज और बुद्धिमान सफेद बाघिन न केवल उनसे खुद को बचाती है बल्कि उन्हंे अपने साथ अपने गढ़ में ले जाती है. एक शिकारी भीरा ( सुब्रत दत्ता ) अपने  उदेश्य  ले किये बाघिन को बचाता है.

क्या होता है आखिरी में क्या पंडित को अपने भाई उदय का शरीर मिल जाता है ? या पंडित भी अपने भाई की तरह बाघिन का शिकार बन जाता  है ?

Wednesday, October 29, 2014

शाहरुख ख़ान ने ब्राइट के योगेश लखानी को हैप्पी न्यू ईयर के प्रीमियर पर दुबई बुलाया


ब्राइट के योगेश लखानी बहुत खुश थे क्योंकि  उन्हें दुबई में पूरी हैप्पी न्यू ईयर फिल्म की टीम के साथ प्रीमियर पर आमंत्रित किया गया था। उन्होंने बताया की फिल्म उन्हें बहुत बढ़िया लगी। 



Tuesday, October 28, 2014

अमिताभ बच्चन ने कमाल खान का वेबसाइट केआरके बॉक्स ऑफिस डॉट कॉम लांच की


एक्टर और निर्माता कमाल खान ने अपने वेबसाइट केआरके बॉक्स ऑफिस डॉट कॉम को लांच करने महानायक अमिताभ बच्चन को आमंत्रित किया। अमिताभ बच्चन ने कमाल को उनके वेबसाइट लांच की ढेर सारी शुभकामनायें दीं। इवेंट पे राकेश उपाध्याय, अनिल शर्मा, ई निवास, शबाब साबरी, टीना घई, संजना, राहुल वैद्य, अरविंदर सिंह और कुमार मंगत आये थे।      

कहाँ हैं अन्नू कपूर



 
जी हाँ वही अंताक्षरी वाले  अभिनेता अन्नू कपूर आजकल कहाँ है? नवम्बर  को उनकी फिल्म "बदलापुर बॉयज" रिलीज़  हो रही है और वो अपनी इस  फिल्म के प्रोमोशन में कहीं नज़र नही   रहे हैं  क्या "बदलापुर बॉयज" टीम के कोच अपनी टीम से नाराज़  हैं या उनकी टीम उनसे नाराज़ है  या अन्नू को लगता है कि इस फिल्म के प्रोमोशन के लिए क्या टाइम निकालना  

फिल्म के प्रोमोशन में अन्नू के गायब होने   के बारें में फिल्म के निर्माता  सतीश पिल्लंगवाड़ का कहना है कि पिछले दिनों जब हमने धर्म जी से फिल्म का म्यूजिक रिलीज़ करवाया तब मैं खुद उन्हें निमंत्रण देने गया था लेकिन वो नही आये शायद अपनी दूसरी फिल्म में व्यस्त हैं "

फिल्म 'विकी डोनर 'में डॉ चड्डा  की शानदार भूमिका अभिनीत करने के लिये  उन्हंे सन २०१० फिल्म फेयर  और राष्ट्रीय अवार्ड दोनों मिले थे   नवम्बर को अन्नू की एक साथ दो फ़िल्में रिलीज़ हो रही है जिसमें से एक तो है "शौक़ीन " की रीमेक " शौकीन्स " इस फिल्म में वो बुड्ढे रसिया बने हैं जबकि  दूसरी फिल्म है "बदलापुर बॉयज ". कर्म मूवीज के बैनर में निर्मित यह फिल्म कबड्डी के लोकप्रिय खेल पर आधारित है  जिस तरह "चक दे" में शाहरुख़ खान कोच थे टीम के, उसी तरह अन्नू "बदलापुर बॉयजमें कोच बने हैं

 निर्माता सतीश पिल्लंगवाड़ और निर्देशक शैलेश वर्मा की इस  फिल्म के अन्य कलाकार हैं निशान, शरन्या मोहन, पूजा गुप्ता, किशोरी शहाणे, बोलोराम दास, नितिन जाधव, शशांक उदयपुरकर, मज़हर खान, अंकित शर्मा और विनीत  




मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...