Tuesday, November 27, 2018
चिता यजनेश शेट्टी और टीवी, फ़िल्म के कलाकारों ने मनायी ब्रूस ली की ७८ वीं बर्थ एनिवर्सरी
Monday, November 26, 2018
मोहम्मद वकील ने अपना नया गाना वजूद मुंबई में रिलीज़ किया
हिन्दुस्तान के जानेमाने सूफी और ग़ज़ल गायक मोहम्मद वकील अपनी नई सिंगल वजूद लेकर आये हैं जिसे ज़ी म्यूजिक कंपनी ने रिलीज़ किया है। मोहम्मद वकील जयपुर घराने से हैं और संगीत उन्हें अपने परिवार से विरासत में मिला है। मोहम्मद वकील कई साल पहले सारेगामा जीत चुके हैं। वजूद गीत को शकील हाश्मी ने लिखा है और इसका संगीत दिया है उस्ताद अहमद हुसैन मोहम्मद हुसैन ने। मोहम्मद वकील ने इस गीत में जान भर दी है क्यूंकि आजकल के संगीत में सिर्फ शोर सुनाई देता है। इस वीडियो में एक बाप और बेटे के रिश्ते को दिखाया गया है ,की किस कठिनाइयों से एक बाप अपने बेटे को पालता है और बड़ा होकर वो उनको वृद्ध आश्रम छोड़ आता है। अकबर ख़ान ने इस वीडियो का निर्देशन किया है। हम मोहम्मद वकील को इस बढ़िया गीत और इमोशनल वीडियो के लिए बधाई देते हैं। वीडियो देखने के लिए -
Friday, November 23, 2018
जशन अग्निहोत्री अपनी पहली पंजाबी फ़िल्म छन तारा में डबल रोल में दिखेंगीं
जशन अग्निहोत्री आजकल काफ़ी चर्चा में हैं क्यूंकि इन्होने अपनी पंजाबी फ़िल्म में एक नहीं बल्कि डबल रोल किया है। जशन ने अभी तक १०० से ज़्यादा विज्ञापन में काम किया है ,अनेकों म्यूजिक वीडियो में काम किया है ,रियलिटी शो ड्रामेबाज़ नंबर १ शो को होस्ट किया और दो हिन्दी फिल्म - मधुर भंडारकर की इंदु सरकार और अनिल शर्मा की जीनियस।
जशन ने मीडिया को बताया कि, " पंजाबी फिल्म "छन तारा" एक कमर्शियल फ़िल्म है जिसमे कॉमेडी ,रोमांस और ड्रामा है। मैंने इस रोल के लिए बहुत मेहनत की है। इस रोल को बढ़िया के निभाने के लिए मैंने हेमा मालिनी की फ़िल्म सीता और गीता और श्रीदेवी की फ़िल्म चालबाज़ कई बार देखी। इस फ़िल्म के निर्देशक हैं विनीत अटवाल और निर्माता हैं सतनाम तातला। छन तारा में पंजाबी और बॉलीवुड की मिलीजुली कास्ट है और मुझे उम्मीद है कि फ़िल्म दर्शकों का खूब पसंद आएगी
जशन आजकल खुश हैं क्यूंकि एक पंजाबी फ़िल्म छन तारा ३० नवंबर को रिलीज़ होनेवाली है वहीँ अगले साल उनकी दो फ़िल्म आएगी - एक हिंदी और एक पंजाबी। जब हमने पूछा की आप सिर्फ बॉलीवुड में काम करेंगी तो उन्होंने बताया कि "मैं एक कलाकार हूँ ,मुझे अच्छे रोल करने हैं फिर वो चाहे हिंदी हो या कोई और भाषा। मुझे तो सिर्फ अच्छा काम करना है। "
कहानी -- हिंदी फिल्म -- भैयाजी सुपरहिट
रिलीज़ -- २३ नवंबर
बैनर -- मेट्रो मूवीज एंड ज़ी स्टुडियोज
निर्माता -- चिराग महेंद्र धारीवाल
निर्देशक --नीरज पाठक
कहानी और पटकथा -- नीरज पाठक और आकाश पांडेय
लेखक -- राज शांंडिल्य, हरकीरत सिंह
कलाकार -- सनी देओल, प्रीति जिंटा, अरशद वारसी, श्रेयस तलपड़े, अमीषा पटेल
गीत -- नीरज पाठक,अमजद नदीम, कुमार,संजीव चतुर्वेदी, शब्बीर अहमद
संगीत -- जीत गाँगुली,राघव सचार, संजीव दर्शन, अमजद नदीम
आवाज़ -- असीस कौर, शफाकत अमानत अली, यासिर देसाई, आकाँक्षा शर्मा, रफ़्तार, सुखविंदर सिंह, अमित मिश्रा, पावनि पांडेय और राघव सचार
लेखक और निर्देशक नीरज पाठक ने २००८ में गुमनाम: द मिस्ट्री २०१० में राइट और रॉन्ग आदि फिल्मों का निर्देशन किया है. अभिनेता सनी देओल की पिछली फ़िल्में हैं " यमला पगला दीवाना फिर से " और "मौहल्ला अस्सी" । इससे पहले २०१७ में फिल्म "पोस्टर बॉयज" भी आयी थी यह फिल्म भी सनी देओल के होम प्रोडक्शन में बनी थी , ठीक ठाक रही थी यह फिल्म। दो सप्ताह सनी देओल के प्रशंसकों के लिये खासे अच्छे रहे क्योंकि दोनों ही सप्ताह एक के बाद एक सनी देओल की फ़िल्में रिलीज़ हुई. अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा की भी बहुत समय बाद कोई फिल्म आ रही है. इससे पहले २०१३ में प्रीति की फिल्म आयी थी "इश्क़ इन पेरिस " . बुरी तरह असफल हुई इस फिल्म को लिखा, निर्देशित और निर्मित किया था खुद प्रीति ने। फिल्म "भैयाजी सुपर हिट " सन २०१८ में अरशद वारसी की आने वाली यह पहली ही फिल्म है। २०१७ में गोलमाल सीरीज़ की फिल्म आयी "गोलमाल अगेन " इससे पहले इरादा, द लीजेंड ऑफ़ माइकल मिश्रा, गुडू रँगीला,डेढ़ इश्क़िया आदि अनेकों फ़िल्में आयी।
कॉमेडी और एक्शन फिल्म "भैयाजी सुपरहिट " की कहानी है वाराणसी में रहने वाले लाल भाईसाहब दुबे ( सनी देओल ) की.लोग इन्हें भैयाजी भी कहते हैं क्योंकि लाल भाईसाहब एक डॉन हैं। भैयाजी अपनी पत्नी सपना दुबे ( प्रीति जिंटा ) के साथ रहते हैं। भैयाजी एक डॉन हैं लेकिन उनके शौक़ भी गज़ब के हैं.इन्हें सिनेमा देखने का बहुत ही शौक़ है। फ़िल्में देखने का यह शौक़ न जाने कब उन्हें खुद को बड़े परदे पर काम करते हुए देखने में बदल जाता है। भैया जी चाहते हैं कि वो भी फिल्मों में काम करें। फिल्मों में अपने काम करने के सपने को पूरा करने के लिए वो गोल्डी कपूर ( अरशद वारसी ) और तरुण पर्णो घोष ( श्रेयस तलपड़े ) की मदद लेते हैं। गोल्डी कपूर फिल्म निर्देशक है और तरुण पर्णो घोष एक फिल्म लेखक हैं।
इन दोनों की मदद से भैयाजी एक फिल्म में काम करना शुरू करते हैं। इस फिल्म में भैयाजी की हीरोइन होती है मल्लिका ( अमीषा पटेल ).
फिल्म की शूटिंग के समय क्या - क्या होता है ? क्या भैयाजी की फिल्म सुपरहिट हो पाती है ? क्या एक डॉन फिल्म का हीरो बन पाता है ?
यही सब इस फिल्म में दिखाया गया है।
Thursday, November 15, 2018
कहानी -- हिंदी फिल्म -- मौहल्ला अस्सी
कहानी -- हिंदी फिल्म -- मौहल्ला अस्सी
रिलीज़ -- १६ नवम्बर
बैनर -- क्रॉसवर्ड एंटरटेनमेंट प्रा लिमि
निर्माता -- विनय तिवारी
निर्देशक -- चंद्र प्रकाश द्विवेदी
संवाद -- राज नाथ
कहानी -- डॉ काशी नाथ सिंह
डॉ काशी नाथ सिंह के उपन्यास "काशी का अस्सी " पर आधारित
कलाकार -- सनी देओल, साक्षी तँवर, रवि किशन,सौरभ शुक्ला, मुकेश तिवारी,राजेंद्र गुप्ता, मिथिलेश चतुर्वेदी,सीमा आज़मी
फिल्म "मौहल्ला अस्सी " साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक काशी नाथ सिंह के उपन्यास "काशी का अस्सी " पर आधारित है । यह फ़िल्म राजनीतिक परिवर्तनों पर व्यंग्य है। १९८८ से १९९८ के दौरान सारे देश के साथ - साथ वाराणसी जैसे धार्मिक शहर में हुए वैश्वीकरण का लोगों पर जो प्रभाव हुआ उसी सब को फ़िल्म में दिखाया गया है। फ़िल्म के निर्देशक हैं डॉ चन्द्र प्रकाश द्विवेदी। यह वही चन्द्र प्रकाश द्विवेदी हैं जिन्होंने २००३ में फ़िल्म 'पिंजर' बनाई थी। डॉ द्विवेदी ने लोकप्रिय धारावाहिक 'चाणक्य' को निर्देशित किया और अभिनय भी किया। इसके अलावा इन्होंने मृत्युंजय, एपिक चैनल के लिए धारावाहिक 'महाभारत' भी बनाया था।
अभिनेता सनी देओल की पिछली फिल्म " यमला पगला दीवाना फिर से " बुरी तरह से असफल रही थी। इससे पहले २०१७ में फिल्म "पोस्टर बॉयज" भी आयी थी यह फिल्म भी सनी देओल के होम प्रोडक्शन में बनी थी , ठीक ठाक रही थी यह फिल्म। तो अब सनी को जरूरत है एक सफल फिल्म की। साक्षी तंवर की पिछली फिल्म "दंगल " सुपर हिट फिल्म साबित हुई थी. अभी साक्षी एपिक चैनल में "त्यौहार की थाली " नामक एक शो कर रही हैं।
फिल्म " मौहल्ला अस्सी " की कहानी बनारस शहर के हो रहे व्यावसायीकरण और विदेशी पर्यटकों को लुभाने वाले नकली गुरुों पर आधारित है। धर्म नाथ पांडे ( सनी देओल ) संस्कृत का अध्यापक है। सुबह वह घाट पर बैठ कर तीर्थ यात्रियों के काम करता है और दोपहर में संस्कृत पढ़ाता है। वह धर्म रक्षा परिषद का अध्यक्ष भी है। धर्म नाथ अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने वाला इंसान है। ग्लोबलाइजेशन का असर बनारस और अस्सी पर भी नजर आ रहा है. कई विदेशी लोग अस्सी में रहने के लिए अपना ठिकाना ढूंढते हैं लेकिन मौहल्ले में उनको रहने के लिए कोई भी घर किराये पर नहीं मिल पाता। धर्म नाथ इस तरह विदेशियों को अपना घर किराये पर देने के खिलाफ है। उसका कहना है कि ब्राह्मणों के घर विदेशियों का काम ? जबकि दूसरे पंडे पैसे कमाने के लालच में विदेशियों को पेइंग गेस्ट रखना चाहते हैं लेकिन कोई भी धर्म नाथ के खिलाफ आवाज़ नहीं उठा पाता। दूसरी ओर कन्नी गुरु ( रवि किशन ) भी एक ऐसा व्यक्ति है जिसकी जिंदगी में किसी भी सिद्धान्त के कोई मायने ही नहीं है। तभी धर्म नाथ की जिंदगी में कुछ ऐसा हो जाता है जिससे उसे अपने सिद्धांतों के साथ समझौता करना पड़ता है और अपने ही घर में विदेशियों को पेइंग गेस्ट रखना पड़ता है।
ऐसा क्या होता है धर्म नाथ की जिंदगी में, जिससे वो अपने सिद्धांतों पर अडिग नहीं रह पाता ? उसके ऐसा करने से मौहल्ले वालो पर क्या कुछ असर होता है ? यही सब दिखाया गया है फिल्म में।
Thursday, November 1, 2018
कहानी -- हिंदी फिल्म -- जैक एंड दिल
रिलीज़ -- २ नवम्बर
बैनर -- बॉलकनी फिल्म्स, रॉक इन रोला एंटरटेनमेंट
निर्माता --सागर एस.सिणगारे,संदेश जाधव, योगेश सिंह
निर्देशक -- सचिन पी कारंडे
लेखक -- संजीव दत्ता
कलाकार -- अमित साध,अरबाज़ खान,सोनल चौहान और इवलिन शर्मा
संगीत -- अरको परवो मुखर्जी, अर्ग्य बनर्जी और राम गुलाटी
बैक ग्राऊँड स्कोर -- परिवेश सिंह
रोमांस और हास्य से भरपूर फिल्म "जैक एंड दिल " के निर्देशक हैं सचिन पी कारंडे। निर्माता - निर्देशक सचिन पी कारंडे ने अब तक पेबैक ( २०१० ) विकल्प ( २०११ ) अर्नब और जादुई लॉकेट ( २०१४ - टी वी मूवीज़ ) कोटा जंक्शन ( २०१५ ) आदि फ़िल्में निर्देशित की हैं। अनेकों टी वी धारावाहिकों में अभिनय करने के बाद अमित साध ने फिल्मों की ओर रुख किया और उन्होंने कई फिल्मों में काम भी किया। अमित की मुख्य फ़िल्में हैं काय पो चे, गुड्डू रंगीला, सुल्तान, अकीरा,रनिंग शादी डॉट कॉम और सरकार - ३ आदि। फिल्म निर्माता और अभिनेता अरबाज़ खान की मुख्य फ़िल्में हैं -- दरार, श्याम घनश्याम, प्यार किया तो डरना क्या ,माँ तुझे सलाम, हेलो ब्रदर, सोच,कयामत : सिटी अंडर ट्रीट,गर्व, वजह,हलचल,कुछ न कहो , जाने तू या जाने न, फैशन , दबंग १ , २ आदि। मॉडल और अभिनेत्री सोनल चौहान ने २००५ में मिस टूरिज्म का खिताब जीता और फिर फिल्मों में अपनी शुरुआत की. सोनल ने हिंदी फिल्मों के साथ - साथ कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों में भी अभिनय किया है। उनकी फ़िल्में हैं जन्नत, रेनबो, बुड्ढा बाप,थ्री जी, लीजेंड आदि।
रोमांस , ड्रामा और हास्य फिल्म की कहानी घूमती है जैक ( अमित साध ) के इर्द गिर्द। जैक जिसका शौक़ है जासूसी उपन्यास पढ़ना और उपन्यास के जासूसी किरदार की तरह असली जीवन में भी जासूस बनना। जैक के हाथ में एक पैसा भी नहीं है लेकिन सपने वो देखता है एक उम्दा जासूस बनने का। जासूस बनने के लिये जैक को एक कुत्ते की जरूरत होती है। लेकिन उसके पास तो पैसे ही नहीं हैं. दूसरी तरफ वालिया जी ( अरबाज़ खान ) अपना कुत्ता बेचना चाहते हैं. वालिया जी जो कि बहुत ही बड़े बिजनिस मैन हैं वो अपने कुत्ते को देने के लिये जैक को बुलाते हैं. जब जैक वालिया जी से मिलने आता है तब बातों ही बातों में वालिया जी जैक से कहते हैं उन्हें शक है कि उनकी पत्नी शिल्पा ( सोनल चौहान ) का किसी दूसरे व्यक्ति से प्रेम सम्बन्ध है और वो चाहते हैं कि जैक शिल्पा की जासूसी करे। वालिया जी की वजह से जैक को जासूस बनने का मौका मिल जाता है। शिल्पा की जासूसी करने के सिलसिले में जैक शिल्पा का पीछा करता है। इस तरह दोनों की मुलाकातें होती हैं और दोनों में प्यार हो जाता है। जब वालिया जी को जैक और शिल्पा के संबंधों के बारें में पता चलता है तो उनके होश उड़ जाते हैं।
ऐसी परिस्थिति में वालिया जी क्या करते हैं ? क्या वालिया जी शिल्पा तलाक ले लेते हैं या उसे वापस पाने की दूसरी कोई तरकीब निकालते हैं ? यही सब इस फिल्म में दिखाया गया है.
Tuesday, October 30, 2018
दानिश अल्फाज़ - बॉलीवुड में और एक यूपी के टैलेन्ट की एंट्री

मेरठ, उत्तर प्रदेश की भूमि से हिंदी सिनेमा को अनगिनत सुपरस्टार और बहु प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं, दानिश अल्फाज़ ने हिंदी फिल्म उद्योग को पूनम पांडे और शक्ति कपूर अभिनीत ‘द जर्नी ऑफ कर्मा’ के साथ एंट्री की है। इसने म्यूजिक मास्टरो गायक, संगीतकार और गीतकार के रूप में पदार्पण किया है।
गायक के रूप में शुरूआत करके, दानिश ने अपनी संगीत शैली को काफी तेजी से सम्मानित किया है और केवल एक गायक, गीतकार और संगीतकार के साथ आगे बढ़े है। अपने नाम पर 3 हिट एल्बम होने के बाद, डेनिश अपनी पहली बॉलीवुड प्रोजेक्ट से चर्चा में है। डेनिश कहते हैं, "यह मेरे तीसरे एकल के बाद था कि मुझे इस फिल्म के लिए संपर्क किया गया था और मुझे स्क्रैच से साथ मुझे आवाज देने को कहा और मुझे लगता है कि स्वतंत्रता इस क्षेत्र में बेहद जरूरी है।"
'द जर्नी ऑफ कर्मा' के संगीत के बारे में बात करते हुए, दानिश कहते हैं, "मेरे पास फिल्म में तीन ट्रैक हैं और सभी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। जबकि एक दुखद है, एक आरामदायक रोमांस ट्रैक है और आखिरी वाला डांस नंबर है।, "उन्होंने आगे कहा," मैंने इन तीनों ट्रैकों में अपना सब कुछ दिया है और मैं चाहता हूं कि मेरी शुरुआत सभी से प्यार करे। बस उम्मीद है कि मेरा काम दर्शकों को अच्छी तरह पसंद आएगा। "
खैर, उन्होंने केवल तीन ट्रैक दिए है और उद्योग में जो विकास किया है, उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि फिल्म उद्योग में दानिश का लंबा सफर होगा।
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