Tuesday, June 6, 2017

योगेश लखानी को दादा साहेब फाल्के अवार्ड


योगेश लखानी जो एक बहुत बड़ा नाम है आउटडोर बिज़नेस में,  ब्राईट आउटडोर भारत में होने वाले ज़्यादातर इवेंट्स में आउटडोर पार्टनर होते हैं। इन्हे इस साल जुहू में हुए दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया है।अवार्ड में अनिल कपूर, विवेक ओबेरॉय, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, जूही चावला और कई जाने माने कलाकार अवार्ड लेने आये। प्रियंका चोपड़ा का अवार्ड लेने के लिए उनकी माँ मधु चोपड़ा आयीं थी। 

Monday, June 5, 2017

अनुज कपूर बने क्रिएटिव आय लिमिटेड का क्रिएटिव और बिज़नेस हेड


Displaying anooj kapoor & dheeraj kumar.jpgDisplaying dheeraj kumar & anooj.jpgक्रिएटिव आई  लिमिटेड १९८५ से भारत में राष्ट्रीय सरकार और निजी प्रसारणकर्ताओं में टेलीविजन सामग्री बनाने की अग्रणी है। पिछले तीन दशकों में सीईएल ने पौराणिक कथाओं, सीरियल, कॉमेडी और रियलिटी शो में सफलतापूर्वक टेलीविजन सामग्री तैयार की है। अब टेलीविज़न सामग्री का निर्माण करने के साथ-साथ मीडिया में कारोबार के अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए अपनी टीम को और अधिक सक्षंम बनाने के लिए, सीईएल ने प्रसिद्ध, बहुमुखी और अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल श्री अनूज कपूर को क्रिएटिव और बिज़नेस हेड बनाया है। पिछले दशक में बिजनेस हेड अनूज को सब टीवी के साथ बेहतर काम करने का श्रेय दिया गया है, जिससे यह टीवी चैनलों में सबसे अधिक ठोस ब्रांडों में से एक है, और सबसे ज्यादा लाभदायक टेलीविजन चैनलों में से एक है। इसके अलावा, अनुज को टेलीविजन के साथ छह से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियां व एडवर्टाइजिंग और मार्केटींग क्षेत्र में २५ सालों का अनुभव है।
सीईएल के बतौर सीएमडी अनुज के शामिल होने के बारे में श्री धीरज कुमार ने कहा, ‘अनुज को अच्छा-खासा क्रिएटिव अनुभव है, साथ ही उनकी व्यावसायिक कौशलता ने क्रिएटिव आई लिमिटेड में एक और पंख जोड़ देगा। क्रिएटिव आई लिमिटेड के सीएफओ / सीओओ श्री सुनील गुप्ता ने बताया कि श्री अनूज कपूर ने टेलीविजन और विज्ञापन सामग्री के बारे में अनुभव है  और इसलिए न केवल क्रिएटिव  और प्रोडक्शन की बारीकियों को समझता है बल्कि यह भी समझता है कि कैसे एक क्रिएटिव प्रोडक्ट के रूप और सामग्री को संतुलित करना है। हमें मौजूदा संबंधों को मजबूत करने और नए लोगों के साथ संबंध को बनाने में मदद होगी।‘ निष्कर्ष निकालते हुए, श्री धीरज कुमार ने अनूज के साथ जोर दिया और मजबूत रचनात्मकता व वित्तीय टीम निश्चित रूप से कंपनी के लिए नए क्षितिज खोलेंगी।

सीईएल में शामिल होने पर अनूज कपूर ने कहा, ‘सीईएल मीडिया व्यवसाय में सबसे प्रसिद्ध और अनुभवी खिलाड़ियों में से एक है। यह टेलीविजन सामग्री उत्पादन शैली में कुछ सार्वजनिक सीमित कंपनियों में से एक है। श्री धीरज कुमार टेलीविजन व फिल्म दोनों में सबसे वरिष्ठ और सम्मानित नामों में से एक है। मैं अब सीधे कुछ रोमांचक टेलीविजन सामग्री बनाने की उम्मीद कर रहा हूं - फिल्में, डिजिटल और एनीमेशन सामग्री।

Saturday, June 3, 2017

जॉर्जिया का 99 वां स्वतंत्रता दिवस और भारत के साथ 25 साल के राजनितिक संबंधों के जश्न के साथ दोहरा उत्सव


Displaying satinder singh ahuja & archil dzuliashvili1.jpgDisplaying dheeraj kumar,archil dzuliashvili,satinder singh ahuja & sumit malik.jpgDisplaying satinder singh ahuja,vijay kalantri,guest & archil dzuliashvili.jpgजॉर्जिया का 99 वां स्वतंत्रता दिवस और भारत के साथ 25 साल के राजनितिक संबंधों के जश्न के साथ दोहरा उत्सव मनाया। जॉर्जिया के राजदूत आर्चिल डज़ुलियशविलि और जॉर्जिया के कॉन्सूल जनरल सतिंदर सिंह आहुजा उपस्थित थे। साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह में कोलाबा के ताज होटल में अन्य देशों के माननीय राजदूत भी आए थे। इस इवेंट में खास करके जॉर्जिया के कॉनसुर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर श्री जॉर्ज टैबेटेडजे भी आए थे। विशेष रूप से इस समारोह का हिस्सा बनने के लिए निर्माता-निर्देशक अब्बास मस्तान की जोड़ी आयी  थी। क्रिएटिव आई लिमिटेड के निर्माता धीरज कुमार, अनूज कपूर,संजय प्रताप, अमिषा पटेल, चरणजीत सिंह सप्रा, विजय कलंत्री  आदि इस भव्य इवेंट पर आए। सतींदर सिंह आहूजा, माननीय जॉर्जिया के कॉन्सूल जनरल ने मीडिया से कहा कि जॉर्जिया सरकार जॉर्जिया में विभिन्न लोकेशन पर अपनी फिल्म के प्रमुख हिस्सों की शूटिंग करने के लिए भारतीय फिल्म निर्माताओं को २५ प्रतिशत सब्सिडी देगी। सतींदर सिंह आहुजा ने जॉर्जिया में फिल्म 'द मशीन' की शूटिंग करने के लिए अब्बास मस्तान के दिल से धन्यवाद दिया। इस साल वे जॉर्जिया में और मेहमानों को आमंत्रित करने की योजना बना रहे हैं।

Friday, June 2, 2017

बहुमुखी प्रतिभा के संगीतकार अमित मिश्रा


अमित मिश्रा को उनकी संगीत रचनाओं के लिए बहुत सारे पुरस्कार तो मिल ही चुके हैं और जल्दी ही ‘अतिथि तुम कब जाओगे’, ‘मछली जल की रानी है’ और ‘गेस्ट इन लंदन’ (जो कि १६ जून, २०१७ को रिलीज़ होने के लिए तैयार है) आदि उनकी फ़िल्में आने वाली हैं। 
Displaying amit mishra 5.jpg बहुमुखी प्रतिभा के संगीतकार अमित मिश्रा अब विभिन्न स्वतंत्र रिलीज और एक वेब श्रृंखला पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं । उन्होंने दीया और बाती हम सीजन २’ (तू  सूरज मैं सांझ पियाजी), खटमल ई इश्क, दफा ४२० और लापतागंज जैसी लोकप्रिय टी वी सीरिज के लिए काम किया है।

Displaying amit mishra2.jpgअमित मिश्रा ने संगीत देने के साथ - साथ फिल्म ‘गेस्ट इन लंदन’ में दो गाने लिखे हैं। अमित मिश्रा के संगीत की स्वाभाविक रुप से विशिष्टता यह है कि विश्व संगीत के साथ इसमें पारंपरिक लोक संगीत का घटक मिश्रित होता है। वह गाने में प्राकृतिक गतिशीलता का उपयोग करते है। 

हुमा कुरैशी और साक़िब सलीम दोनों की बातें -- कितनी एक सी , कितनी अलग

हुमा कुरैशी और साक़िब सलीम दोनों बहन - भाई हॉरर फिल्म "दोबारा : सी योर इविल" फिल्म में एक साथ आ रहे हैं।  असली जिंदगी के बहन भाई फिल्म में भी बहन भाई ही बने हैं।  दोनों से बातें हुई अलग - अलग लेकिन दोनों के जवाब कितने एक से रहें और कितने अलग , आइये जानते हैं ----

दोबारा फिर कब काम करेगें साथ में ?
साक़िब  -- नहीं ,अभी तो नहीं।  कर किया अब, जब कभी अच्छा काम मिलेगा तब सोचेंगे।
हुमा --- करेगें जरूर करेगें अगर फिल्म हिट रही तो जरुरु साथ में काम करेगें।

कैसी अभिनेत्री है हुमा ?
साक़िब  --बहुत अच्छी अभिनेत्री है। अपनी लाइनें रट कर नहीं आती सेट पर लाइव रहती है हुमा। हमारे घर में वो ही थी जो थियेटर करती थी।
हुमा -- बहुत अच्छा अभिनेता है , बहुत सेंसेटिव है,  अच्छा को स्टार है।

 सेट पर एक दूसरे की कितनी ग़लतियाँ निकाली हैं आपने ?
साक़िब -- सेट पर हमने गलतियाँ ही निकाली हैं
हुमा  -- घर की बहस अब हमने बड़े परदे दिखा दी।

ऐसी कौन सी हॉरर फ़िल्में हैं जिसे देखने में आपको बहुत डर लगा हो ?
साक़िब -- राम गोपाल वर्मा की एक फिल्म थी "रात " उसे देखने में दस साल लगे मुझे , अभी कुछ साल पहले ही पूरी की है।
हुमा -- द कन्जूरिंग , ओक्युलस , ममा इन सभी फिल्मों को देख कर मुझे बहुत डर लगा। 

दर्शक कितना डरेगें आपकी फिल्म "दोबारा : सी योर इविल " से 
साक़िब  -- हम तो चाहते हैं कि दर्शक बहुत डरे , आजकल हमारी हॉरर फिल्मों में एक नया शब्द जुड़ गया हॉरेक्स लेकिन हमारी फिल्म ऐसी नहीं है। पूरी तरह से हॉरर फिल्म बनाने की कोशिश की है।
हुमा  --- फॅमिली के साथ देख सकेंगे हमारी फिल्म को , लेकिन डर भी बहुत लगेगा सबको।

भूत प्रेत को आप कितना मानते हैं ?
साक़िब  --नहीं मैं नहीं मानता।  जब तक मेरे साथ कुछ घटता नहीं है मैं उसमें विश्वास नहीं करता । अच्छी शक्तियाँ और बुरी शक्तियाँ होती हैं यह मैं मानता हूँ.
हुमा -- भगवान को मानती हूँ जिसे मैंने देखा नहीं उसे मैं नहीं मानती।

हुमा की कौन सी फिल्में अच्छी लगती हैं ?
साक़िब -- गैंग्स ऑफ़ वासेपुर , बदलापुर और डेढ़ इश्क़िया।
हुमा --  हवा हवाई , मेरे डैड की मारुति  अच्छी फ़िल्में है साक़िब।

रियल लाइफ में कौन जीतता है बहस में ?
साक़िब -- मैं . 


हुमा -- मेरा जवाब है मैं ,लेकिन जीतता हमेशा साक़िब ही है।

Thursday, June 1, 2017

ऑल इंडिया अचीवर्स अवॉर्ड


Displaying indira,sonal sonkavde & nandish sandhu.jpgDisplaying himani shivpuri.jpgDisplaying dheeraj kumar,abhishek bachchan & prachi shah.jpgसिनेमा, टेलीविज़न और मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्तकर्ताओं को गोल्डन अचीवर्स अवार्ड्स और दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा आयोजित उत्कृष्टता के लिए एआइएसी अवार्ड्स से उद्यमी अभिषेक बच्चन ने सम्मानित किया गया। ‘इंडिव्यूजल अचीवमेंट्स एंड नेशन बिल्डिंग’ की सम्मेलन के एजेंडे में विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि रियल एस्टेट, उद्योग, शिक्षा,उद्यमिता, क्रिएटिव आर्ट्स, सेवा, ज्योतिष, मीडिया और प्रदर्शन कला के लिए पुरुषों और महिलाओं को उत्कृष्टता के लिए एआईएसी पुरस्कारों के साथ सम्मानित करना था। माननीय फ्रांस के सलाहकार वावेस पेरीन विशेष रूप से अपनी पत्नी के साथ इस इवेंट में भाग लेने के लिए आए थे।
Displaying mukesh rishi & sunil pal.jpgधीरज  कुमार, मुकेश ऋषि, रजा मुराद, राकेश बेदी, अवतार गिल के शामिल जूरी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। गोल्डन अचीवर अवार्ड प्राप्त हुआ उनमें धीरज कुमार, वर्षा उसगावंकर, नंदिश संधू, इंदिरा कृष्णन, तस्नीम शेख, संदीप सोपरकर, हिमानी शिवपुरी, प्रमोद गोरे ,अर्चना चंदेल,सोनल सोनकावदे आईआरएस, एकता जैन, योगेन शाह, डॉ. के.के. कपूर, पॉलोमी संघवी और रेनी धायानी ।" ऑल इंडिया एचीवर्स कॉन्फ्रेंस द्वारा वर्ष 1989 में स्थापित उत्कृष्टता के लिए एआईएसी पुरस्कार (विभिन्न श्रेणियों में) एक राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई मान्यता है, जो कि शायद ही कभी आती है और कुछ ऐसे लोगों के लिए जो काम करने के अपने चुने हुए क्षेत्र में प्राप्त करने और हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर चुके हैं। दूसरों के द्वारा अनुकरण के योग्य रोल मॉडल यह एक बार में उत्कृष्ट 'उपलब्धि' और 'उत्कृष्टता' की भावना का प्रतीक है।Displaying surendra pal,abhishek bachchan,dheeraj kumar & mukesh rishi.jpg

हिंदी फिल्म --- दोबारा : सी योर इविल

हिंदी फिल्म --- दोबारा : सी योर इविल 
बैनर --- इंटरपिड पिक्चर्स , बी फॉर यू , ज़ाहक फिल्म्स लिमिटेड , रिलेटिविटी मीडिया। 
रिलीज़ -- २ जून 
निर्माता -- प्रवाल रमन, ईशान सक्सेना, विक्रम खाखर और सुनील शाह।   
स्क्रीन प्ले और निर्देशन -- प्रवाल रमन
२०१३ में रिलीज़ हुई सुपर नेचुरल फिल्म ओक्युलस पर आधारित। 
कलाकार --- हुमा कुरैशी ,साक़िब सलीम , लिजा  रे , आदिल हुसैन  और रिया चक्रवर्ती। 
संगीत -- अरको प्रवो  मुखर्जी। 

राम गोपाल वर्मा के सहायक रह चुके निर्देशक प्रबाल रमन ने इस फिल्म से पहले डरना मना है (२००३ ) गायब ( २००४ ) डरना ज़रूरी है ( २००६ ) ४०४ (२०११ ) मैं और चार्ल्स ( २०१५ )आदि फिल्मों का निर्देशन किया है। २०१३ में रिलीज़ हुई सुपर नेचुरल फिल्म "ओक्युलस" पर आधारित इस फिल्म  "दोबारा : सी योर इविल" में हुमा क़ुरेशी और साक़िब सलीम दोनों सगे बहन भाई फ़िल्म में भी बहन भाई का किरदार अभिनीत कर रहे हैं।  
इस फिल्म की कहानी के केंद्र में है एक आईना , जिसके बारें में यह माना जाता है कि वो  भूतिया आईना है। फ़िल्म की कहानी दो अलग अलग समय की है. वर्तमान से शुरू होती है और बीच - बीच में ११ साल पहले की घटना को भी दिखाया जाता है।  एलेक्स मर्चेंट ( आदिल हुसैन ) और लिज़ा मर्चेंट ( लिज़ा रे ) अपने दोनों बच्चों नताशा मर्चेंट और कबीर मर्चेंट के साथ अपने नये घर में रहने जाते हैं। एलेक्स एक पुराना आईना ख़रीदकर लाता है और बस शुरू हो जाता है अजीबोग़रीब घटनाओं का सिलसिला।  कभी एलेक्स को आईने में से निकल कर एक महिला लुभाती है , कभी लिज़ा पागलों की तरह व्यवहार करने लगती है।  दोनों बच्चे भी इस आईने की वजह से परेशान हो जाते हैं और तभी कबीर कुछ ऐसा कर बैठता है जिससे उसे जेल हो जाती है।  बड़े होने पर कबीर ( साकिब सलीम ) जेल से रिहा होता है और बहुत सालों के बाद कबीर और नताशा ( हुमा कुरेशी ) दोनों भाई - बहन फिर से एक दूसरे से मिलते हैं और आईने की उलझी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करते हैं कि क्या सच आईने में भूत है या उनके मन का वहम ? दोनों भाई - बहन अपने माता पिता को मारने वाले उस आईने को तोड़ने की कोशिश करते हैं  जिसकी वजह से उनकी हंसती खेलती दुनिया उजड़ गयी। 
क्या कबीर और नताशा उस मनहूस आईने को तोड़ पाते हैं ? क्या दोनों आईने के चँगुल में  फँस जाते हैं ? जानने के लिए देखिये फिल्म " दोबारा : सी योर इविल "

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...