Wednesday, June 25, 2014

रेहमान खान के कॉमेडी शो लव सेक्स और पॉलिटिक्स देखने फिल्म जगत से लोग कैनवस लाफ क्लब आये


रेहमान खान ने अपने तीसरे कॉमेडी शो लव सेक्स और पॉलिटिक्स देखने के लिए फिल्म जगत के दोस्तों को कैनवास लाफ क्लब जो लोअर परेल में हैं वहां आमंत्रित किया। साउथ की तनीषा सिंह
,गुजरात की एकता जैन ,टीना घई ,बृंदा पारेख आये थे। वी आई पी ने शो में एक एंट्री भी की। रेहमान ने कमाल का परफॉरमेंस किया। भारत के जानेमाने क्रिकेटर मुहम्मद कैफ़ भी शो देखने के लिए आये थे। 

गुजराती एक्ट्रेस एकता जैन को रविन्द्र जैन,सुनील पाल,शबाब साबरी और संचिति सकट ने जन्मदिन पर सरप्राइज पार्टी जे डब्लू मैरियट में दी

कई सीरियल और फिल्म में काम करके एकता जैन आजकल एक्शन सीख रहीं हैं। जाने -माने संगीतकार रविन्द्र जैन, कॉमेडी किंग सुनील पाल, गायक शबाब साबरी, संचिति सकट ने एक - एक गीत सुनाकर एकता का जन्मदिन जुहू के जे डब्लू मैरियट में मनाया जहाँ एकता ने जन्मदिन का  केक भी काटा।

 एकता जैन की पूरी फैमिली - पापा हीराचंद,भारती जैन और लेखा जैन भी आये थे। संचिति सकट के पापा राजू सकट


,माँ स्वाति सकट और छोटा भाई रोहन सकट भी आये थे पार्टी में।

द बार टेंडर - क्लासिक बॉलीवुड विध ए ट्विस्ट


आजकल जब भी संगीतकार संगीत तैयार करते हैं तो यह ध्यान में रख कर कि श्रोता उस संगीत को पसंद करें. ऐसे ही एक संगीतकार हैं न्यूजीलैंड के माइकी मैक्लरी जो कि बॉलीवुड के संगीत को निराले ही अंदाज़ में पेश करते हैं. अभी हाल ही में ‘द बार टेंडर’ सीरीज के तहत उनका नया एलबम संगीत कंपनी सारेगामा ने रिलीज़ किया है क्लासिक बॉलीवुड विध ए ट्विस्ट.

उनके इस एलबम में ९ गीत हैं, सभी गाने एक से बढ़ कर एक हैं. पहला गाना है आज की रात कोई आने को है सन १९७३ में आयी ‘अनामिका’ फ़िल्म के इस गाने को गाया है शाल्मली खोलगड़े ने. इसके बाद है तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो ( अनुष्का मनचंदा) आज मौसम बड़ा बेईमान है( मौली दवे) आइये मेहरबां ( सबा आज़ाद ) एक लड़की भीगी भागी सी ( शाल्मली खोलगड़े ) जा जा बेवफ़ा (शाल्मली खोलगड़े ) आवारा हूँ (शाल्मली खोलगड़े ) उड़े जब जब जुल्फें तेरी ( मौली दवे) वो हसीन दर्द दे दो (शाल्मली खोलगड़े) ने गाया है.

माइकी की इस एलबम की विशेषता यह है की इसमें गीतों को रीमिक्स नही किया है बल्कि पुराने संगीत की ख़ूबसूरती को बरकरार रखते हुए संगीत को अपने अंदाज़ में अरेंज किया है. इसके अलावा इस एलबम में सभी गीतों को गायिकाओं ने ही गाया है. जबकि आज मौसम और तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो या आवारा हूँ में गायकों की आवाजे हैं.

 क्लासिक बॉलीवुड विध ए ट्विस्ट एलबम श्रोताओं के बीच लोकप्रिय होने की खास वजह यह भी है कि इसके गीत पुरानी पीढ़ी के श्रोताओं को तो पसंद आते ही है क्योंकि यह गीत पुराने हैं और नए श्रोताओं को इसलिए अच्छे लगते है क्योंकि उन्हें नये अंदाज़ में पेश किया है.                  
              

‘द बार टेंडर’ सीरीज के दो एलबम क्लासिक बॉलीवुड – शेकन नोट स्ट्रिड २०११ में और २०१३ में क्लासिक बॉलीवुड - बी सेवेंटी आ चुके हैं जो कि सुनने वालों में बेहद लोकप्रिय हुए थे.

Saturday, June 21, 2014

विश्व संगीत दिवस झूमो नाचो गाओ


जैसा कि सबको पता है २१ जून को विश्व संगीत दिवस के रूप में मनाया जाता है.  सन १९८२ में फ्रांस में इस दिन की शुरुआत हुई थी और अब विश्व के १०० के करीब देश संगीत के इस महान पर्व को मनाते हैं. देश विदेशो में इस दिन कई संगीत के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. इस दिन के बारे में हमने अपने देश की संगीत जगत की कई हस्तियों से बात की और जाना की उनकी नज़र में संगीत क्या है ? और क्या मायने रखता है संगीत उनकी जिदगी में ------  
कैलाश खेर --- संगीत में बहुत बड़ी शक्ति होती है यह तो खुदा की ऐसे नेमत है जिसको मिलती है उसके तो वारे न्यारे हो जाते हैं. मेरी जिंदगी में तो संगीत ही संगीत है बस. इसके बिना तो जीने की कल्पना भी मैं नही कर सकता. आज जो कुछ भी मैं हूँ बस इसी की बदौलत हूँ इस दिन पर मैं अपने सभी चाहने वालों को शुभकामनाये देता हूँ. बस इसी तरह अपना प्यार देते रहे और गीत -संगीत का लुत्फ़ उठाते रहे.        
माइकी मैक्लरी --- बारटेंडर फेम माइकी कहते हैं  आज जो भी मुकाम मुझे हासिल हैं सब संगीत के कारण ही. संगीत में ही मेरी आत्मा बसती है. विश्व संगीत दिवस पर अपने सभी प्रशंसकों को शुभ कामनाये. मेरे संगीत के इस सफर में उनके सहयोग के बिना कुछ भी संभव नही.    
हार्ड कौर – विश्व संगीत दिवस वाह जी क्या कहने, सभी को ढेर सारी बधाईयाँ. संगीत के बिना जी नही सकती. इसके बिना जिंदगी अधूरी है मेरी. समय और संगीत ही दो ऐसे हैं जिनके जरिये इंसान के दर्द कम हो जाते हैं.         
नकाश अज़ीज़ – ‘साड़ी के फाल सा फेम’ नकाश का कहना है, संगीत के जरिये हम वो सब कह देते है जो हम जुबां से नही कह पाते. संगीत की कोई भाषा नही होती कोई लफ्ज़ मायने नही रखते. किसी भी भाषा का संगीत आपको अपनी ओर खीच सकता है. आज संगीत की वजह से ही लोग मुझे जानते हैं. सभी को बहुत सारी बधाइयाँ. झूमे नाचें और गायें.     
मोहम्मद इरफ़ान – ‘बंजारा’ फेम गायक इरफ़ान तो कहते हैं संगीत ऐसी विधा है जो की हर इंसान के दिल को सीधे छूती है. संगीत इंसान हर वक्त सुनता है वो दुखी हो, खुश हो हर मूड को भाता है संगीत. इस दिन को अच्छी तरह से मनाये और अपने पसंद का संगीत सुने साथ और मेरे गीतों को भी सुने.   

शाहिद माल्या – ‘रब्बा मैं तो मर गया’ फेम शाहिद कहते हैं कोई भी जब आपके पास ना हो तो सबसे बड़ा सहारा होता है संगीत. संगीत के बिना रहना बहुत मुश्किल है. यह तो मेरी रूह में है.  अभी तो मुझे इस क्षेत्र में बहुत आगे जाना है. इस दिन के लिए सभी सुनने वालों को मेरी तरफ से बहुत सारी शुभकामनायें.

एक विलेन का बंजारा गायक मोहम्मद इरफ़ान

कुछ गायक ऐसे होते हैं जिनकी आवाज़ सीधे श्रोताओं के दिलों पर दस्तक देती है और जिनकी गायकी सुनकर रूहानी सुकून भी मिलता है ऐसे ही एक गायक है मोहम्मद इरफ़ान अली जिनके गीत सुनकर श्रोता उनके दीवाने हो जाते हैं. अभी उनका गाया एक गीत बंजाराश्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय है. फिल्म ‘एक विलेन’ का यह गीत जिस दिन रिलीज़ हुआ उसी दिन से इसकी लोकप्रियता बढती ही जा रही है. पिछले दिनों इरफ़ान से मुलाकात हुई. पेश हैं मुलाक़ात के मुख्य अंश ----    
      
·         जिधर देखो आजकल आपका गीत बंजारा ही सुनने की मिलता है हर जगह चाहे एफ एम रेडियो हो या यू ट्यूब सभी पर यही गाना छाया हुआ है. कैसा लगता है आपको ?
बहुत खुशी होती है जब आपके गाये गीत को इतनी लोकप्रियता मिलती है. ऐसा लगता है जैसे आपकी मेहनत सफल हो गई. मैं बहुत खुश हूँ मेरे गाये गीत को श्रोताओं ने इतना पसंद किया.
·         इस गीत की लोकप्रियता की क्या वजह हो सकती है ?
गीत – संगीत का अच्छा सामंजस्य ही गीत को मधुर बनाता है यही वजह है कि यह गीत श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है. मिथुन ने इस गीत में संगीत दिया है और लिखा भी उन्होंने ही है.
·         मिथुन के साथ पहले भी काम किया है. कैसा रहा साथ काम करना ?
बहुत ही अच्छा मैंने उनके साथ सबसे पहले फिल्म ‘लम्हा’ में काम किया था इस फिल्म में मैंने  २ गीत गाये थे. सलाम जिंदगी और रहमत ज़रा, रहमत ज़रा के लिए तो मुझे अवार्ड भी मिला था. इसके बाद  मर्डर – २ का ‘फिर मोहब्बत करने चला’ यारियां का ‘बारिश’  भी गाया है.  मिथुन के साथ गाये सभी गीतों को श्रोताओं ने बेहद पसंद किया है.
·         आप लगभग सभी संगीतकारों के साथ काम कर चुके हैं किसके साथ सबसे ज्यादा अच्छा रहा काम करना?   
मैंने अभी तक ए आर रहमान, मिथुन, हिमेश, जीत गांगुली, साजिद - वाजिद और

संजीव दर्शन आदि संगीतकारों के साथ काम किया है सभी के साथ मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला और अच्छे अनुभव रहे.
·         फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ के गीत भी काफी लोकप्रिय हुए हैं .                     हाँ जीत गांगुली के निर्देशन में मैंने २ गीत मुस्कुराने की वजह तुम हो और जिया जाए ना गाये हैं और ये दोनों ही गीत आज भी चार्ट नंबर में हैं.
·         क्या आपने कभी सोचा था आपके गाये गीत इतने लोकप्रिय होंगे ?    
 सोचता तो था मैं अक्सर कि काश मेरे गाये गाने भी लोगों की जुबां पर हों. अब कहीं जाकर मेरा यह सपना पूरा हुआ है. बहुत मेहनत करनी पड़ी इसके लिए , तब कहीं जाकर थोडा सा कुछ मिला है. अभी तो बहुत आगे जाना है मुझे.
·         क्या आपके परिवार वाले खुश हैं आपके करियर से?                          पहले तो नही खुश थे लेकिन अब खुश हैं जब मेरे गाने सुनते हैं तो.      
·         आपने रहमान के साथ ‘रावण’ फिल्म में ‘बहने दे’ गाया है बताइए कुछ उनके बारे में ? कैसे मौका मिला उनके साथ काम करने का ?                          मैं हैदराबाद में संगीत अकेडमी में परफोर्म कर रहा था वहीँ लोकप्रिय गायक एस पी बालासुब्रह्मण्यम ने मुझे सुना उन्होंने ही मुझे रहमान सर से मिलवाया. बहुत नर्वस था जब मैं उनसे मिला लेकिन उन्होंने बहुत ही आराम से मुझे ‘बहने दे’ गीत गवाया, बहुत अच्छा लगा उनसे मिल कर. 
·         किस हीरो के लिए गीतों को गाना चाहते हैं ?                                बस अच्छे गीत गाना चाहता हूँ चाहे वो किसी भी हीरो पर फिल्माये जाये.
·         किन संगीतकारों के साथ गाना चाहते हैं ?
·         अभी तो बहुत सारे संगीतकार हैं जिनके साथ मैंने उनके साथ अभी तक काम नही किया है इसलिए उनके साथ और जिनके साथ कर चुका हूँ सभी के साथ करना चाहता हूँ. 
·         और किन फिल्मों में आप गा रहे हैं ?                                  
  कई सारे गीत मैंने गाये हैं जैसे - जैसे फ़िल्में रिलीज़ होंगी आपको मैं बताऊंगा.                          

Friday, June 20, 2014

हिंदी फिल्म -- हमशक्ल

हिंदी फिल्म  -- हमशक्ल
रिलीज़ – २० जून
बैनर – फोक्स स्टार स्टूडियो और पूजा इंटरटेनमेंट  
निर्माता – वाशु भगनानी
निर्देशक – साजिद खान
लेखक -- फरहाद और साजिद खान
संगीत – हिमेश रेशमिया
कलाकार – सैफ अली खान , रितेशमुख, राम कपूर , बिपाशा बासु , ईशा गुप्ता और तमन्ना भाटिया.
साजिद खान की  इस हास्य फिल्म “हमशक्ल” से पहले भी दो फ़िल्में इसी नाम की आ चुकी हैं एक १९७४ में जिसमें राजेश खन्ना नायक थे और दूसरी फिल्म हमशक्ल १९९२ में आयी थी जिसमें विनोद खन्ना थे.
यह पहली ही बार है कि किसी फिल्म में तीन - तीन चरित्र अभिनीत किये हैं एक कलाकार ने. अभी तक फिल्मों में दर्शकों ने किरदारों को दोहरे चरित्र में देखा था. हाँ इससे पहले १९७४ में फिल्म आयी थी " नया दिन नयी रात " जिसमे अभिनेता संजीव कुमार ने अकेले ९ किरदार अभिनीत किये थे। फिल्म " हमशक्ल; के तीनो नायक परदे पर महिला किरदारों के रूप में भी दिखाई देगें.  जहाँ एक ओर फिल्म के कुछ दृश्यों में तीनो नायक स्कर्ट्स में दिखाई देगें वहीँ फिल्म की नायिकायें बिकनी में। 
रितेश तो आमतौर पर कॉमेडी रोल करते ही रहते हैं, राम के लिए यह पहली ऐसी फिल्म होगी।जिसमे वो हास्य करते हुए नज़र आयेगें।  जहां तक सैफ की बात है तो वह एक बार फिर अपने कॉमेडी अंदाज को  पर्दे पर लेकर आएंगे। साजिद की माने तो यह फिल्म हंसा हंसा कर लोटपोट कर देगी क्योंकि बॉलीवुड में अभी तक ऐसी फिल्म नहीं बनी है, जहां तीन लीड रोल के ट्रिपल अवतार हों। तीन हीरो जिनके ९ किरदार हैं फिल्म में.  दर्शक इन ९ किरदारों के पागलपन को देख कर हँसते हँसते हुए लोटपोट हो जायेगें. फिल्म में तीन हीरोइने भी हैं.
पहली ही बार रितेश ( कुमार ) की नायिका के रूप में दिखाई देंगी बिपाशा बासु ( निकिता ) इस फिल्म में. ईशा गुप्ता (शिवानी गुप्ता ) नामक का किरदार कर रही हैं जो कि लन्दन के एक पागलखाने में मनोचिकत्सक बनी हैं. जिससे सैफ (अशोक )  प्यार करते हैं .
अभिनेता रितेश और सैफ के लिए तों ठीक हैं क्योंकि ये दोनों पहले भी हास्य फाइलों में अभिनय कर चुके हैं लेकिन राम कपूर के लिए यह नया है.
फिल्म की तीनो नायिकाओं ने भी जी भर कर अंग प्रदर्शन किया है तीनो ही परदे पर बिकनी में दिखेगीं.   
फिल्म का संगीत भी ठीक ठाक है कॉलर ट्यून गीत श्रोताओ में लोकप्रिय हो रहा है। 
'हमशक्ल' दर्शकों को कितना पसंद आयेगी यह तो  प्रदर्शन के बात ही पता चलेगा।  निर्देशक साज़िद खान की पिछली फिल्म "हिम्मत वाला " बुरी तरह फ्लॉप हुई थी। 

Thursday, June 19, 2014

अभिनेता महेश बाबू की फिल्म "एक का दम - 1"

फिल्म "एक का दम - 1"  मानसिक विकार से पीड़ित एक परेशान रॉकस्टार गौतम (महेश बाबू) की कहानी है जिसे अक्सर ही बुरे - बुरे सपने दिखाई देते हैं सपनो में वह देखता है कि वह एक बच्चा है जिसके अपने माता पिता की भीषण हत्या को उसने देखा है. और वह अपने माता पिता के सभी हत्यारों को मार चुका है. इस तरह कि अजीबोगरीब सपने उसका पीछा नही छोड़ते. उसे इन सपनों की वजह बताने वाला कोई भी उसके पास नही है. उसके माता पिता कौन थे?  क्या उनका नाम था  उसे यह भी नही मालूम ?, यहाँ तक की उनके चेहरे भी उसे याद नहीं. बस उसके सपनो में कुछ चेहरे आते हैं जिन्होंने उसके माता पिता की हत्या की थी. वो बस उसे अंटोनियो रोसरीउस ( केली दोरजी )_अपनी कल्पना में ही ढूँढता कर मारता रहता है.     
  
पत्रकार समीरा (कीर्ति सैनन ) गौतम के जीवन में आती है और वह गौतम के सामने यह सच लाती है कि जो गौतम वास्तव में करता है वो बस केवल उसकी महज  कल्पना है न कि सच. समीरा गौतम के डॉक्टर की सलाह पर उसकी इस बीमारी पर काबू पाने में उसकी मदद करने की कोशिश करती है.

उसकी खोजी पत्रकारिता के सहारे गौतम अपने माता पिता के हत्यारों का पता लगाने में कामयाब होता है यह नही पता क्योंकि यह जानने के लिए तो आपको फिल्म देखनी होगी . जो कि २० जून को रिलीज़ हो रही है .



निर्देशक सू कुमार की इस फिल्म में बहुत सारे कलाकार हैं जैसे नासिर,  प्रदीप रावत और केली दोरजी आदि. तेलगु भाषा में महेश बाबू की बनी सबसे महंगी (1: Nenokkadine) फिल्म अब हिंदी में एक का दम नाम  से २० जून को रिलीज़ हो रही है. फिल्म में सोफी चौधरी ने आयटम नंबर भी किया है.
 तेलुगु अभिनेता महेश बाबू की फिल्म ‘एक का दम’ एक्शन फिल्म है जिसकी शूटिंग लंदन गोवा, बैंकाक, आयरलैंड में हुई  है। इस फिल्म को लगभग 75 करोड़ की लागत से बनाया गया  है। इस फिल्म की शुरुआत अमेरिका में कमाल की हुई है। हिंदी में फिल्म के निर्माता रिवाज़ दुग्गल हैं जिन्होंने फिल्म को अपने बैनर आर के दुग्गल में रिलीज़ किया है। इस फिल्म में डबिंग ,मिक्सिंग ,गीत के लिए रिवाज़ ने बड़ी मेहनत की है। 









मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...