Thursday, July 13, 2017

रागिनी खन्ना की महत्वपूर्ण भूमिका फिल्म ‘गुड़गांव’ में


रागिनी खन्ना ने ३० से अधिक टेलीविजन शोज कियें  है. उन्होंने ‘राधा की बेटियां कुछ कर दिखाएंगी’ नामक टेलीविज़न धारावाहिक  से अपना कैरियर शुरू किया, उसके बाद ‘भास्कर भारती’ और ‘ससुराल गेंदा फूल’ (२०११) किया। अब रागिनी खन्ना को दर्शक शंकर रमन निर्देशित हिंदी फिल्म `गुडगाँव` में देखेंगे,  जे आर पिक्चर्स की फिल्म के निर्देशक शंकर रमन एवार्ड विजेता सिनेमैटोग्राफर है और यही इस फिल्म के लेखक-प्रोड्यूसर है,, जिन्होंने पिछले दो दशकों में कई डोक्यूमेंट्रीज,शॉर्ट्स फीचर फिल्में और टीवी कमर्शियल बनाया है।फिल्म ‘गुड़गांव’ में रागिनी के अपोजिट अक्षय ओबेरॉय है।
सुंदर और प्रतिभाशाली रागिनी खन्ना ‘गुड़गांव’ में अपनी  भूमिका के बारे में काफी उत्साहित हैं। यह रोल कैसे रागिनी को मिला ? इस बारे में रागिनी खन्ना ने कहा, "जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मैं बहुत उत्साहित थी कि निर्देशक ने मुझे एक अभिनेत्री के रूप में देखा और न ही एक टीवी शो की बबली लड़की के रूप में।  निर्देशक शंकर रमन बहुत उदार हैं,  ‘गुड़गांव’ के सेट पर काम करना मेरे लिये बहुत ही शानदार अनुभव रहा । "

रागिनी खन्ना ने कहा कि "एक अभिनेत्री के रूप में, उन्होंने अपने आपको भूमिका में पूरी तरह से डूबों दिया है और मुझे पूरी उम्मीद है कि मुझे अवश्य दर्शकों की  प्रशंसा मिलेगीं। अभी रागिनी किसी भी  टीवी धारावाहिक में काम नहीं कर रही है।

Monday, July 10, 2017

रागिनी खन्ना का फोटो शूट

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टीवी की सुपर स्टार रागिनी खन्ना जिन्हे हमने भास्कर भारती और ससुराल गेंदा फूल में देखा था, फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इन्हे हम जल्द ही शंकर रमन निर्देशित हिंदी फिल्म गुडगाँव में देखेंगे जिसे जार पिक्चर्स ने बनाया है। रागिनी खन्ना ने इस फिल्म का प्रचार फोटो शूट के साथ शुरू कर दिया है। रागिनी खन्ना ने फोटो शूट ब्लैक ड्रेस में बांद्रा में किया।  फिल्म चार अगस्त को समस्त भारत में रिलीज़ होगी। 

Saturday, July 8, 2017

हिंदी फिल्म शादी विध जुगाड़

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Displaying harshvardhan joshi & shree rajput1.jpgएकता जैन जिन्होंने कई विज्ञापन ,टीवी सीरियल और फिल्मों में काम किया है वो अब १२ साल के ब्रेक के बाद वापस कॉमेडी हिंदी फिल्म शादी विथ जुगाड़ में नज़र आएँगी जिसकी शूटिंग गुजरात के गांधीनगर में शुरू हो चुकी है । इस फिल्म का निर्माण कर रहे हैं श्री सूत्रम एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड . फिल्म की पूरी शूटिंग गुजरात के गांधीनगर ने होगी। हर्षवर्धन जोशी जिन्होंने लव के फ़ंडे फिल्म में काम किया था वो इस फिल्म में जिग्नेश का किरदार निभा रहे हैं ,श्री राजपूत जिनकी आखिरी फिल्म मिस खिलाड़ी थी वो इस फिल्म में वैजंती का किरदार निभा रही हैं अजय सिंह डॉन का किरदार निभा रहे हैं ,कुणाल मेहता डी जे का किरदार , आकाश स्ट्रग्ग्लिंग एक्टर का किरदार और एकता जैन मराठी और क्रिस्चियन लड़की मेरी का किरदार में हैं । इस फिल्म के लेखक निर्देशक हैं आज़ाद भारती। फिल्म के अन्य कलाकार हैं - अजय सिंह ,कुणाल मेहता ,आकाश लापासिया ,करेंन राजपूत ,सुमति सोलंकी। डी जे भारती ने फिल्म के सारे गीत कंपोज़ किये हैं।

Thursday, July 6, 2017

हिंदी फिल्म -- मॉम

हिंदी फिल्म -- मॉम 
रिलीज़ -- ७ जुलाई 
बैनर ---मैड फिल्म्स और थर्ड ऑय पिक्चर्स 
निर्माता -- बोनी कपूर,सुनील मनचंदा, नरेश अग्रवाल,मुकेश तलरेजा, गौतम जैन। 
निर्देशक --रवि उदयावर 
स्क्रीन प्ले -- गिरीश कोहली 
कहानी --  रवि उदयावर, गिरीश कोहली और कोना वेंकट राव.
कलाकार -- श्रीदेवी, अदनान सिद्दीकी, सजल अली, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और अक्षय खन्ना।   
संगीत -- ए आर रहमान। 
    
थ्रिलर फिल्म "मॉम " श्रीदेवी के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इस फिल्म के साथ ही श्रीदेवी फिल्मों में अपने ५० साल पूरे कर रही हैं।  तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी में करीब ३०० फिल्मों में अभिनय कर चुकी श्री देवी की यह फिल्म भी इन चारों भाषाओं में रिलीज़ हो रही है।  इस फिल्म "मॉम" के लिये श्रीदेवी  ने इन चारों भाषाओं में डबिंग भी की है।  थ्रिलर और ड्रामा फिल्म "मॉम" के निर्देशक हैं रवि उदयावर , जिनकी यह पहली फ़ीचर फिल्म है इससे पहले इन्होने कई विज्ञापन फ़िल्में बनायीं हैं। इसके अलावा रवि ने सिल्क रुट के लोकप्रिय गीत "डूबा डूबा" (बूँदें ) का म्यूजिक वीडियो भी बनाया था। फिल्म में दो पाकिस्तानी कलाकार अदनान सिद्दीकी और सजल अली के अलावा अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी  भी मुख्य भूमिकाओं में हैं.

 एक माँ और किशोर बेटी के रिश्तों के इर्द - गिर्द घूमती है  फिल्म "मॉम" की कहानी ---  देवकी ( श्रीदेवी ) अच्छी पत्नी और दो प्यारी बेटियों की माँ है. बहुत ही खुश है देवकी अपने पति ( अदनान सिद्दीकी ) युवा होती हुई बेटी आर्या (सजल अली ) और छोटी बेटी के साथ। देवकी को लगता है कि उसे उसकी जिंदगी सारी ख़ुशियाँ मिल गयी। जबकि दूसरी ओर आर्या भी बहुत ही भावुक लड़की है लेकिन वो देवकी के प्यार को दिल से स्वीकार नहीं करती। उसका कहना है कि एक बेटी माँ के जीवन में आती है जबकि बेटी के जीवन में उसकी माँ कभी भी नहीं आ सकती ।फिर भी देवकी आर्या के प्यार का इंतज़ार बहुत ही धैर्य के साथ करती है, क्योंकि उसका सोचना है कि एक माँ ही है संसार में जो अपने बच्चे की ख़ामोशी भी समझ लेती है। लेकिन तभी एक दुर्भाग्य पूर्ण घटना घटती है जिससे दोनों के बीच घटने की बजाय दूरियाँ और बढ़  जाती हैं। ऐसी परिस्थिति में  देवकी के सामने बहुत बड़ी चुनौती है यह जानने कि क्या गलत है और क्या सही है ? क्या वो सही रास्ता चुन पाती है ?
क्या एक माँ सब कुछ  छोड़ कर अपनी बेटी के प्यार के लिए लड़ती है ?  क्या देवकी आर्या के प्यार और विश्वास को  हासिल करने में कामयाब हो पाती है ?कैसे देवकी अपनी बेटी की राह की मुश्किलें दूर करती है ? 

Tuesday, July 4, 2017

संगीत निर्देशक विक्की प्रसाद ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ से ऊंचाई पर


विक्की प्रसाद, जो बक्सर, बिहार से हैं और पूर्वोत्तर से अपनी पढ़ाई पूरी की है, याद करते हैं कि उन्होंने तीन साल की उम्र में एक शिक्षक की फेयरवेल पार्टी में "चलते चलते मेरे यह गीत याद रखना" गाया था, जिसके लिए उन्हें एक पांच रुपए नोट भी  बख़्शीश में  मिला था। तब से उनकी संगीत यात्रा शुरू हुई और विक्की ड्रम बजाने लगे. विक्की  कीबोर्ड बजाना सीखना चाहते थे , लेकिन आर्थिक परिस्थिति अच्छी नहीं होने के कारण सीखना रह गया, जब वह चौथी कक्षा में थे  "मेरे परिवार को संगीत पसंद था और कई टेप कैसेट एकत्र किए थे। मैं गाने को बार-बार सुनता था, जब तक कि मैं ऊब नहीं जाता। मैं हमेशा कुछ नया सुनना चाहता था, लेकिन बाज़ार में गाने की अनुपलब्धता के कारण मुझे हमेशा इस स्थिति से समझौता करना पड़ा ", विक्की कहते हैं।

विक्की का कहना है कि वह बहुत कम उम्र से कविता लिखते थे। साल २००१ में जब वह कक्षा आठवीं कक्षा में थे, जब बाजार में कोई नया गीत सुनने के लिए नहीं था, एक आइडिया मेरे मन में आई कि खुद गाना लिखकर, उससे अपने ही स्वर में गाया जाए। "मैं बहुत खुश था और गाने को बार-बार गाता था। अगली सुबह जब मैं उठा, मैंने अपनी धुन याद रखने की कोशिश की, लेकिन मैं भूल गया। कई बार ऐसी चीजें मेरे साथ हुईं है। एक दिन हालांकि वह सांगीतिक रूप से प्रशिक्षित नहीं थे और न ही वाद्य रूप से, वह कुछ बांसुरी बजाते थे और "सरगम" में बांसुरी की मदद से अपनी धुन लिखने लगे थे। विक्की ने कुछ पैसे जमा करके एक वॉकमैन रिकॉर्डिंग बटन वाला खरीदा और अपनी आवाज रिकॉर्ड करना शुरु कर दिया और उसे सुनना शुरू किया।

विक्की ने संगीत सीखने की पूरी कोशिश की, लेकिन 12 वीं कक्षा तक की वित्तीय स्थिति में विफलता का सामना करना पड़ा और उत्तर दिशा में जाने का फैसला किया, जहां उन्होंने गिटार के अतिरिक्त संगीत की बुनियादी बातें सीखी और अंग्रेजी साहित्य और मनोविज्ञान में स्नातक अलग से किया। "साल २०१० में मैं पीजी डिप्लोमा (साउंड इंजीनियरिंग के साथ म्यूजिक प्रोडक्शन कोर्स) करने के लिए दिल्ली गया। एक साल डिप्लोमा करने के बाद फ्री - लान्स का काम करने लगा और फरवरी २०१२ में फेसबुक के माध्यम से कुछ संपर्क बनाने के बाद मुंबई आया। मैंने लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया और ३ महीने तक मीटिंग की, लेकिन वित्तीय संकट को महसूस करते हुए, उन्होंने जीने के लिए की नौकरी करने का फैसला किया। मैंने के एफ सी में डेढ़ महिना काम किया। यह मेरे लिए एक दुःस्वप्न जैसा था, क्योंकि मैंने कभी अपने पूरे जीवन में नौकरी करने के बारे में नहीं सोचा था। इसलिए मैंने अपना वेतन लेकर नौकरी छोड़ दी और अपने आप से वादा किया कि अगर मैं अपनी जिंदगी में एक रुपया भी कमाऊँगा तो वह संगीत से होगा "।

एक हफ्ते के भीतर, विक्की को म्यूजिक अरेंजर के रूप में पहला प्रोजेक्ट मिला। तब से उन्होंने विभिन्न उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन २०१३ से २०१४ तक का कालावधी बहुत ही कठोर था। यह कालावधी लगभग ४ साल का था, क्योंकि उसने अपनी मां और परिवार को नहीं देखा था और खुद को खाना खाने के लिए भी पैसे नहीं थे। रुम के लिए दिया हुआ डिपॉजिट के पैसे भी खत्म हुए थे, इसलिए उसने अपने घर जाने का फैसला किया और एक नई ऊर्जा के साथ मुंबई लौटने का फैसला किया, खास करके छोटे प्रोजेक्ट के लिए कई क्लाइंट बार-बार फोन करते थे, तब वह दूसरे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। सितंबर का माह था और वह कई छोटे प्रोजेक्ट पर काम कर था, लेकिन साल के आखिर में उसने जो काम किया था, उसमें से कुछ भी सम्मानित धन अर्जित नहीं हुआ था। साल खत्म होने वाला था, सिर्फ तीन महीने बचे रहे, तो मैंने सोचा था कि कुछ चमत्कार ही कुछ कर सकता है। जब उन्हें एहसास हुआ कि केवल एक चमत्कार कुछ भी कर सकता है, 4 अक्टूबर को उन्हें फ्राइडे फिल्म्स से एक कॉल आया और वहां के मनोज राजदूत ने उन्हें दिए गए पते पर आने के लिए कहा। "जब मुझे कुछ कर ने का मौका मिल गया, तो मैंने वादा किया था कि मैं अवसर को जाने नहीं दूँगा। भगवान की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद के साथ, मुझे यह मौका मिला, जो हर संघर्षरत संगीतकार का सपना"

Monday, July 3, 2017

अब अंकिता लोखंडे भी फिल्मों में

Displaying Ankita Lokhande  (1).jpg टीवी की जानी मानी अभिनेत्री अंकिता लोखंडे फिल्म ‘मणिकर्णिका क्वीन ऑफ झांसी’ से बॉलीवुड में शुरुआत करने जा रही हैइस फिल्म में अभिनेत्री कंगना रनौत मुख्य भूमिका में हैं और अंकिता इस फिल्म में झलकारी बाई का किरदार निभाएंगीमैंने पहले उनके बारे में कभी नहीं सुना थामैंने ही नहीं बहुत सारे लोगों ने नहीं सुना होगालेकिन झलकारी बाई हमें गौरवान्वित करने वाली नायिकाओं में से एक थींमैं बहुत ही सम्मानित महसूस कर रही हूं कि उनके बारे में दुनिया को उनकी कहानी बताने का मौका मिल रहा है.’ अंकिता ने बताया है कि इस फिल्म की शूटिंग वो अगस्त में शुरू करने वाली हैं.

मैदान ने क्यों कोई झंडे नहीं गाड़े समझ नहीं आया जबकि यह बेहतरीन फिल्म है

  कल  मैने प्राइम विडियो पर प्रसारित निर्देशक अमित रविंद्रनाथ शर्मा और अभिनेता अजय देवगन की फिल्म "मैदान" देखी। अजय देवगन की यह फि...